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लखनऊ में रेल अफसर की पत्नी, पुत्र की हत्या से अफसर सकते में
Sat, 29 Aug 2020 08:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 Aug 2020 08:40 PM IST
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Crime
- फोटो : Twitter
रेलवे बोर्ड के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर इनफार्मेशन आरडी बाजपेयी की पत्नी एवं पुत्र की हत्या की खबर सुनने के बाद प्रयागराज में भी रेलवे के अफसर सकते में आ गए। एनसीआर मुख्यालय और डीआरएम ऑफिस में यह घटना शनिवार की शाम चर्चा का विषय रही।
दरअसल आरडी बाजपेयी उत्तर मध्य रेलवे जोन में सीपीआरओ भी रहे चुके हैं। एनसीआर जोन के गठन के बाद वागीश पांडेय और संजय सिंह नेगी के बाद ही उन्होंने वर्ष 2008 में सीपीआरओ का पद भार ग्रहण किया। उस दौरान एनसीआर में महाप्रबंधक के पद पर विवेक सहाय तैनात थे, जो बाद में चेयरमैन रेलवे बोर्ड भी बने। आरडी बाजपेयी 98 बैच के आईआरटीएस अफसर हैं। एनसीआर के आगरा मंडल में भी उनकी तैनाती रही है।
सीपीआरओ रहने के दौरान उन्होंने जनसंपर्क विभाग में तमाम बदलाव भी किए। यहां उनकी तैनाती तकरीबन दो वर्ष रही। प्रयागराज से उनका तबादला पूर्व रेलवे में हुआ। इस दौरान वह मालदा और आसनसोल मंडल में सीनियर डीसीएम के पद पर रहे। बाद में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में सीनियर डीओएम का पद संभाला। लखनऊ मंडल का दायरा प्रयाग जंक्शन तक होने की वजह से उनका प्रयागराज आना-जाना लगा रहता था। बाद में लखनऊ में ही वह ट्रेनिंग सेंटर में तैनात हुए। फिर रेलवे बोर्ड दिल्ली में उन्होंने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इनफारमेशन का पद भार संभाला।
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दरअसल आरडी बाजपेयी उत्तर मध्य रेलवे जोन में सीपीआरओ भी रहे चुके हैं। एनसीआर जोन के गठन के बाद वागीश पांडेय और संजय सिंह नेगी के बाद ही उन्होंने वर्ष 2008 में सीपीआरओ का पद भार ग्रहण किया। उस दौरान एनसीआर में महाप्रबंधक के पद पर विवेक सहाय तैनात थे, जो बाद में चेयरमैन रेलवे बोर्ड भी बने। आरडी बाजपेयी 98 बैच के आईआरटीएस अफसर हैं। एनसीआर के आगरा मंडल में भी उनकी तैनाती रही है।
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सीपीआरओ रहने के दौरान उन्होंने जनसंपर्क विभाग में तमाम बदलाव भी किए। यहां उनकी तैनाती तकरीबन दो वर्ष रही। प्रयागराज से उनका तबादला पूर्व रेलवे में हुआ। इस दौरान वह मालदा और आसनसोल मंडल में सीनियर डीसीएम के पद पर रहे। बाद में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में सीनियर डीओएम का पद संभाला। लखनऊ मंडल का दायरा प्रयाग जंक्शन तक होने की वजह से उनका प्रयागराज आना-जाना लगा रहता था। बाद में लखनऊ में ही वह ट्रेनिंग सेंटर में तैनात हुए। फिर रेलवे बोर्ड दिल्ली में उन्होंने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इनफारमेशन का पद भार संभाला।
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