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इंटर कॉलेजों में खत्म नहीं होगा बॉयोलॉजी का पद
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The post of biology will not end in inter colleges
इंटर कॉलेजों में खत्म नहीं होगा बायोलॉजी अध्यापकों का पद
प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में दी जानकारी, 304 पदों पर तीन माह में नियुक्ति का आदेश
प्रयागराज। इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता बॉयोलॉजी के पद खत्म नहीं किए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इन पदों को समाप्त करने की 12 जुलाई 2018 की अधिसूचना को वापस लेते हुए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को 2016 में विज्ञापित 304 पदों के सापेक्ष नियुक्तियां पूरी करने के लिए कहा है। प्रवक्ता बॉयोलॉजी को समाप्त करने के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं। कोर्ट में इसकी सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा की ओर से दिए गए हलफनामे में यह जानकारी दी गई।
याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद बॉयोलॉजी टीचरों की चयन प्रक्रिया तीन माह में पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर यह भी बताने के लिए कहा है कि राज्य सरकार ने इस बाबत नियमावली में संशोधन किए अथवा नहीं। प्रदेश सरकार ने छह जून 2016 को इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं के चयन का विज्ञापन जारी किया था। बाद में 12 जुलाई 2018 को अधिसूचना जारी कर इसमें बॉयोलॉजी के पद समाप्त कर दिए गए। सरकार का कहना था कि विज्ञान के सभी विषयों को मिलाकर सामान्य विज्ञान विषय बनाया गया है। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
प्रदेश सरकार का कहना था कि चूंकि बॉयोलॉजी हाईस्कूल में विज्ञान के साथ अलग से विषय है, इसलिए साइंस टीचर की अर्हता में अलग से इस विषय को शामिल करने की आवश्यकता नहीं है। साइंस टीचर के लिए योग्यता बीएससी रसायन विज्ञान अथवा भौतिकी रखी गई है। याचीगण के अधिवक्ताओं का कहना था कि जंतु विज्ञान विषय को समाप्त नहीं किया गया है। उस अध्यापक से जंतु विज्ञान पढ़ाने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है, जिसने इंटरमीडिएट स्तर पर भी बॉयोलॉजी नहीं पढ़ी है। इस मुद्दे पर कई बार जवाब मांगने पर भी प्रदेश सरकार की ओर से कोई माकूल जवाब नहीं दिया गया।
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याचिका पर दिसंबर में हुई सुनवाई मेें कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि अगली सुनवाई तक इस मामले में निर्णय नहीं लिया जाता है तो वह व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा इस निर्णय की जानकारी दी गई। बताया गया कि बॉयोलॉजी विषय के अध्यापकों की नियुक्ति हेतु चयन बोर्ड को निर्देश दिया गया है। याचिका पर अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
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प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में दी जानकारी, 304 पदों पर तीन माह में नियुक्ति का आदेश
प्रयागराज। इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता बॉयोलॉजी के पद खत्म नहीं किए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इन पदों को समाप्त करने की 12 जुलाई 2018 की अधिसूचना को वापस लेते हुए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को 2016 में विज्ञापित 304 पदों के सापेक्ष नियुक्तियां पूरी करने के लिए कहा है। प्रवक्ता बॉयोलॉजी को समाप्त करने के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं। कोर्ट में इसकी सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा की ओर से दिए गए हलफनामे में यह जानकारी दी गई।
याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद बॉयोलॉजी टीचरों की चयन प्रक्रिया तीन माह में पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर यह भी बताने के लिए कहा है कि राज्य सरकार ने इस बाबत नियमावली में संशोधन किए अथवा नहीं। प्रदेश सरकार ने छह जून 2016 को इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं के चयन का विज्ञापन जारी किया था। बाद में 12 जुलाई 2018 को अधिसूचना जारी कर इसमें बॉयोलॉजी के पद समाप्त कर दिए गए। सरकार का कहना था कि विज्ञान के सभी विषयों को मिलाकर सामान्य विज्ञान विषय बनाया गया है। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
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प्रदेश सरकार का कहना था कि चूंकि बॉयोलॉजी हाईस्कूल में विज्ञान के साथ अलग से विषय है, इसलिए साइंस टीचर की अर्हता में अलग से इस विषय को शामिल करने की आवश्यकता नहीं है। साइंस टीचर के लिए योग्यता बीएससी रसायन विज्ञान अथवा भौतिकी रखी गई है। याचीगण के अधिवक्ताओं का कहना था कि जंतु विज्ञान विषय को समाप्त नहीं किया गया है। उस अध्यापक से जंतु विज्ञान पढ़ाने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है, जिसने इंटरमीडिएट स्तर पर भी बॉयोलॉजी नहीं पढ़ी है। इस मुद्दे पर कई बार जवाब मांगने पर भी प्रदेश सरकार की ओर से कोई माकूल जवाब नहीं दिया गया।
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याचिका पर दिसंबर में हुई सुनवाई मेें कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि अगली सुनवाई तक इस मामले में निर्णय नहीं लिया जाता है तो वह व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करें। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा इस निर्णय की जानकारी दी गई। बताया गया कि बॉयोलॉजी विषय के अध्यापकों की नियुक्ति हेतु चयन बोर्ड को निर्देश दिया गया है। याचिका पर अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।