{"_id":"609aa50e8ebc3ed63a169b8f","slug":"the-possibility-of-admission-to-2-83-lakh-seats-of-dlad-this-year-is-also-less","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएलएड की 2.83 लाख सीटों पर इस वर्ष भी प्रवेश की संभावना कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएलएड की 2.83 लाख सीटों पर इस वर्ष भी प्रवेश की संभावना कम
Tue, 11 May 2021 09:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 11 May 2021 09:09 PM IST
विज्ञापन
कॉलेज के बाद चेकिंग में शिक्षकों ने हाथ पर नकल के साथ पकड़ी छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के सरकारी एवं निजी डीएलएड कॉलेजों में लगातार दूसरे वर्ष डीएलएड प्रशिक्षण में प्रवेश की संभावना नहीं दिखाई पड़ रही है। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार की ओर से 2020 में डीएलएड प्रशिक्षण में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से यूपीटीईटी की आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होने के बाद अब डीएलएड की 2.83 लाख सीटों पर प्रवेश की संभावना कम दिखाई पड़ रही है।
विज्ञापन
प्रदेश में पिछले शैक्षिक सत्र में स्नातक की परीक्षाओं में देरी के चलते डीएलएड प्रवेश नहीं हो पाया था। इस बार भी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से डीएलएड प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी थी परंतु कोरोना संक्रमण के चलते अबकी बार भी प्रवेश पूरा होने की संभावना नहीं है। कोरोना के चलते विवि में परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं। ऐसे में डीएलएड में प्रवेश पूरा करना संभव नहीं दिखाई पड़ रहा। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से इस संबंध में सरकार के निर्देश का इंतजार है।
विज्ञापन
प्रदेश के 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों एवं एक कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन वाराणसी में कुल 10600 सीटें हैं इसके साथ ही 3103 निजी कालेजों में डीएलएड की लगभग 2.70 लाख सीटें हैं। इस प्रकार डीएलएड की 2.83 लाख सीटों पर 2021 में प्रवेश की संभावना नहीं है। 2020 में डीएलएड में प्रवेश नहीं लिया था जबकि निजी कॉलेजों ने सरकार पर प्रवेश लेने के लिए दबाव बनाया था परंतु स्नातक की परीक्षाओं में देरी के चलते प्रवेश नहीं हो पाया था।
विज्ञापन
इस बार भी परीक्षा में देरी के चलते डीएलएड का सत्र शुरू होने की संभावना नहीं है। डीएलएड में ईडब्लयूएस के 10 फीसदी आरक्षण का नियम लागू होने से लगभग 57 हजार सीटों पर अतिरिक्त प्रवेश होगा।