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भर्ती परीक्षाओं में दबदबा से बढ़ा हिन्दी का क्रेज

Sat, 23 Jul 2016 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 23 Jul 2016 01:51 AM IST
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The increase in recruitment examinations dominated Hindi craze
jhansi hindi news - फोटो : demopic
हिन्दी अब सिर्फ डिग्री हासिल करने वाला नहीं बल्कि नौकरी दिलाने वाला विषय बन गया है। भर्ती परीक्षाओं में हिन्दी के बढ़ते महत्व से इसका क्रेज बढ़ा है। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीए पाठ्यक्रम में भूगोल, राजनीति विज्ञान के साथ हिन्दी भी हॉट सब्जेक्ट के रूप में सामने आई है। हिन्दी के साथ ज्यादातर महत्वपूर्ण विषयों वाले कांबिनेशन भर गए हैं, जो कांबिनेशन खाली हैं उसके पीछे ऐसे विषय हैं, जिनसे विद्यार्थियों का मोह पहले से ही भंग हो चुका है।
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सिविल सेवा, पीसीएस मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थी वैकल्पिक विषय के रूप में दर्शनशास्त्र, इतिहास, भूगोल, समाज कार्य आदि विषयों को चुनते हैं। इस वजह से विश्वविद्यालय में इन विषयों में दाखिले की सबसे अधिक होड़ रहती है। इनमें भी दर्शनशास्त्र की सबसे अधिक मांग रहती थी, लेकिन इस साल भूगोल और हिन्दी का क्रेज है। भूगोल की तकरीबन सभी सीट फुल हो चुकी है। हालांकि भूगोल के कांबिनेशन की संख्या हिन्दी की तकरीबन एक तिहाई है। विश्वविद्यालय के बीए कोर्स में तीन-तीन विषयों के 100 कांबिनेशन हैं।
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इनमें सबसे अधिक हिन्दी के कांबिनेशन हैं। डेढ़ दर्जन से अधिक कांबिनेशन में हिन्दी एक विषय के रूप में शामिल है। इनमें से सात कांबिनेशन फुल हो गए हैं। संगीत, उर्दू-फारसी जैसे कुछ विषयों के साथ बने कांबिनेशन को छोड़ दें तो अन्य में भी तकरीबन ज्यादातर सीट भर गई है। बीए प्रवेश के कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर आईआर सिद्दीकी का कहना है कि भूगोल, हिन्दी और राजनीति विज्ञान विषयों के प्रति विद्यार्थियों का अधिक रुझान है। इन विषयों के वे ही कांबिनेशन खाली हैं, जिनमें दूसरे विषयों की मांग कम है।
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लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं के बदले पैटर्न में हिन्दी का महत्व बढ़ गया है। लोअर सबऑर्डिनेट मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के अलावा हिन्दी का पेपर होता है। समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) की मुख्य परीक्षा में तो हिन्दी का महत्व सामान्य अध्ययन से भी अधिक है। इसमें सामान्य अध्ययन का पेपर 120 नंबर और हिन्दी का 160 अंक का प्रश्नपत्र होता है। इसके अलावा 120 नंबर का निबंध का पेपर होता है। हिन्दी की जानकारी के मानक पर अभ्यर्थी को परखा जाता है। कर्मचारी चयन आयोग की ट्रांसलेटर आदि भर्तियों में भी हिन्दी के अभ्यर्थियों की मांग बढ़ी है।

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से बुधवार को घोषित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के परिणाम में भी सिविल सेवा और पीसीएस का प्रभाव दिखा। इन भर्तियों की मुख्य परीक्षा के हॉट सब्जेक्ट की मेरिट अन्य विषयों की अपेक्षा अधिक गई है। प्राचीन इतिहास का कटऑफ सबसे अधिक 165.66 तथा मानव विज्ञान का 153 अंक गया है। दर्शनशास्त्र का 152.58, इतिहास का 148.94 अंक कटऑफ है। इसके विपरीत गणित समेत कई विषयों का कटऑफ 100 अंक से भी कम है।


गौर करने वाली बात यह भी है कि कई विषयों में सामान्य का कटऑफ ओबीसी से कम है। दर्शनशास्त्र में सामान्य का कटऑफ 152.58 अंक है। वहीं ओबीसी का 154.64 अंक गया है। संगीत तबला में सामान्य का 120.41 और ओबीसी का 122.45, सांख्यिकी में सामान्य का 70.71 एवं ओबीसी का 73.12 अंक कटऑफ है। इसी तरह से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में सामान्य का कटऑफ 71.71 अंक है। वहीं ओबीसी का 86.87 अंक गया है। इनके अलावा हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, प्राचीन इतिहास, भूगोल, शिक्षाशास्त्र समेत कई विषयों में सामान्य और ओबीसी का कटऑफ बराबर है।
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