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Prayagraj News: अपनी जमीन सुरक्षित करने के लिए नगर निगम खर्च करेगा पांच करोड़ रुपये
Wed, 16 Sep 2026 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:29 AM IST
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नगर निगम सदन की बैठक मेंपार्षदो को संबोधित करते मेयरगणेश केसरवानी। अमर उजाला
- फोटो : shiv tripathi
नगर निगम ने शहरी और विस्तारित क्षेत्रों में सार्वजनिक भूमि के संरक्षण के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च करने का संकल्प पारित किया है। यह निर्णय मंगलवार को महापौर गणेश केसरवानी की अध्यक्षता में हुई सदन की बैठक में लिया गया। निगम नजूल और अन्य सार्वजनिक भूमि को चिह्नित कर बाउंड्री बनवाएगा, जिसका उपयोग आवासीय व व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
महापौर ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य भूमाफिया से संरक्षित भूमि को बचाना है। अनुमान है कि इस पर पांच करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। नगर निगम की जमीनों पर गेस्ट हाउस, दुकानें और फ्लैट बनाए जाएंगे। शहर के पुराने वार्डों के साथ फाफामऊ, नैनी, झूंसी और बमरौली जैसे विस्तारित क्षेत्रों में निगम की सैकड़ों हेक्टेयर जमीनें हैं। भूमि चिह्नित करने का काम जल्द ही शुरू होगा। बैठक में जलभराव, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, मार्ग प्रकाश और नाला निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सदन की बैठक मंगलवार को दोपहर बारह बजे से शुरू हुई। इसमें जलभराव, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, मार्ग प्रकाश, नाला निर्माण व गृहकर विसंगति जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान जलभराव व नाला सफाई में लापरवाही को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा भी किया। जिसके बाद प्रत्येक वार्ड में 25-25 सफाई कर्मी रखने की बात कही गई।
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जलभराव व नाला सफाई पर पार्षदों का रोष
वार्ड 29 के पार्षद बालराज पटेल ने अपने क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने सदन में कहा कि उनके क्षेत्र में पर्याप्त नाले नहीं बनाए गए हैं। जो नाले बने हैं, उनकी सफाई भी नहीं हुई है। इस कारण दो सौ से अधिक परिवार आज भी जलभराव से परेशान हैं। पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि सुविधा उपलब्ध कराए बिना ही गृहकर लिया जा रहा है। साथ ही भवन संपत्तियों में नाम दर्ज करने में भी मनमानी हो रही है।
सड़कों व कूड़ा प्रबंधन की चुनौतियां
वार्ड संख्या 33 की पार्षद अनुराधा सिंह ने अपने वार्ड में कूड़ा उठाने वाली टीम के न आने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कटका की पार्षद बबिता ने भी अपने वार्ड में जल निकासी के उचित प्रबंध न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र की सड़कें भी जर्जर हो गई हैं। पार्षद सोनिका अग्रवाल ने कटरा क्षेत्र के बदहाल चौराहों और सड़कों को बेहतर करने की बात कही।
बक्शी बांध बाढ़ पंपिंग स्टेशन की जर्जर लाइन का उठा मसला
पार्षद विनय मिश्रा सिंटू ने बक्शी बांध बाढ़ पंपिंग स्टेशन की जर्जर लाइन बदलने की बात सदन में कही। पार्षद शिवसेवक सिंह ने जर्जर सीवर लाइन व नाला निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। नामित पार्षद अरुण ने नगर निगम की जमीन पर किए जा रहे कब्जों को खाली कराने का मुद्दा उठाया। अखिलेश सिंह ने नए सिरे से दुकानों पर किराया लगाए जाने की बात कही। विजय विश्वास रावत व आशीष द्विवेदी सहित अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को विस्तार से बताया।
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महापौर ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य भूमाफिया से संरक्षित भूमि को बचाना है। अनुमान है कि इस पर पांच करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। नगर निगम की जमीनों पर गेस्ट हाउस, दुकानें और फ्लैट बनाए जाएंगे। शहर के पुराने वार्डों के साथ फाफामऊ, नैनी, झूंसी और बमरौली जैसे विस्तारित क्षेत्रों में निगम की सैकड़ों हेक्टेयर जमीनें हैं। भूमि चिह्नित करने का काम जल्द ही शुरू होगा। बैठक में जलभराव, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, मार्ग प्रकाश और नाला निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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सदन की बैठक मंगलवार को दोपहर बारह बजे से शुरू हुई। इसमें जलभराव, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, मार्ग प्रकाश, नाला निर्माण व गृहकर विसंगति जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान जलभराव व नाला सफाई में लापरवाही को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा भी किया। जिसके बाद प्रत्येक वार्ड में 25-25 सफाई कर्मी रखने की बात कही गई।
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जलभराव व नाला सफाई पर पार्षदों का रोष
वार्ड 29 के पार्षद बालराज पटेल ने अपने क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने सदन में कहा कि उनके क्षेत्र में पर्याप्त नाले नहीं बनाए गए हैं। जो नाले बने हैं, उनकी सफाई भी नहीं हुई है। इस कारण दो सौ से अधिक परिवार आज भी जलभराव से परेशान हैं। पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि सुविधा उपलब्ध कराए बिना ही गृहकर लिया जा रहा है। साथ ही भवन संपत्तियों में नाम दर्ज करने में भी मनमानी हो रही है।
सड़कों व कूड़ा प्रबंधन की चुनौतियां
वार्ड संख्या 33 की पार्षद अनुराधा सिंह ने अपने वार्ड में कूड़ा उठाने वाली टीम के न आने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कटका की पार्षद बबिता ने भी अपने वार्ड में जल निकासी के उचित प्रबंध न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र की सड़कें भी जर्जर हो गई हैं। पार्षद सोनिका अग्रवाल ने कटरा क्षेत्र के बदहाल चौराहों और सड़कों को बेहतर करने की बात कही।
बक्शी बांध बाढ़ पंपिंग स्टेशन की जर्जर लाइन का उठा मसला
पार्षद विनय मिश्रा सिंटू ने बक्शी बांध बाढ़ पंपिंग स्टेशन की जर्जर लाइन बदलने की बात सदन में कही। पार्षद शिवसेवक सिंह ने जर्जर सीवर लाइन व नाला निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। नामित पार्षद अरुण ने नगर निगम की जमीन पर किए जा रहे कब्जों को खाली कराने का मुद्दा उठाया। अखिलेश सिंह ने नए सिरे से दुकानों पर किराया लगाए जाने की बात कही। विजय विश्वास रावत व आशीष द्विवेदी सहित अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को विस्तार से बताया।