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आसमान चढ़े बालू के दाम, घर का सपना हुआ धड़ाम, फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं

Thu, 17 Jun 2021 12:54 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 17 Jun 2021 12:54 AM IST
सार

  • दाम में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी, आगे भी राहत मिलने के नहीं आसार
  • दो वर्ष पहले जारी हुए थे 50 से अधिक पट्टे, अभी सिर्फ 19 को मिली है अनुमति, नौ को एनओसी का इंतजार

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The price of sand skyrocketed, the dream of the house became a nightmare, there is no hope of getting relief right now
बालू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपना आशियाने बनाने के लिए हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद मकान निर्माण से जुड़ी सामग्रियाें के दाम आसमान पर हैं। खासकर बालू तो ‘सोना’ हो गई है। इसकी कीमतें डेढ़ गुना तक बढ़ी हैं। संक्रमण से पहले 30 से 35 रुपये प्रति घन फीट बिकने वाली बालू अब 50 रुपये प्रति घन मिल रही है। इसकी कीमतें बढ़ने का एक बड़ा कारण प्रयागराज में बालू खनन नहीं होना भी है। दो वर्ष पहले जहां 50 से अधिक पट्टे जारी हुए थे, वहीं इस समय मात्र 10 स्थानों से बालू का खनन हो रहा है। मांग में तेजी से दाम तो बढ़े ही हैं, अवैध खनन भी जोरों पर है।

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बालू

सिर्फ दस घाटों से हो रहा खनन
पहले जिले में नदी की बीच धारा में भी खनन की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन एनजीटी की रोक के बाद दो साल पहले सभी पट्टे निरस्त कर दिए गए। पिछले वर्ष नए सिरे से पट्टा आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन 19 घाटों की ही नीलामी हो सकी। इनमें से 10 घाटों से बालू खनन शुरू है लेकिन नौ को अभी तक अलग-अलग विभागों से अनापत्ति पत्र जारी नहीं हो पाया है। अब एक जुलाई से खनन बंद हो जाएगा। यानी, नौ नए घाटों से बारिश के बाद एक अक्तूबर से ही खनन शुरू हो पाएगा। वह भी एनओसी जारी होने के बाद।

नतीजतन, बालू की कीमत 50 रुपये प्रति घन फुट से भी अधिक हो गई है। जबकि कोरोना की दूसरी लहर के पहले ही बालू 30 से 35 रुपये प्रति घन फुट मूल्य था। गौर करने वाली बात यह भी है कि एक ही तरह के बालू की अलग-अलग कीमत वसूली जा रही है। अब मुनाफा कमाने के लिए बालू माफिया भी सक्रिय हो गए हैं। इस कारण अवैध खनन की लगातार शिकायतें आ रही हैं। वहीं खनन अधिकारी एमपी पांडेय का कहना है कि शेष नौ घाटों से खनन के लिए भी जल्द एनओसी जारी की जाएगी। उनका यह भी कहना है कि अच्छी गुणवत्ता की वजह से फतेहपुर, सोनभद्र के बालू की यहां अधिक मांग है। इसलिए बालू की कोई कमी नहीं है।

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बालू

50 लाख घन फीट से अधिक बालू की हो चुकी है नीलामी
अवैध खनन को इससे ही समझा जा सकता है कि  पिछले वर्ष बिना लाइसेंस डंप बालू के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया था। उस दौरान अवैध तरीके से डंप लाखों घन फीट बालू जब्त किए गए थे। इनमें से 50 लाख टन से अधिक बालू की नीलामी भी हुई थी।

1600 वाहनों को जारी हुए माइन टैग लेकिन लगे नहीं
अवैध बालू खनन तथा ढुलाई के नेटवर्क को तोड़ने के लिए शासन की ओर से इस कार्य में लगे सभी वाहनों में माइन टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस टैग की मदद से वाहन तथा बालू खनन पर नजर रखी जा सकेगी। प्रयागराज में बालू एवं गिट्टी की ढुलाई में लगे 1600 वाहनों के लिए माइन टैग की बिक्री हुई लेकिन वाहन मालिकों ने उन्हें लगवाया नहीं। ऐसे में अवैध तरीके बालू एवं गिट्टी की ढुलाई करने वाले वाहनों की निगरानी नहीं हो पा रही। जबकि, पिछले सप्ताह ही खनन विभाग एवं पुलिस महकमा के संयुक्त अभियान में 13 वाहन सीज किए गए थे। हालांकि , लगातार शिकायतों के बाद अब जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। डीएम संजय कुमार खत्री की ओर से आदेश दिया गया है कि खनन में लगे सभी वाहनों में 15 दिनों के भीतर माइन टैग लगा लिए जाएं। इसके लिए नोडल एजेंसी भी तय की गई है।

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अमिताभ ठाकुर - फोटो : amar ujala
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने की अवैध खनन की शिकायत, पहुंची टीम

 

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और डॉ. नूतन ठाकुर ने टोंस नदी में अवैध खनन की शिकायत की है। एसएसपी तथा अन्य लोगों को लिखे शिकायती पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया है कि मेजा के कोना गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने वीडियो और फोटोग्राफ्स भी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह स्थानीय प्रशासन की मदद से हो रहा है। अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर पुलिस और खनन की विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को विभाग की टीम मौके पर भी पहुंची। खनन अधिकारी एमके पांडेय का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

अवैध खनन, ओवरलोडिंग की शिकायत पर मंडलायुक्त नाराज
अवैध खनन और ओवरलोडिंग की शिकायतों पर मंडलायुक्त संजय गोयल ने नाराजगी जताई। मंडलीय समीक्षा बैठक में बुधवार को उन्होंने ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जुर्माना वसूले जाने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने राजस्व वसूली को लेकर बिजली, सडक़ परिवहन आदि विभागों की समीक्षा की। फतेहपुर, प्रतापगढ़ में लक्ष्य से कम वसूली पर नाराजगी जताई तथा अफसरों को इसमें तेजी लाने के लिए निर्देश दिए। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने सभी बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने गो संरक्षण केंद्रों के निर्माण, प्रधान फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान, अमृत, खाद्य सुरक्षा आदि योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना पर विस्तार से चर्चा की और कोरोना से अभिभावकों को खोने वाले बच्चों को लाभ पहुंचाने की बात कही। बैठक में डीएम संजय कुमार खत्री, कौशाम्बी के डीएम सुजीत कुमार समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।

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