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पूजा के सहारे उन्नाव में पालों की नाराजगी दूर करने की कवायद
Fri, 29 Mar 2019 01:43 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 29 Mar 2019 01:43 AM IST
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पूजा पाल
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रयागराज की दोनों सीट इलाहाबाद और फूलपुर से सपा अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी है। इसके विपरीत यहां के दो नेताओं सांसद श्यामा चरण गुप्त और पूर्व विधायक पूजा पाल को पार्टी की ओर से दूसरे जिलों में उम्मीदवार बनाया गया है। पूजा पाल को उन्नाव से प्रत्याशी बनाए जाने को पाल बिरादरी की पार्टी के प्रति नाराजगी को दूर करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। इससे उन्नाव के साथ प्रयागराज में भी जातीय समीकरण को साधने में मदद मिलने की बात कही जा रही है।
पूजा पाल के पति राजू पाल 2004 में बसपा के टिकट पर शहर पश्चिमी से विधायक चुने गए थे लेकिन, जनवरी 2005 में उनकी हत्या हो गई। पूजा की राजू पाल से हत्या के कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी। राजू पाल की हत्या के बाद शहर में काफी बवाल हुआ था तथा तनाव को देखते हुए परिवार के सदस्यों की गैरमौजूदगी में दाह संस्कार कर दिया गया। उस समय मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और आरोपी अतीक अहमद, भाई अशरफ मुख्य सपा में शामिल थे।
सपा नेताओं का कहना है कि इसकी वजह से पाल बिरादरी के लोगों में पार्टी के प्रति नाराजगी रही। राजू पाल की हत्या के बाद बसपा ने उपचुनाव तथा उसके बाद अन्य चुनावों में पूजा पाल को शहर पश्चिमी से उम्मीदवार बनाया। 2007 और 2012 में वह विधायक भी चुनी गईं। पार्टी नेताओं के अनुसार अब सपा ने पूजा पाल को उन्नाव से उम्मीदवार बनाकर पासी तथा अन्य पिछड़ी जातियों की नाराजगी दूर करने की कोशिश की है। इसका फायदा यहां की दोनों लोकसभा क्षेत्रों में भी मिलेगा।
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पूजा पाल को उन्नाव लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने पर स्थानीय सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है। पार्टी कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं का कहना था कि पूजा पाल पिछड़े वर्ग की महिला नेता के रूप मेें जानी जाती हैं। उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने पर पाल समाज सहित पिछड़ों, अति पिछड़ों में इसका असर पड़ेगा तथा गठबंधन मजबूत होगा। बधाई देने और खुशी जाहिर करने वालों में सर्व जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव, महानगर अध्यक्ष सै. इफ्तिखार हुसैन, पूर्व महानगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव, नरेंद्र सिंह, श्याम लाल पाल, दानबहादुर सिंह मधुर आदि शामिल रहे।
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पूजा पाल के पति राजू पाल 2004 में बसपा के टिकट पर शहर पश्चिमी से विधायक चुने गए थे लेकिन, जनवरी 2005 में उनकी हत्या हो गई। पूजा की राजू पाल से हत्या के कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी। राजू पाल की हत्या के बाद शहर में काफी बवाल हुआ था तथा तनाव को देखते हुए परिवार के सदस्यों की गैरमौजूदगी में दाह संस्कार कर दिया गया। उस समय मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और आरोपी अतीक अहमद, भाई अशरफ मुख्य सपा में शामिल थे।
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सपा नेताओं का कहना है कि इसकी वजह से पाल बिरादरी के लोगों में पार्टी के प्रति नाराजगी रही। राजू पाल की हत्या के बाद बसपा ने उपचुनाव तथा उसके बाद अन्य चुनावों में पूजा पाल को शहर पश्चिमी से उम्मीदवार बनाया। 2007 और 2012 में वह विधायक भी चुनी गईं। पार्टी नेताओं के अनुसार अब सपा ने पूजा पाल को उन्नाव से उम्मीदवार बनाकर पासी तथा अन्य पिछड़ी जातियों की नाराजगी दूर करने की कोशिश की है। इसका फायदा यहां की दोनों लोकसभा क्षेत्रों में भी मिलेगा।
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पूजा पाल को उन्नाव लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने पर स्थानीय सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है। पार्टी कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं का कहना था कि पूजा पाल पिछड़े वर्ग की महिला नेता के रूप मेें जानी जाती हैं। उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने पर पाल समाज सहित पिछड़ों, अति पिछड़ों में इसका असर पड़ेगा तथा गठबंधन मजबूत होगा। बधाई देने और खुशी जाहिर करने वालों में सर्व जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव, महानगर अध्यक्ष सै. इफ्तिखार हुसैन, पूर्व महानगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव, नरेंद्र सिंह, श्याम लाल पाल, दानबहादुर सिंह मधुर आदि शामिल रहे।