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बड़े भाई के साथ जुड़वा बहनों को नीट में सफलता
Mon, 19 Oct 2020 02:46 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 02:46 PM IST
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NEET Result
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के परिणाम के साथ शहर के त्रिवेणीपुरम झूंसी के रहने वाले देवेंद्र कुमार मिश्र के घर तिहरी खुशी आई। उनके तीन बच्चों को एक साथ नीट में सफलता मिली है। देवेंद्र मिश्र के बड़े बेटे सौरभ मिश्र के साथ उनकी जुड़वा बेटियों अर्चिता एवं तन्वी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अच्छी रैंक के साथ सफलता हासिल कर पूरे परिवार का मान बढ़ा दिया है। नीट में सौरभ को 720 में से 642 अंक के साथ ऑल इंडिया 5402 रैंक मिली है।
जुड़वा बहनों अर्चिता को परीक्षा में 635 अंक के साथ ऑल इंडिया 7334 रैंक और तन्वी को 629 अंक के साथ ऑल इंडिया 8793 रैंक मिली है। मूलरूप से जौनपुर के सुजानगंज क्षेत्र के दीक्षा गांव के रहने वाले देवेंद्र मिश्र के तीनों बच्चों ने 10वीं तक की पढ़ाई गांव के डॉ. रिजवी एकेडमी से पूरी करने के बाद बारहवीं की पढ़ाई सेंट्रल एकेडमी झूंसी से पूरी की। सौरभ ने बताया कि 2017 में बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद से वह लगातार मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में लगे थे, अब एक साथ सफलता मिली।
जुड़वा बहनों ने बारहवीं की परीक्षा सेंट्रल एकेडमी झूंसी से पूरी करने के बाद बड़े भाई के साथ कोचिंग में प्रवेश लेकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की। अर्चिता एवं तन्वी का कहना है कि उन लोगों को तैयारी में बड़े भाई से खूब मदद मिली। उनके पिता देवेंद्र मिश्र जो स्वयं एक फार्मा कंपनी में एरिया मैनेजर हैं, उन्होंने बच्चों को पढ़ाई करने की पूरी छूट दी। आरंभिक दौर में असफलता के बाद भी वह बच्चों को प्रेरित करते रहे। मां मंजू मिश्रा गृहणि हैं, वह बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव छोड़कर शहर आ गईं।
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अंकुश आनंद को नीट में 1941 ऑल इंडिया रैंक
प्रयागराज। शहर के एमवी कान्वेंट स्कूल से बारहवीं की परीक्षा पास करने वाले अंकुश आनंद को मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में 1941 ऑल इंडिया रैंक मिली है। अंकुश को परीक्षा में 720 अंक में 662 अंक के साथ 593 कटेगरी रैक मिली है। अंकुश के पिता जेके सिंह एनसीआर में लोको पायलट के पद पर कार्यरत हैं।
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जुड़वा बहनों अर्चिता को परीक्षा में 635 अंक के साथ ऑल इंडिया 7334 रैंक और तन्वी को 629 अंक के साथ ऑल इंडिया 8793 रैंक मिली है। मूलरूप से जौनपुर के सुजानगंज क्षेत्र के दीक्षा गांव के रहने वाले देवेंद्र मिश्र के तीनों बच्चों ने 10वीं तक की पढ़ाई गांव के डॉ. रिजवी एकेडमी से पूरी करने के बाद बारहवीं की पढ़ाई सेंट्रल एकेडमी झूंसी से पूरी की। सौरभ ने बताया कि 2017 में बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद से वह लगातार मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में लगे थे, अब एक साथ सफलता मिली।
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जुड़वा बहनों ने बारहवीं की परीक्षा सेंट्रल एकेडमी झूंसी से पूरी करने के बाद बड़े भाई के साथ कोचिंग में प्रवेश लेकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की। अर्चिता एवं तन्वी का कहना है कि उन लोगों को तैयारी में बड़े भाई से खूब मदद मिली। उनके पिता देवेंद्र मिश्र जो स्वयं एक फार्मा कंपनी में एरिया मैनेजर हैं, उन्होंने बच्चों को पढ़ाई करने की पूरी छूट दी। आरंभिक दौर में असफलता के बाद भी वह बच्चों को प्रेरित करते रहे। मां मंजू मिश्रा गृहणि हैं, वह बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव छोड़कर शहर आ गईं।
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अंकुश आनंद को नीट में 1941 ऑल इंडिया रैंक
प्रयागराज। शहर के एमवी कान्वेंट स्कूल से बारहवीं की परीक्षा पास करने वाले अंकुश आनंद को मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में 1941 ऑल इंडिया रैंक मिली है। अंकुश को परीक्षा में 720 अंक में 662 अंक के साथ 593 कटेगरी रैक मिली है। अंकुश के पिता जेके सिंह एनसीआर में लोको पायलट के पद पर कार्यरत हैं।