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पासपोर्ट पर नहीं लगा सकते टोपी वाली फोटो
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:24 AM IST
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पासपोर्ट में लगने वाली फोटो टोपी पहनकर नहीं खिंचाई जा सकती है। हाईकोर्ट ने टोपी पहनी हुई फोटो पासपोर्ट पर लगाने की मांग पर दाखिल याचिका खारिज कर दी है। आजमगढ़ के जियाउल हक ने याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उसे पासपोर्ट पर टोपी पहने हुए फोटो लगाने की अनुमति दी जाए क्योंकि वह काजी हैं और उनके धर्म मेें बिना टोपी पहने कोई काम करने की इजाजत नहीं है। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति श्रीनारायण शुक्ल की खंडपीठ ने कहा कि याची ऐसा कोई प्रावधान नहीं दिखा सका, जिससे पता चले कि उनके धर्म, रीति रिवाजों में ऐसा करना आवश्यक है।
केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सहायक सॉलीसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश ने याचिका का विरोध किया। उन्होेंने कोर्ट को बताया कि याची ने अदालत में सही तथ्य नहीं रखे हैं। याची की बिना टोपी वाली फोटो पासपोर्ट पर लगी है। वह इस फोटो को बदल कर टोपी वाली फोटो लगाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रत्यावेदन भी दिया है। जियाउल हक कहना था कि वह 22 सितंबर 2014 को वाराणसी के पासपोर्ट सेवा केंद्र गया था।
उसी दिन उसका फिंगर प्रिंट और फोटो संबंधित अधिकारी द्वारा लिया गया। फोटो लेते वक्त पासपोर्ट अधिकारी ने उनकी टोपी उतरवा दी। उन्होंने अनुरोध किया कि वह काजी हैं और उनके लिए टोपी उतार कर कोई काम करना मुमकिन नहीं है। इसके बावजूद पासपोर्ट अधिकारी ने जिद कर टोपी उतरवा दी। कोर्ट ने कहा कि याची ने सही तथ्य नहीं बताए और न ही वह कोई ऐसा कानून या प्रावधान दिखा सके जिससे साबित हो कि टोपी लगाना अनिवार्य है।
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केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सहायक सॉलीसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश ने याचिका का विरोध किया। उन्होेंने कोर्ट को बताया कि याची ने अदालत में सही तथ्य नहीं रखे हैं। याची की बिना टोपी वाली फोटो पासपोर्ट पर लगी है। वह इस फोटो को बदल कर टोपी वाली फोटो लगाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रत्यावेदन भी दिया है। जियाउल हक कहना था कि वह 22 सितंबर 2014 को वाराणसी के पासपोर्ट सेवा केंद्र गया था।
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उसी दिन उसका फिंगर प्रिंट और फोटो संबंधित अधिकारी द्वारा लिया गया। फोटो लेते वक्त पासपोर्ट अधिकारी ने उनकी टोपी उतरवा दी। उन्होंने अनुरोध किया कि वह काजी हैं और उनके लिए टोपी उतार कर कोई काम करना मुमकिन नहीं है। इसके बावजूद पासपोर्ट अधिकारी ने जिद कर टोपी उतरवा दी। कोर्ट ने कहा कि याची ने सही तथ्य नहीं बताए और न ही वह कोई ऐसा कानून या प्रावधान दिखा सके जिससे साबित हो कि टोपी लगाना अनिवार्य है।
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