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संगम पर पुल का शिलान्यास इसी माह
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 06 Jan 2015 11:38 PM IST
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संगम पर प्रस्तावित फोरलेन पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। नैनी से झूंसी को जोड़ने वाले इस पुल का निर्माण जल्द शुरू होगा। जल निगम की कंस्ट्रक्शन एेंड डिजाइन सर्विस (सीएेंडडीएस) के परियोजना प्रबंधक (पीएम) ने मंगलवार को पुल, बांध और उसके साथ लगने वाली लिफ्ट के लिए 975 करोड़ रुपये का स्टीमेट शासन को सौंप दिया। जनवरी के अंत में पुल के शिलान्यास की संभावना है।
सीऐंडडीएस ने नैनी में महेश योगी आश्रम से गंगा के ऊपर होकर झूंसी में नवाज शरीफ की मजार तक डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल की योजना बनाई है लेकिन संगम पर एलीवेटेड पुल के निर्माण में उल्टा किला बाधक बन रहा था। सीएेंडडीएस की ओर से तैयार की गई डिजाइन में झूंसी में नवाज शरीफ की मजार से उल्टा किला होकर गंगा के किनारे-किनारे झूंसी पुल तक पिलर और उसके ऊपर सड़क बनाकर 10 लिफ्ट लगाने की योजना बनाई थी। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग ने उल्टा किला के बगल से पिलर निर्माण पर यह कह कर आपत्ति जताई थी कि ऐतिहासिक स्थल के सौ मीटर के दायर में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक है।
इसके बाद सीएेंडडीएस ने पुल की डिजाइन में आंशिक संशोधन कर दिया। अब पिलर के स्थान पर बांध बनाया जाएगा, जो नवाज शरीफ की मजार से गंगा के किनारे-किनारे होकर झूंसी पुल पर आकर मिलेगा। इसके ऊपर सड़क बनाई जाएगी। साथ ही 10 लिफ्ट लगाई जाएंगी। इन्हीं लिफ्ट के जरिए श्रद्धालु सीधे संगम पर उतर कर डुबकी लगाएंगे। सीएेंडडीएस के पीएम कैलाश सिंह ने मंगलवार को पुल, बांध और लिफ्ट के निर्माण के लिए कुल 975 करोड़ रुपये का स्टीमेट शासन को सौंप दिया। इस दौरान उन्होंने डिजाइन में परिवर्तन के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी। उन्होंनेबताया कि पुल के निर्माण में उल्टा किला बाधा नहीं बनेगा। गंगा के किनारे-किनारे बांध बनाने से उल्टा किला सुरक्षित हो जाएगा। बांध के ऊपर सड़क बनाई जाएगी। संशोधित डिजाइन में पुरातात्विक विभाग को आपत्ति नहीं है। बताया कि अगले कुछ दिनों में स्टीमेट की जांच होगी। इसके बाद टेंडर निकाला जाएगा। जनवरी के अंत में इसके शिलान्यास की संभावना है।
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सीऐंडडीएस ने नैनी में महेश योगी आश्रम से गंगा के ऊपर होकर झूंसी में नवाज शरीफ की मजार तक डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल की योजना बनाई है लेकिन संगम पर एलीवेटेड पुल के निर्माण में उल्टा किला बाधक बन रहा था। सीएेंडडीएस की ओर से तैयार की गई डिजाइन में झूंसी में नवाज शरीफ की मजार से उल्टा किला होकर गंगा के किनारे-किनारे झूंसी पुल तक पिलर और उसके ऊपर सड़क बनाकर 10 लिफ्ट लगाने की योजना बनाई थी। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग ने उल्टा किला के बगल से पिलर निर्माण पर यह कह कर आपत्ति जताई थी कि ऐतिहासिक स्थल के सौ मीटर के दायर में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक है।
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इसके बाद सीएेंडडीएस ने पुल की डिजाइन में आंशिक संशोधन कर दिया। अब पिलर के स्थान पर बांध बनाया जाएगा, जो नवाज शरीफ की मजार से गंगा के किनारे-किनारे होकर झूंसी पुल पर आकर मिलेगा। इसके ऊपर सड़क बनाई जाएगी। साथ ही 10 लिफ्ट लगाई जाएंगी। इन्हीं लिफ्ट के जरिए श्रद्धालु सीधे संगम पर उतर कर डुबकी लगाएंगे। सीएेंडडीएस के पीएम कैलाश सिंह ने मंगलवार को पुल, बांध और लिफ्ट के निर्माण के लिए कुल 975 करोड़ रुपये का स्टीमेट शासन को सौंप दिया। इस दौरान उन्होंने डिजाइन में परिवर्तन के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी। उन्होंनेबताया कि पुल के निर्माण में उल्टा किला बाधा नहीं बनेगा। गंगा के किनारे-किनारे बांध बनाने से उल्टा किला सुरक्षित हो जाएगा। बांध के ऊपर सड़क बनाई जाएगी। संशोधित डिजाइन में पुरातात्विक विभाग को आपत्ति नहीं है। बताया कि अगले कुछ दिनों में स्टीमेट की जांच होगी। इसके बाद टेंडर निकाला जाएगा। जनवरी के अंत में इसके शिलान्यास की संभावना है।
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