कांग्रेस नेता अकरम हत्याकांड में तीन नामजद, कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार
झूंसी के कनिहार गांव में मंगलवार की रात यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी मो. अकरम की हत्या में उसके मामा मो. रईस उर्फ पिंटू, ममेरे भाई अयान और करिया बिंद को नामजद किया गया है। इसके अलावा चार अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगाई गई हैं। क्राइम ब्रांच भी आरोपियों की तलाश में लगी है। बुधवार को कड़ी सुरक्षा में अकरम के शव को सुपुर्दे खाक किया गया।
कनिहार गांव निवासी मो. अकरम फूलपुर लोकसभा क्षेत्र इकाई का उपाध्यक्ष था। मंगलवार की रात वह अपने भाई गुलजार के साथ कहीं गया था। रात में करीब 11 बजे घर वापस लौटते समय मस्जिद के पास हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर अकरम की हत्या कर दी। गुलजार ने आज रिपोर्ट दर्ज कराई। एफआईआर के मुताबिक उसके मामा मो. रईस का अकरम से एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रईस ने उसके ऊपर पहले भी हमला कराया था। रात में रईस, उसका बेटा अयान और करिया बिंद व चार अन्य अज्ञात लोगों ने घेरकर अकरम को मार दिया था। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। सभी फरार हो गए थे।
मौके पर पहुंचे डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाई हैं। दो टीमों को बाहर भी भेजा गया है। रईस के कई करीबी रिश्तेदारों को भी पकड़कर पूछताछ हो रही है। संभावित ठिकानों के बारे में पता लगाया जा रहा है। कुछ नंबरों को सर्विलांस पर भी लगाया गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को सुपुर्दे खाक किया गया। इस दौरान फोर्स तैनात रही। अकरम के घर पर भी दिन भर फोर्स तैनात रही। पुलिस ने रईस के पक्ष से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। इसे लेकर भी थाने पर लोग आक्रोशित होकर पहुंच गए थे। उनका कहना था कि गलत लोगों को उठाया गया। पुलिस ने जब ताया कि उनसे पूछताछ की जा रही है। तब ग्रामीण शांत हुए।
यूथ कांग्रेस के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अकरम सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव था। करीब डेढ़ महीने पहले उसपर अयान और करिया ने जानलेवा हमला किया था। बाद में पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा हटा ली थी। अकरम ने सोशल मीडिया पर पुलिस की शिकायत करते हुए पोस्ट डाली थी। पोस्ट पर जिले में बहुत प्रतिक्रिया हुई थी।
हत्यारोपी ने लाइसेंसी बंदूक जमा की थी थाने में
प्रयागराज। हत्यारोपी मो. रईस के पास लाइसेंसी बंदूक है। पुलिस का कहना है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने उसकी बंदूक थाने में जमा करा ली थी। उसकी बंदूक थाने पर ही जमा है।
आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। कई टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं। क्राइम ब्रांच भी तलाश में लगी हैं। पता चला है कि अकरम के खिलाफ भी तीन मुकदमे दर्ज थे। धवल जायसवाल, एसपी गंगापार।