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सरकार ने नहीं जमा किया एक करोड़ का हर्जाना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 17 Sep 2016 02:28 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद। गाजियाबाद की लोनी तहसील में किसानों की जमीन बिना मुआवजा दिए अधिग्रहीत करने के मामले में सरकार की मुसीबत कम नहीं हो रही है। पहले हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार पर एक करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया। हर्जाने की राशि जमा करने के बजाए सरकार ने आदेश वापस लेने के लिए दाखिल की गई अर्जी के साथ जो शपथपत्र दिया, उसमें गंभीर त्रुटियां हैं। इस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए शपथ आयुक्त को रिकार्ड के साथ तलब कर लिया है। हलफनामे पर हस्ताक्षर करने वाले सरकार के सेक्रेटरी को भी कोर्ट ने शनिवार को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
लोनी तहसील के सुरेंद्र और छह अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर अधिवक्ता विनोद सिन्हा और महेश शर्मा ने पक्ष रखा। याचीगण का कहना था कि सरकार ने उनकी जमीनें अधिग्रहीत कर यूपीएसआईडीसी को दे दी थी। बाद में यूपीएसआईडीसी ने यह भूमि लेने से मना कर दिया। अब प्रदेश सरकार न तो किसानों को जमीन पर कब्जा दे रही है और न ही मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा रहा है। कोर्ट ने बिना मुआवजा दिए जमीन लेने को गंभीर मानते हुए सरकार पर एक करोड़ रुपये का हर्जाना लगा दिया।
प्रदेश सरकार ने हर्जाने की राशि जमा करने के बजाए आदेश वापस लेने की अर्जी दी। कोर्ट ने हर्जाना जमा न करने पर नाराजगी जताई साथ ही शपथपत्र गलत प्रारूप में दाखिल करने पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया है।
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लोनी तहसील के सुरेंद्र और छह अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर अधिवक्ता विनोद सिन्हा और महेश शर्मा ने पक्ष रखा। याचीगण का कहना था कि सरकार ने उनकी जमीनें अधिग्रहीत कर यूपीएसआईडीसी को दे दी थी। बाद में यूपीएसआईडीसी ने यह भूमि लेने से मना कर दिया। अब प्रदेश सरकार न तो किसानों को जमीन पर कब्जा दे रही है और न ही मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा रहा है। कोर्ट ने बिना मुआवजा दिए जमीन लेने को गंभीर मानते हुए सरकार पर एक करोड़ रुपये का हर्जाना लगा दिया।
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प्रदेश सरकार ने हर्जाने की राशि जमा करने के बजाए आदेश वापस लेने की अर्जी दी। कोर्ट ने हर्जाना जमा न करने पर नाराजगी जताई साथ ही शपथपत्र गलत प्रारूप में दाखिल करने पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया है।
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