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Prayagraj News: तीन दिन, चार थाने... फिर भी हरिओम को पहचान न सकी पुलिस

Sun, 19 Jul 2026 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Sun, 19 Jul 2026 02:14 AM IST
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Three days, four police stations... yet the police could not identify Hariom.
मोर्चरी में तीन दिन तक शव पड़ा रहा। चार थानों तक शिकायत हो चुकी थी। लेकिन, पुलिस एलनगंज स्थित शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हरिओम (59) के शव की पहचान नहीं कर सकी। गनीमत रही कि लावारिस समझ शव का अंतिम संस्कार किया जाता इसके पहले ही उनके बेटे ने शव की शिनाख्त कर ली।
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हरिओम मेजा थाना क्षेत्र के औंता अतरौला गांव के रहने वाले थे। उनके बेटे आकाश के मुताबिक वह शराब के आदी थे। कई बार वह कई दिनों बाद घर लौटते थे। मंगलवार को एलनगंज कार्यालय से निकलने के बाद वह लापता हो गए। परिवार ने काफी तलाश की लेकिन पता नहीं चला। 16 जुलाई को नैनी थाने में सूचना दी गई। एलनगंज क्षेत्र होने के कारण कर्नलगंज भेजा गया। फिर दारागंज और अंत में कीडगंज थाने भेज दिया गया।
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कीडगंज थाने में पुलिस ने लावारिस शवों की तस्वीरें दिखाईं तो एक फोटो देखते ही आकाश फफक पड़ा। वह उसके पिता हरिओम का था। पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम तिनकोनिया पार्क तिराहे के पास हरिओम अचेत मिले थे। उन्हें एसआरएन अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव तीन दिन तक शिनाख्त के इंतजार में मोर्चरी में रखा रहा लेकिन पहचान नहीं हो सकी। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते थानों के बीच समन्वय होता और गुमशुदगी की सूचना का मिलान कराया जाता तो शव की पहचान पहले ही हो सकती थी।
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हर महीने 80 से 90 लावारिस शव, पहचान अब भी बड़ी चुनौती
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हर महीने औसतन 80 से 90 लावारिस शव मिलते हैं। इनमें सबसे अधिक मामले कीडगंज, कोतवाली, शाहगंज, खुल्दाबाद, कैंट, धूमनगंज और दारागंज थाना क्षेत्रों से सामने आते हैं। पुलिस के सामने इन शवों की समय पर शिनाख्त कराना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

थाना औसतन लावारिस शव (प्रतिमाह)

कीडगंज 16
कोतवाली 14
शाहगंज 12
खुल्दाबाद 11
कैंट 10
धूमनगंज 09
दारागंज 08
अन्य थाने 10
कुल (औसत) 90
लावारिस शवों को तीन दिन तक रख मोर्चरी हाउस में रख कर पहचान कराने का प्रावधान है। मृतक के गायब होने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी थी। इस कारण शव को मोर्चरी हाउस में रखा गया था। पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराते हुए परिजनों को शव सौंप दिया गया है। मामले में जांच कराई जा रही है। -मनीष शांडिल्य, डीसीपी नगर
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