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तीस हजारी की घटना के विरोध में वकीलों ने निकाला मार्च
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Tis Hazari court incident
- फोटो : CITY DESK
तीस हजारी कोर्ट की घटना का
विरोध, वकीलों ने निकाला मार्च
पुलिस पर साधा निशाना, प्रभावित अधिवक्ताओं को दस लाख रुपये देने की मांग
हाईकोर्ट, कचहरी, कैट, राजस्व परिषद सहित सभी अधिकरणों में नहीं हुआ कार्य
प्रयागराज। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प के विरोध में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान हाईकोर्ट, जिला न्यायालय, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, राजस्व परिषद सहित सभी अधिकरणों में वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। हाईकोर्ट और कचहरी के वकीलों ने अलग-अलग मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया और सात सूत्रीय मांगों को ज्ञापन सौंपा।
हाईकोर्ट पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व बार कौंसिल के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह और हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने किया। अधिवक्ता गेट संख्या तीन पर एकत्र हुए एक सभा कर तीस हजारी कोर्ट में हुई घटना की निंदा की। वकीलों ने पुलिस के रवैये की निंदा की और बार कौंसिल की मांगों का समर्थन किया। वकीलों ने दिल्ली की घटना में पुलिस फायरिंग में घायल वकीलों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दिए जाने, प्रदेश में जिन अधिवक्ताओं की गत दिनों हत्या हुई, उनके हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी, दंडित कराने तथा 20 लाख रुपये मुआवजा देने, साथ ही अधिवक्ता कल्याण निधि के तहत मृतक वकीलों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को अविलंब मुक्त करने की मांग की है। इसी क्रम में नए वकीलों को प्रोत्साहन भत्ता देने और अधिवक्ता भविष्य निधि की राशि पांच लाख रुपये करने, न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों के असलहा लेकर प्रवेश पर रोक और वकीलों की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की गई है।
प्रदर्शन और सभा में बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र गांधी, वीएन उपाध्याय, श्रीकांत केसरवानी, अजीत यादव, सौरभ तिवारी, महासचिव जेबी सिंह, प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश कुमार दुबे, नीलम शुक्ला, सुरेद्र नाथ मिश्र के अलावा कार्यकारिणी के सभी सदस्यों के अलावा पूर्व अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी, अमरेंद्र नाथ सिंह, अशोक कुमार सिंह, प्रभाशंकर तिवारी, पूर्व संयुक्त सचिव अजय कुमार मिश्र, प्रशांत सिंह रिंकू सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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हाईकोर्ट लोक अदालत में 109 मुकदमों का निस्तारण
प्रयागराज। हाईकोर्ट में शुक्रवार को आयोजित लोक अदालत में कुल 109 मुकदमों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। इसमें पक्षकारों को 3,44,04,267 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। लोक अदालत का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा समिति के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के निर्देशन में हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति द्वारा किया गया। समिति के सचिव निरंजन चंद्र पांडेय ने यह जानकारी दी है।
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विरोध, वकीलों ने निकाला मार्च
पुलिस पर साधा निशाना, प्रभावित अधिवक्ताओं को दस लाख रुपये देने की मांग
हाईकोर्ट, कचहरी, कैट, राजस्व परिषद सहित सभी अधिकरणों में नहीं हुआ कार्य
प्रयागराज। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प के विरोध में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान हाईकोर्ट, जिला न्यायालय, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, राजस्व परिषद सहित सभी अधिकरणों में वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। हाईकोर्ट और कचहरी के वकीलों ने अलग-अलग मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया और सात सूत्रीय मांगों को ज्ञापन सौंपा।
हाईकोर्ट पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व बार कौंसिल के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह और हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने किया। अधिवक्ता गेट संख्या तीन पर एकत्र हुए एक सभा कर तीस हजारी कोर्ट में हुई घटना की निंदा की। वकीलों ने पुलिस के रवैये की निंदा की और बार कौंसिल की मांगों का समर्थन किया। वकीलों ने दिल्ली की घटना में पुलिस फायरिंग में घायल वकीलों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दिए जाने, प्रदेश में जिन अधिवक्ताओं की गत दिनों हत्या हुई, उनके हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी, दंडित कराने तथा 20 लाख रुपये मुआवजा देने, साथ ही अधिवक्ता कल्याण निधि के तहत मृतक वकीलों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को अविलंब मुक्त करने की मांग की है। इसी क्रम में नए वकीलों को प्रोत्साहन भत्ता देने और अधिवक्ता भविष्य निधि की राशि पांच लाख रुपये करने, न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों के असलहा लेकर प्रवेश पर रोक और वकीलों की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की गई है।
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प्रदर्शन और सभा में बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र गांधी, वीएन उपाध्याय, श्रीकांत केसरवानी, अजीत यादव, सौरभ तिवारी, महासचिव जेबी सिंह, प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश कुमार दुबे, नीलम शुक्ला, सुरेद्र नाथ मिश्र के अलावा कार्यकारिणी के सभी सदस्यों के अलावा पूर्व अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी, अमरेंद्र नाथ सिंह, अशोक कुमार सिंह, प्रभाशंकर तिवारी, पूर्व संयुक्त सचिव अजय कुमार मिश्र, प्रशांत सिंह रिंकू सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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हाईकोर्ट लोक अदालत में 109 मुकदमों का निस्तारण
प्रयागराज। हाईकोर्ट में शुक्रवार को आयोजित लोक अदालत में कुल 109 मुकदमों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। इसमें पक्षकारों को 3,44,04,267 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। लोक अदालत का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा समिति के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के निर्देशन में हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति द्वारा किया गया। समिति के सचिव निरंजन चंद्र पांडेय ने यह जानकारी दी है।