{"_id":"58dc1a034f1c1b841663de25","slug":"three-suspects-found-in-hotel-before-tour-of-pm","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री के दौरे से पहले होटल में मिले तीन संदिग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले होटल में मिले तीन संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 30 Mar 2017 02:10 AM IST
विज्ञापन
woman arrested
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले बुधवार दोपहर जंक्शन स्टेशन के निकट एक होटल से तीन संदिग्ध लोगों को शाहगंज पुलिस ने पकड़ लिया। खुफिया इनपुट के आधार पर पकड़े गए इन तीन लोगों से आधी रात तक पूछताछ होती रही। उनके नाम-पते और गतिविधियों के बारे में पड़ताल की जाती रही। बयान की तस्दीक के लिए आईबी, एलआईयू और पुलिस टीम रात तक काम करती रही। अमेठी, सुल्तानपुर, वाराणसी पुलिस से भी उनके बारे में जानकारी मांगी गई है।
पीएम के दौरे के चलते पिछले कई रोज से पुलिस और खुफिया शाखाएं सतर्क हैं। मंगलवार दोपहर शाहगंज पुलिस को एलआईयू से सूचना मिली कि श्री बाला जी होटल में बाहर से आकर ठहरे तीन लोग संदिग्ध हैं। पुलिस ने होटल में छापा मारकर उन तोनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी में कपड़े, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और पैसे मिले। पुलिस ने बाथरूम की भी तलाशी ली क्योंकि शक था कि उन्होंने हथियार या कुछ और छिपाकर न रखा हो। फिर उन्हें थाने ले जाया गया जहां एलआईयू और आईबी के अफसरों ने भी पूछताछ की। उनमें एक व्यक्ति ने अपना नाम मोहम्मद कासिम पुत्र मोहम्मद युनूस निवासी आजाद नगर थाना कोतवाली नगर रायबरेली और दूसरे ने नाम मोहम्मद इखलाक पुत्र अब्दुल लतीफ पता गांव सिधियावां थाना जगदीशपुर जिला अमेठी बताया। तीसरा व्यक्ति हेमंत प्रकाश गुप्ता पुत्र दुर्गा प्रसाद गुप्ता वाराणसी में चेतगंज इलाके के शेखपुरा का रहने वाला है।
कासिम और इखलाक ने कहा कि वे प्रापर्टी के धंधे से जुड़े हैं जबकि हेमंत ने खुद को इलेक्ट्रानिक तराजू का मिस्त्री बताया। कासिम और इखलाक ने कहा कि वे प्रापर्टी और ट्रांसपोर्ट (ऑटोमोबाइल) के व्यवसायी में साझेदारी के लिए करेली में रहने वाले गुलाम नबी अहमद उर्फ हाफिज से मिलने के लिए मंगलवार सुबह करीब आठ बजे फोर व्हीलर (टीयूवी) से इलाहाबाद आकर श्री बाला जी होटल में ठहरे। उनके साथ वाराणसी का संतोष केशरी भी आया था जो उन्हें छोड़कर गाड़ी लेकर चला गया। गाड़ी अमेठी में जगदीशपुर के दानिश की है। यहां आने के बाद उन तीनों की करेली के हाफिज से दो बार मुलाकात हुई। साथ में खाना भी खाया। नाम-पते का सत्यापन करने के बावजूद खुफिया शाखाएं उनकी गतिविधियों और इलाहाबाद आने के इरादे को लेकर संतुष्ट नहीं थीं इस वजह से जांच होती रही। उनके गृह जनपद की पुलिस से जानकारी ली जा रही है कि उन तीनों का आपराधिक इतिहास तो नहीं। सीओ प्रथम रूपेश सिंह के मुताबिक, फिलहाल उनके खिलाफ कुछ ठोस सुबूत नहीं मिले हैं लेकिन छानबीन जारी है। कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है।
विज्ञापन
पूछताछ में पता चला कि ये तीनों ही कम पढ़-लिखे हैं मगर उन तीनों ने बयान में पुलिस को उलझा दिया। होटल के रजिस्टर में इलाहाबाद आने का उद्देश्य हाईकोर्ट लिखा था लेकिन पूछने पर बताया कि हाईकोर्ट नहीं बल्कि कारोबार के सिलसिले में आए हैं। कारोबार के बारे में भी साफतौर पर नहीं बता सके। उनमें 37 वर्षीय इखलाक ने सुल्तानपुर में जीआईसी से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है। वह दो भाइयों में बड़ा है। दूसरा भाई शहीम अहमद उर्फ सोनू है। पिता अब्दुल लतीफ पहले ड्राइवर थे। अब घर पर ही रहते हैं। दूसरा युवक 33 वर्षीय कासिम सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा है। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर है। तीन भाई नाजिम, हाशिम और वसीम सऊदी अरब में रहते हैं। सबसे छोटा मोहम्मद शमीम इंटर कर चुका है। तीसरे संदिग्ध हेमंत प्रकाश गुप्ता भी महज हाईस्कूल तक तक पढ़ा है। वह बाकी दोनों युवकों से उम्र में बड़ा है। चार भाइयों में दूसरे नंबर के हेमंत ने बताया कि उसे वाराणसी से उसका परिचित संतोष साथ लाया था। वह उसे इन दोनों के साथ छोड़कर चला गया। संतोष ने उससे कहा था कि उसे बढ़िया काम दिलाएगा। मगर कौन सा काम उसे दिलाने के लिए कहा था, इस बारे में भी हेमंत नहीं बता सका।
21 मार्च को भी आए थे वे शहर
-खुफिया शाखाओं की पूछताछ में पता चला कि कासिम और इखलाक 21 मार्च को भी आकर होटल में ठहरे थे। उनका कहना है कि तब भी वे कारोबार के सिलसिले में हाफिज से ही मिलने आए थे। उन दोनों के मोबाइल के एसएमएस से पता चला कि कासिम और इखलाक ने अपने बैंक खाते से हाफिज के खाते में 18 मार्च को तीन लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसका कारण भी कारोबार बताया। पुलिस ने करेली के हाफिज को भी बुलाकर पूछताछ की। उसकी जांच हो रही है।
00000
‘पीएम के दौरे की वजह से होटलों की एहतियातन चेकिंग के दौरान बुधवार को श्री बाला जी होटल के कमरे में ठहरे इन तीन लोगों पर शक गहराया। उनके बयान में विरोधाभास था इसलिए उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ और छानबीन की जा रही है।’
-संजीव देशवाल, सीओ एलआईयू
विज्ञापन
पीएम के दौरे के चलते पिछले कई रोज से पुलिस और खुफिया शाखाएं सतर्क हैं। मंगलवार दोपहर शाहगंज पुलिस को एलआईयू से सूचना मिली कि श्री बाला जी होटल में बाहर से आकर ठहरे तीन लोग संदिग्ध हैं। पुलिस ने होटल में छापा मारकर उन तोनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी में कपड़े, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और पैसे मिले। पुलिस ने बाथरूम की भी तलाशी ली क्योंकि शक था कि उन्होंने हथियार या कुछ और छिपाकर न रखा हो। फिर उन्हें थाने ले जाया गया जहां एलआईयू और आईबी के अफसरों ने भी पूछताछ की। उनमें एक व्यक्ति ने अपना नाम मोहम्मद कासिम पुत्र मोहम्मद युनूस निवासी आजाद नगर थाना कोतवाली नगर रायबरेली और दूसरे ने नाम मोहम्मद इखलाक पुत्र अब्दुल लतीफ पता गांव सिधियावां थाना जगदीशपुर जिला अमेठी बताया। तीसरा व्यक्ति हेमंत प्रकाश गुप्ता पुत्र दुर्गा प्रसाद गुप्ता वाराणसी में चेतगंज इलाके के शेखपुरा का रहने वाला है।
विज्ञापन
कासिम और इखलाक ने कहा कि वे प्रापर्टी के धंधे से जुड़े हैं जबकि हेमंत ने खुद को इलेक्ट्रानिक तराजू का मिस्त्री बताया। कासिम और इखलाक ने कहा कि वे प्रापर्टी और ट्रांसपोर्ट (ऑटोमोबाइल) के व्यवसायी में साझेदारी के लिए करेली में रहने वाले गुलाम नबी अहमद उर्फ हाफिज से मिलने के लिए मंगलवार सुबह करीब आठ बजे फोर व्हीलर (टीयूवी) से इलाहाबाद आकर श्री बाला जी होटल में ठहरे। उनके साथ वाराणसी का संतोष केशरी भी आया था जो उन्हें छोड़कर गाड़ी लेकर चला गया। गाड़ी अमेठी में जगदीशपुर के दानिश की है। यहां आने के बाद उन तीनों की करेली के हाफिज से दो बार मुलाकात हुई। साथ में खाना भी खाया। नाम-पते का सत्यापन करने के बावजूद खुफिया शाखाएं उनकी गतिविधियों और इलाहाबाद आने के इरादे को लेकर संतुष्ट नहीं थीं इस वजह से जांच होती रही। उनके गृह जनपद की पुलिस से जानकारी ली जा रही है कि उन तीनों का आपराधिक इतिहास तो नहीं। सीओ प्रथम रूपेश सिंह के मुताबिक, फिलहाल उनके खिलाफ कुछ ठोस सुबूत नहीं मिले हैं लेकिन छानबीन जारी है। कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है।
विज्ञापन
पूछताछ में पता चला कि ये तीनों ही कम पढ़-लिखे हैं मगर उन तीनों ने बयान में पुलिस को उलझा दिया। होटल के रजिस्टर में इलाहाबाद आने का उद्देश्य हाईकोर्ट लिखा था लेकिन पूछने पर बताया कि हाईकोर्ट नहीं बल्कि कारोबार के सिलसिले में आए हैं। कारोबार के बारे में भी साफतौर पर नहीं बता सके। उनमें 37 वर्षीय इखलाक ने सुल्तानपुर में जीआईसी से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है। वह दो भाइयों में बड़ा है। दूसरा भाई शहीम अहमद उर्फ सोनू है। पिता अब्दुल लतीफ पहले ड्राइवर थे। अब घर पर ही रहते हैं। दूसरा युवक 33 वर्षीय कासिम सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा है। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर है। तीन भाई नाजिम, हाशिम और वसीम सऊदी अरब में रहते हैं। सबसे छोटा मोहम्मद शमीम इंटर कर चुका है। तीसरे संदिग्ध हेमंत प्रकाश गुप्ता भी महज हाईस्कूल तक तक पढ़ा है। वह बाकी दोनों युवकों से उम्र में बड़ा है। चार भाइयों में दूसरे नंबर के हेमंत ने बताया कि उसे वाराणसी से उसका परिचित संतोष साथ लाया था। वह उसे इन दोनों के साथ छोड़कर चला गया। संतोष ने उससे कहा था कि उसे बढ़िया काम दिलाएगा। मगर कौन सा काम उसे दिलाने के लिए कहा था, इस बारे में भी हेमंत नहीं बता सका।
21 मार्च को भी आए थे वे शहर
-खुफिया शाखाओं की पूछताछ में पता चला कि कासिम और इखलाक 21 मार्च को भी आकर होटल में ठहरे थे। उनका कहना है कि तब भी वे कारोबार के सिलसिले में हाफिज से ही मिलने आए थे। उन दोनों के मोबाइल के एसएमएस से पता चला कि कासिम और इखलाक ने अपने बैंक खाते से हाफिज के खाते में 18 मार्च को तीन लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसका कारण भी कारोबार बताया। पुलिस ने करेली के हाफिज को भी बुलाकर पूछताछ की। उसकी जांच हो रही है।
00000
‘पीएम के दौरे की वजह से होटलों की एहतियातन चेकिंग के दौरान बुधवार को श्री बाला जी होटल के कमरे में ठहरे इन तीन लोगों पर शक गहराया। उनके बयान में विरोधाभास था इसलिए उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ और छानबीन की जा रही है।’
-संजीव देशवाल, सीओ एलआईयू