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सोलर पैनल से चलेंगे ट्रेनों के लाइट एवं पंखे
राहुल शर्मा/अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 09 Aug 2015 02:36 AM IST
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इलाहाबाद। रेल कोचों में लाइट और पंखे चलाने के लिए अब कोच की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। आईआईटी चेन्नई द्वारा तैयार किए गए सोलर पैनल के मॉडल पर राजस्थान केजोधपुर स्थित रेलवे की वर्कशाप ने इसमें काम भी किया। अभी नॉन एसी कोच में ही इस तरह के पैनल लगाए जाएंगे। चर्चा इस बात की है कि सोलर पैनल लगी पहली एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन भोपाल रेल मंडल की अमरकंटक एक्सप्रेस से होगा। सितंबर माह तक इसके शुरू हो जाने की भी संभावना है। इसके बाद अन्य जोनल रेलवे को भी इस तरह के कोच उपलब्ध कराये जाएंगे।
केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद भारतीय रेल आधुनिक सिस्टम अपनाने की कवायद कर रही है। बुलेट ट्रेन की कार्य योजना के साथ ही रेलवे ने सोलर एनर्जी सिस्टम पर भी काम किया। इसकेलिए सोलर पैनल का मॉडल आईआईटी चेन्नई से तैयार करवाया गया। इसके बाद रेवाड़ी पैसेंजर में प्रयोग के तौर पर इस तरह के कोच लगाए गए। प्रयोग सफल होने के बाद रेलवे ने अब सोलर पैनल कोच का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करने की तैयारी की है। ताकि रेलवे की डीजल पर निर्भरता कम हो और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से वातावरण भी प्रदूषित न हो।
बताया जा रहा है कि एक नॉन एसी कोच में सोलर पैनल लगाने का खर्च तकरीबन चार लाख रुपये के आसपास आएगा। इससे 17 यूनिट बिजली प्रतिदिन बनेगी, जिसका उपयोग उसी कोच में होगा। भारतीय रेल के भोपाल रेल मंडल की अमरकंटक एक्सप्रेस में सबसे पहले सोलर पैनल लगाये जाने की तैयारी रेलवे ने की है। सितंबर माह में रेलवे सोलर पैनल लगे कोच भोपाल मंडल को भेजा देगा। इसके बाद अन्य जोनल रेलवे को भी इस तरह को कोच दिए जाएंगे। इसमें उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद भी शामिल है। हालांकि उत्तर मध्य रेलवे में इस तरह के कोच अगले साल आने की ही उम्मीद है। इसके बाद रेलवे अगले चरण में स्टेशन बिल्डिंग में भी सोलर पैनल लगवाएगा। ताकि स्टेशन पर चलने वाली पंखें, लाइट भी सौर ऊर्जा से चले।
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‘सोलर इनर्जी का इस्तेमाल रेलवे हो, इसके लिए काफी समय से काम किया जा रहा है। शीघ्र ही एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन एसी कोच में सोलर पैनल लगवाए जाने की तैयारी है। ’
0 अनिल सक्सेना, एडीजी पीआर, रेलवे बोर्ड
‘इस तरह के कुछ कोच प्रयोग के तौर पर रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए गए हैं। उत्तर मध्य रेलवे की ट्रेनों में भी इसका उपयोग निकट भविष्य में होगा।’
0 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर
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केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद भारतीय रेल आधुनिक सिस्टम अपनाने की कवायद कर रही है। बुलेट ट्रेन की कार्य योजना के साथ ही रेलवे ने सोलर एनर्जी सिस्टम पर भी काम किया। इसकेलिए सोलर पैनल का मॉडल आईआईटी चेन्नई से तैयार करवाया गया। इसके बाद रेवाड़ी पैसेंजर में प्रयोग के तौर पर इस तरह के कोच लगाए गए। प्रयोग सफल होने के बाद रेलवे ने अब सोलर पैनल कोच का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करने की तैयारी की है। ताकि रेलवे की डीजल पर निर्भरता कम हो और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से वातावरण भी प्रदूषित न हो।
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बताया जा रहा है कि एक नॉन एसी कोच में सोलर पैनल लगाने का खर्च तकरीबन चार लाख रुपये के आसपास आएगा। इससे 17 यूनिट बिजली प्रतिदिन बनेगी, जिसका उपयोग उसी कोच में होगा। भारतीय रेल के भोपाल रेल मंडल की अमरकंटक एक्सप्रेस में सबसे पहले सोलर पैनल लगाये जाने की तैयारी रेलवे ने की है। सितंबर माह में रेलवे सोलर पैनल लगे कोच भोपाल मंडल को भेजा देगा। इसके बाद अन्य जोनल रेलवे को भी इस तरह को कोच दिए जाएंगे। इसमें उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद भी शामिल है। हालांकि उत्तर मध्य रेलवे में इस तरह के कोच अगले साल आने की ही उम्मीद है। इसके बाद रेलवे अगले चरण में स्टेशन बिल्डिंग में भी सोलर पैनल लगवाएगा। ताकि स्टेशन पर चलने वाली पंखें, लाइट भी सौर ऊर्जा से चले।
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‘सोलर इनर्जी का इस्तेमाल रेलवे हो, इसके लिए काफी समय से काम किया जा रहा है। शीघ्र ही एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन एसी कोच में सोलर पैनल लगवाए जाने की तैयारी है। ’
0 अनिल सक्सेना, एडीजी पीआर, रेलवे बोर्ड
‘इस तरह के कुछ कोच प्रयोग के तौर पर रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए गए हैं। उत्तर मध्य रेलवे की ट्रेनों में भी इसका उपयोग निकट भविष्य में होगा।’
0 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर