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महीना बीता, अतीक अहमद को नहीं भेजा जा सका गुजरात
Mon, 27 May 2019 12:57 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 27 May 2019 12:57 AM IST
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माफिया अतीक अहमद
- फोटो : amar ujala
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नैनी जेल में निरुद्ध पूर्व सांसद अतीक अहमद को एक महीने बाद भी गुजरात स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। अतीक को गुजरात की अति सुरक्षित जेल में भेजने का आदेश 23 अप्रैल को दिया गया था। इस मामले में जेल अफसरों का कहना है कि शासन की ओर से अनुमति पत्र ने मिलने की वजह से ऐसा हुआ है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जेल में अतीक अहमद द्वारा एक कारोबारी के अपहरण और देवरिया जेल में उसकी पिटाई के कथित मामले को गंभीरता से लेते हुए 23 अप्रैल को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। साथ ही अतीक को गुजरात में स्थित जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। लखनऊ के रियल इस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने पिछले साल 28 दिसंबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। उसमें आरोप लगाया था कि लखनऊ से अपहरण कर मोहित को देवरिया जेल लाया गया, जहां अतीक और उसके गुंडों ने उनकी पिटाई की।
उन्हें अपनी पांच कंपनियां भी अतीक व उसके बेटे के नाम करने को मजबूर किया गया। छोड़ने से पहले अतीक ने उनकी कार और अन्य वस्तुएं भी ले लीं। इन फर्मों की संयुक्त संपत्ति करीब 45 करोड़ रुपये है। अतीक 11 फरवरी, 2017 से जेल में बंद है। जेल में पिटाई किए जाने के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया था। इस मामले में जेल अधीक्षक एचबी सिंह का कहना है कि अतीक की जेल स्थानांतरित किए जाने के संबंध में अब तक कोई पत्र शासन की ओर से नहीं मिला है। आदेश मिलते ही उन्हें गुजरात भेजा जाएगा।
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कुल 106 मामलों में हैं आरोपी
पांच बार के विधायक और एक बार सांसद अतीक पर 1979 से 2019 के बीच 106 मामले दर्ज हैं। इनमें 17 हत्या, 12 गैंगस्टर एक्ट, आठ आर्म्स एक्ट और चार गुंडा एक्ट के केस दर्ज हैं। अतीक समाजवादी पार्टी और अपना दल (सोनेवाल गुट) से भी जुड़ा रहा है।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जेल में अतीक अहमद द्वारा एक कारोबारी के अपहरण और देवरिया जेल में उसकी पिटाई के कथित मामले को गंभीरता से लेते हुए 23 अप्रैल को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। साथ ही अतीक को गुजरात में स्थित जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। लखनऊ के रियल इस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने पिछले साल 28 दिसंबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। उसमें आरोप लगाया था कि लखनऊ से अपहरण कर मोहित को देवरिया जेल लाया गया, जहां अतीक और उसके गुंडों ने उनकी पिटाई की।
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उन्हें अपनी पांच कंपनियां भी अतीक व उसके बेटे के नाम करने को मजबूर किया गया। छोड़ने से पहले अतीक ने उनकी कार और अन्य वस्तुएं भी ले लीं। इन फर्मों की संयुक्त संपत्ति करीब 45 करोड़ रुपये है। अतीक 11 फरवरी, 2017 से जेल में बंद है। जेल में पिटाई किए जाने के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया था। इस मामले में जेल अधीक्षक एचबी सिंह का कहना है कि अतीक की जेल स्थानांतरित किए जाने के संबंध में अब तक कोई पत्र शासन की ओर से नहीं मिला है। आदेश मिलते ही उन्हें गुजरात भेजा जाएगा।
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कुल 106 मामलों में हैं आरोपी
पांच बार के विधायक और एक बार सांसद अतीक पर 1979 से 2019 के बीच 106 मामले दर्ज हैं। इनमें 17 हत्या, 12 गैंगस्टर एक्ट, आठ आर्म्स एक्ट और चार गुंडा एक्ट के केस दर्ज हैं। अतीक समाजवादी पार्टी और अपना दल (सोनेवाल गुट) से भी जुड़ा रहा है।