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एसिड बिक्री की निगरानी करेगी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 12 May 2016 02:34 AM IST
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प्रदेश सरकार तेजाब की बिक्री और खरीद की निगरानी करेगी। सरकार की ओर से हाईकोर्ट में आश्वासन दिया गया है कि एसिड अटैक की घटनाओं को लेकर सरकार संजीदा है। सभी जिलाधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने जिले में तेजाब की खरीद और बिक्री की निगरानी करें और मासिक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजें। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। मुहिम संस्था की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
कोर्ट ने प्रदेश सरकार को मेरठ के 13 तेजाब हमला पीड़ितों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने पर विचार करने को कहा है। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने तेजाब की बिक्री पर कोई नियंत्रण नहीं लगाया है, जिससे प्रदेश में लगातार तेजाब से हमले की घटनाएं हो रही हैं। इससे पीड़ित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित अपने खर्च पर इलाज करा रहे हैं। स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने कोर्ट को बताया कि तेजाब को लेकर सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार सरकार ने वर्ष 2014 में ही नियमावली बना ली है। इसे लागू करने के लिए शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। हर जिले में निगरानी की जिम्मेदारी वहां के डीएम को सौंपी गई है जो सरकार को नियमित रिपोर्ट देंगे। मेरठ के तेजाब पीड़ितों को सरकार की ओर से सहायता दी गई है।
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कोर्ट ने प्रदेश सरकार को मेरठ के 13 तेजाब हमला पीड़ितों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने पर विचार करने को कहा है। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने तेजाब की बिक्री पर कोई नियंत्रण नहीं लगाया है, जिससे प्रदेश में लगातार तेजाब से हमले की घटनाएं हो रही हैं। इससे पीड़ित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित अपने खर्च पर इलाज करा रहे हैं। स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने कोर्ट को बताया कि तेजाब को लेकर सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार सरकार ने वर्ष 2014 में ही नियमावली बना ली है। इसे लागू करने के लिए शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। हर जिले में निगरानी की जिम्मेदारी वहां के डीएम को सौंपी गई है जो सरकार को नियमित रिपोर्ट देंगे। मेरठ के तेजाब पीड़ितों को सरकार की ओर से सहायता दी गई है।
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