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High Court : हाईकोर्ट ने जिला समाज कल्याण अधिकारी पर लगाया पांच हजार का हर्जाना
Sat, 31 Jan 2026 03:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 31 Jan 2026 03:06 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जवाबी हलफनामा दाखिल न करने को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी मऊ पर पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जवाबी हलफनामा दाखिल न करने को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी मऊ पर पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही अधिकारी को 23 फरवरी को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता ने शंभूनाथ सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि हर्जाने की राशि जिला समाज कल्याण अधिकारी को अपने निजी खाते से जमा करनी होगी। हालांकि, कोर्ट ने अंतिम अवसर देते हुए जवाबी हलफनामा दाखिल करने की अनुमति भी प्रदान की है। याची के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि शंभूनाथ सिंह 2015 में जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) मऊ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें देय पेंशन व अन्य लाभों का भुगतान नहीं किया गया।
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