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अब की कोहरे में कम निरस्त होंगी ट्रेनें
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 16 Nov 2016 02:17 AM IST
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ट्रेन
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इस बार ठंड के दौरान निरस्त होने वाली ट्रेनों की संख्या में कमी आ सकती है। यात्री सुविधा के मद्देनजर रेलवे कोहरे के दौरान हर साल निरस्त की जाने वाली ट्रेनों की बजाय उनके फेरे कम करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए रेनचे के सभी जोनल कार्यालय से उन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के आंकड़े तलब किए गए हैं, जो कोहरे के दौरान एक निश्चित समयावधि के लिए निरस्त की जाती हैं। बोर्ड की मंशा है कि कोहरे के दौरान कम से कम ट्रेनें निरस्त की जाएं, जबकि एनसीआर प्रशासन इस सीजन में कुछ ट्रेनों को पूर्ण रूप से निरस्त करवाना चाह रहा है।
बता दें कि रेलवे द्वारा हर साल कोहरे के दौरान नए साल की शुरुआत से 20 फरवरी तक की अवधि के लिए तमाम ट्रेनों को पूर्ण रूप से निरस्त कर देता है। कुछ ट्रेनें आंशिक रूप से भी निरस्त की जाती हैं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी होती है। यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए पिछले साल रेलवे ने एक नया प्रयोग किया था। इसके तहत ट्रेनों को पूर्ण रूप से निरस्त करने की बजाय रेलवे ने उनके कुछ फेरे निरस्त किए। इससे यात्रियों को भी असुविधा कम हुई।
हालांकि पिछले साल कोहरा कम पड़ा तो जिन ट्रेनों के फेरे निरस्त किए गए थे, उन्हें वापस रेलवे द्वारा नियमित कर दिया गया। पिछले साल जैसी ही व्यवस्था इस साल भी रेलवे कर सकता है। इसे लेकर रेलवे बोर्ड स्तर पर कई दिनों से मंथन चल रहा है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन इलाहाबाद के अफसरों से भी बोर्ड ने तमाम आंकड़े तलब किए हैं। चर्चा है कि बोर्ड पिछले साल वाली ही व्यवस्था इस साल एक बार फिर से लागू कर सकता है। यानी की अगर इलाहाबाद से चंडीगढ़ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस जो प्रतिदिन चलती है तो उसे पूर्ण रूप से निरस्त करने के बजाय सप्ताह में पांच से छह दिन चलाया जाए। सूत्रों की मानें तो अगले सप्ताह बोर्ड द्वारा संबंधित ट्रेनों की सूची जारी की जा सकती है। इसमें से बहुत सी ट्रेनें ऐसी है जों एनसीआर के इलाहाबाद, कानपुर, आगरा, झांसी, मथुरा, ग्वालियर, अलीगढ़ आदि स्टेशनों से होकर गुजरती है।
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बता दें कि रेलवे द्वारा हर साल कोहरे के दौरान नए साल की शुरुआत से 20 फरवरी तक की अवधि के लिए तमाम ट्रेनों को पूर्ण रूप से निरस्त कर देता है। कुछ ट्रेनें आंशिक रूप से भी निरस्त की जाती हैं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी होती है। यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए पिछले साल रेलवे ने एक नया प्रयोग किया था। इसके तहत ट्रेनों को पूर्ण रूप से निरस्त करने की बजाय रेलवे ने उनके कुछ फेरे निरस्त किए। इससे यात्रियों को भी असुविधा कम हुई।
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हालांकि पिछले साल कोहरा कम पड़ा तो जिन ट्रेनों के फेरे निरस्त किए गए थे, उन्हें वापस रेलवे द्वारा नियमित कर दिया गया। पिछले साल जैसी ही व्यवस्था इस साल भी रेलवे कर सकता है। इसे लेकर रेलवे बोर्ड स्तर पर कई दिनों से मंथन चल रहा है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन इलाहाबाद के अफसरों से भी बोर्ड ने तमाम आंकड़े तलब किए हैं। चर्चा है कि बोर्ड पिछले साल वाली ही व्यवस्था इस साल एक बार फिर से लागू कर सकता है। यानी की अगर इलाहाबाद से चंडीगढ़ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस जो प्रतिदिन चलती है तो उसे पूर्ण रूप से निरस्त करने के बजाय सप्ताह में पांच से छह दिन चलाया जाए। सूत्रों की मानें तो अगले सप्ताह बोर्ड द्वारा संबंधित ट्रेनों की सूची जारी की जा सकती है। इसमें से बहुत सी ट्रेनें ऐसी है जों एनसीआर के इलाहाबाद, कानपुर, आगरा, झांसी, मथुरा, ग्वालियर, अलीगढ़ आदि स्टेशनों से होकर गुजरती है।
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