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अशासकीय माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण में हर कदम पर परेशानी

Fri, 13 Dec 2019 01:06 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 01:06 AM IST
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Trouble at every step in transfer of private secondary teachers
प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तबादले को लेकर शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को शासन की ओर से ठंडे बस्ते में डाले जाने से शिक्षक परेशान हैं। लंबे से स्थानांतरण की मांग कर रहे माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण के शासन की ओर से स्थानांतरण नीति तय होने के बाद भी प्रदेश भर के शिक्षकों के स्थानांतरण का डाटा तैयार नहीं किया। शिक्षकों और विद्यालयों का डाटा तैयार नहीं होने और स्थानांतरण के लिए साफ्टवेयर नहीं बनाए जाने से एक फरवरी 2020 से शुरू होने वाली स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो गया है।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि प्रदेश सरकार लंबे अर्से से घरों से दूर नौकरी कर रहे शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए नीति तो तय कर दी परंतु ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल अथवा साफ्टवेयर तैयार नहीं किए जाने से स्थानांतरण प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। उनका कहना है कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, जीआईसी शिक्षकों एवं उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के लिए सरकार ने ऑनलाइन स्थानांतरण की व्यवस्था है परंतु सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए नौ चरणों से गुजरने वाली स्थानांतरण की जटिल प्रक्रिया है।
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शिक्षक नेता ने आरोप लगाया कि यदि कोई शिक्षक एक संस्था से दूसरे में स्थानांतरण चाहता है तो उसे दोनों संस्थाओं के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों के जिला विद्यालय निरीक्षकों, दोनो मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक और नौवें पायदान पर शिक्षा निदेशालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। 14 जून 2019 को जारी शासनादेश में सरकार ने स्थानांतरण की पुरानी प्रक्रिया को जारी रखते हुए आफलाइन के साथ ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी। संघ के महामंत्री ने सवाल उठाया है कि आखिर में सरकार डेढ़ महीने में कैसे प्रदेश भर के विद्यालयों के शिक्षकों का डाटा जुटाकर साफ्टवेयर तैयार करेगा। उनका कहना है कि नई स्थानांतरण नीति में चयन बोर्ड से अधियाचित हो चुके शिक्षकों के पदों पर स्थानांतरण नहीं होगा। उनका कहना है कि चयन बोर्ड के पास 31 मार्च 2020 तक अवकाश ग्रहण करने वाले शिक्षकों के पदों का अधियाचन आ चुका है, ऐसे में स्थानांतरण व्यवस्था कैसे लागू होगी।
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