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नैनी में दोस्तों ने ही रची थी साजिश, अपहृत छात्र बरामद
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The conspiracy was hatched by friends in Naini, the kidnapped student was found
नैनी। क्षेत्र के एग्रीकल्चर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगोत्री नगर मोहल्ले से 28 अगस्त को अगवा किए गए एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट के डी फार्मा छात्र शुभम द्विवेदी को पुलिस ने 30 अगस्त की देर रात सही सलामत बरामद कर लिया। शुभम द्विवेदी को उसके साथियों ने ही फिरौती की रकम वसूलने के लिए अगवा किया था। पुलिस ने अगवा छात्र शुभम द्विवेदी को नैनी क्षेत्र के ही एडीए कॉलोनी में स्थित एक बंद मकान के कमरे से बरामद किया है। फिल्मी स्टाइल में किए गए अपहरण के मुख्य सूत्रधार को पकड़ने के लिए अभी भी पुलिस टीमें प्रयासरत हैं।
शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के बढ़िया गांव निवासी तुलाराम द्विवेदी का बेटा शुभम द्विवेदी एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट से डी फार्मा कर रहा है। हाल ही में उसने फाइनल ईयर का एग्जाम दिया है। बुधवार को वह शहर के जॉर्जटाउन थाना अंतर्गत बालसन चौराहे पर स्थित मेडिकल स्टोर पर काम सीखने गया था। वहीं से उसे उसके पुराने दोस्त एवं पड़ोसी गांव बगुला शंकरगढ़ के रहने वाले मित्र एवं पूर्व रूम पार्टनर सुमित सिंह ने फोन करके अपने गंगोत्री नगर नैनी स्थित कमरे पर बुलाया था।
शुभम अपने भांजे अंकुर मिश्रा निवासी चिल्ला गौहानी लालापुर के साथ सुमित से मिलने उसके कमरे पर गया था। वहां से शाम को 3.30 बजे जब वह भांजे के साथ शहर जाने के लिए निकला तो सुमित के कमरे से 100 मीटर की दूरी पर ही सफेद रंग की इनोवा सवार नकाबपोश बदमाशों ने उसे अगवा कर लिया था। दिनदहाड़े अपहरण की सूचना से परिजनों में जहां मातमी माहौल था वहीं पुलिस के भी होश फाख्ता थे। सूचना के बाद सक्रिय हुई टीम ने 30 अगस्त की देर रात एडीए कॉलोनी में चंद्रलोक चौराहे के समीप स्थित उत्कर्ष कुमार के बंद पड़े मकान से शुभम द्विवेदी को सही सलामत बरामद कर लिया।
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सूत्रों के अनुसार बरामदगी के पीछे पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की ही तर्ज पर कहानी बनी थी और 29 अगस्त की शाम 6.22 पर आए अपहरणकर्ताओं के कॉल के आधार पर फिरौती की रकम देने के लिए शुभम द्विवेदी के पिता तुलाराम द्विवेदी से 10 लाख रुपए के करीब व्यवस्था भी करवाई थी। इस सनसनीखेज कांड में शुभम द्विवेदी के करीबी मित्र ही शामिल थे जिनका मकसद उसके पिता से फिरौती के नाम पर मोटी रकम वसूल करना था और बदले में फिरौती की रकम मिलने के बाद उसे मार देने की योजना थी। इस घटना के मुख्य सूत्रधार और शुभम के करीबी मित्र को पुलिस अभी तलाश रही है। फिलहाल तीन से चार लोग पुलिस के हिरासत में हैं। हालांकि शुभम द्विवेदी की बरामदगी के बारे में पुलिस महकमे का कोई भी जिम्मेदार अफसर बोलने को तैयार नहीं है। इसलिए इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
सूत्रधार के पास है मोबाइल
सूत्रों की मानें तो शुभम के पिता के पास अपहरणकर्ताओं ने उसके ही मोबाइल से फिरौती की कॉल की थी। वह मोबाइल पुलिस अब तक नहीं बरामद कर सकी है। सूत्रों का कहना है कि घटना का सूत्रधार युवक अभी नहीं पकड़ा जा सका है और मोबाइल उसके ही पास है। पुलिस ने लोकेशन मिलने पर बृहस्पतिवार रात उसकी तलाश में सोहगी पहाड़ के पास छापेमारी भी की लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
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शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के बढ़िया गांव निवासी तुलाराम द्विवेदी का बेटा शुभम द्विवेदी एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट से डी फार्मा कर रहा है। हाल ही में उसने फाइनल ईयर का एग्जाम दिया है। बुधवार को वह शहर के जॉर्जटाउन थाना अंतर्गत बालसन चौराहे पर स्थित मेडिकल स्टोर पर काम सीखने गया था। वहीं से उसे उसके पुराने दोस्त एवं पड़ोसी गांव बगुला शंकरगढ़ के रहने वाले मित्र एवं पूर्व रूम पार्टनर सुमित सिंह ने फोन करके अपने गंगोत्री नगर नैनी स्थित कमरे पर बुलाया था।
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शुभम अपने भांजे अंकुर मिश्रा निवासी चिल्ला गौहानी लालापुर के साथ सुमित से मिलने उसके कमरे पर गया था। वहां से शाम को 3.30 बजे जब वह भांजे के साथ शहर जाने के लिए निकला तो सुमित के कमरे से 100 मीटर की दूरी पर ही सफेद रंग की इनोवा सवार नकाबपोश बदमाशों ने उसे अगवा कर लिया था। दिनदहाड़े अपहरण की सूचना से परिजनों में जहां मातमी माहौल था वहीं पुलिस के भी होश फाख्ता थे। सूचना के बाद सक्रिय हुई टीम ने 30 अगस्त की देर रात एडीए कॉलोनी में चंद्रलोक चौराहे के समीप स्थित उत्कर्ष कुमार के बंद पड़े मकान से शुभम द्विवेदी को सही सलामत बरामद कर लिया।
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सूत्रों के अनुसार बरामदगी के पीछे पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की ही तर्ज पर कहानी बनी थी और 29 अगस्त की शाम 6.22 पर आए अपहरणकर्ताओं के कॉल के आधार पर फिरौती की रकम देने के लिए शुभम द्विवेदी के पिता तुलाराम द्विवेदी से 10 लाख रुपए के करीब व्यवस्था भी करवाई थी। इस सनसनीखेज कांड में शुभम द्विवेदी के करीबी मित्र ही शामिल थे जिनका मकसद उसके पिता से फिरौती के नाम पर मोटी रकम वसूल करना था और बदले में फिरौती की रकम मिलने के बाद उसे मार देने की योजना थी। इस घटना के मुख्य सूत्रधार और शुभम के करीबी मित्र को पुलिस अभी तलाश रही है। फिलहाल तीन से चार लोग पुलिस के हिरासत में हैं। हालांकि शुभम द्विवेदी की बरामदगी के बारे में पुलिस महकमे का कोई भी जिम्मेदार अफसर बोलने को तैयार नहीं है। इसलिए इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
सूत्रधार के पास है मोबाइल
सूत्रों की मानें तो शुभम के पिता के पास अपहरणकर्ताओं ने उसके ही मोबाइल से फिरौती की कॉल की थी। वह मोबाइल पुलिस अब तक नहीं बरामद कर सकी है। सूत्रों का कहना है कि घटना का सूत्रधार युवक अभी नहीं पकड़ा जा सका है और मोबाइल उसके ही पास है। पुलिस ने लोकेशन मिलने पर बृहस्पतिवार रात उसकी तलाश में सोहगी पहाड़ के पास छापेमारी भी की लेकिन उसका पता नहीं चल सका।