फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The Christian community descended on the streets, turned candle march

सड़कों पर उतरा मसीही समुदाय, निकला कैंडिल मार्च

Sun, 22 Apr 2018 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 22 Apr 2018 01:17 AM IST
विज्ञापन
The Christian community descended on the streets, turned candle march
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
जमुना क्रिश्चियन कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल आरके गवन की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए मसीही समुदाय एकजुट हो गया है। शनिवार की शाम ऑल सेंट कैथ्रिडल चर्च(पत्थर गिरजा)के सामने शहर के गिरजाघरों के पादरी, स्कूलों के प्रबंधक, प्रिंसिपल के अलावा सैकड़ों की तादाद में मसीहियों ने कैंडिल मार्च निकाला। पूर्व प्रिंसिपल के चित्र के सामने मोमबत्तियां जलाई गईं। चर्च में प्रार्थना सभा में दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रभु यीशु से कामना की गई। विशप पीटर बलदेव ने अपने संदेश में कहा कि मौत अंत नहीं, अनंत जीवन का द्वार है। इस दुख की घड़ी में धैर्य रखने और ढांढस बांधने की उन्होंने परिजनों, शुभेच्छुओं सहित समुदाय के अन्य लोगों को प्रेरणा दी। पादरियों ने शांति पाठ के बाद कहा कि मौजूदा परिस्थिति का सामना करने के  लिए मसीही समुदाय के लोग साहस के साथ सामने आएं।
विज्ञापन


पूर्व प्रिंसिपल गवन की मौत के मामले में नामजद पूर्व काशिराज डॉ. अनंतनारायण सिंह के केयरटेकर समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जुलूस निकालने की अनुमति के लिए मसीही समुदाय के लोग सुबह एडीएम सिटी व अन्य अफसरों से मिले थे लेकिन उनको अनुमति नहीं मिली। इसके बाद शाम को शहर के मसीही समुदाय के पांच सौ से अधिक लोग पत्थर गिरजा के समक्ष उपस्थित हुए। गिरजा घर में पादरियों की मौजूदगी मेें प्रार्थना सभा हुई। इसमें दिवंगत गवन की आत्मा की शांति के लिए प्रभु यीशु से प्रार्थना की गई। विशप पीटर बलदेव ने कहा कि मसीही समुदाय के लोगों को ईश्वर पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने सबको धैर्य एवं शांति का परिचय देने की सलाह दी। इसके बाद गवन के चित्र के समक्ष मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का तांता लग गया। इस मौके पर फादर प्रवीण मैसी, जमुना चर्च के पादरी आशीष खंडेलवाल, फादर जोसेफ, फादर फ्रांसिस, फादर एसपी लाल, मंजीत लाल, विशाल सिंह, लींडिया एंथनी, डब्ल्यू वाशिंगटन, सेनिया जेम्स, फादर डब्ल्यू जेम्स, संजय गवन, अनुकृति जोशी समेत तमाम लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
विज्ञापन


जमुना चर्च में प्रार्थना सभा आज
इलाहाबाद। जमुना क्रिश्चियन कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल आरके गवन की आत्मा की शांति के लिए रविवार की शाम मुट्ठीगंज स्थित जमुना चर्च में प्रार्थना सभी होगी। फादर आशीष खंडेलवाल ने मसीही समुदाय के लोगों से इस प्रार्थना सभा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व प्रिंसिपल की फंदे से लटककर हुई मौत ने मसीही समुदाय के झकझोर कर रख दिया है। इसका समाज के लोग पूरी ताकत से मुकाबला करें, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
फादर प्रवीण मैसी

मसीही समुदाय पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। ऐसे में हमें एकजुट होकर संघर्ष करने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। गवन जैसे इंसान को बुढ़ापे में फांसी पर लटकने के लिए मजबूर करने वालों को बेनकाब किया जाना चाहिए।
प्रतीश पाल

पापा ने हमेशा दूसरों की जिंदगी को संवारा। वह उत्पीड़न से आजिज आ चुके थे। शायद इसी वजह से उन्होंने बुढ़ापे जिंदगी से विदा होने का फैसला लिया। इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।   
आरके गवन के पुत्र संजय गवन ।

मसीही समुदाय को बदनाम करने के साथ ही हतोत्साहित करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। ऐसी दशा में हम चुप नहीं रह सकते। गवन की मौत के मामले में दोषियों को सजा दिलाकर ही दम लिया जाएगा।
फादर आशीष खंडेलवाल

इसके लिए चरणबद्ध तरीके से संघर्ष करने की जरूरत है। जिस तरह से मसीही समुदाय की प्रतिष्ठा के साथ कुछ लोग संगठित होकर खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें जवाब देने की जरूरत है।
फादर डब्ल्यू जेम्स

हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है। इस मामले में नामजद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र होनी चाहिए, ताकि समीही समुदाय में हिम्मत पैदा हो सके। इस समाज के लोग चौतरफा हमले से टूटते जा रहे हैें।  
अनुकृति जोशी

जमुना क्रिश्चियन कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य आरके गवन की आत्महत्या के मामले में उनके परिजनों ने पुलिस रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने गवन के खिलाफ एकतरफा पुलिसिया कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी सदमे के कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली।

पूर्व प्रधानाचार्य की पत्नी आईई गवन बताती हैं, ‘आरके गवन करीब पांच दशक तक शिक्षण कार्य से जुड़े रहे। उनके खिलाफ जब केस हुआ तब वह 78 के थे। वह सदमे में थे। यह बात उनको कचोटने लगी थी। मुझसे वह अपनी तकलीफ का जिक्र करते थे। विवेचना के दौरान होने वाला पुलिसिया व्यवहार भी उनको काफी दुखी करता था। चार्जशीट दाखिल होने पर वह और अधिक परेशान हो गए थे। वह सीढ़ी नहीं चढ़ पाते थे, फिर भी उन्होंने उच्चाधिकारियों की चौखट पर जाकर गुहार लगाई पर सुनवाई नहीं हुई। अंत में उन्हें आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।’

आरके गवन के तीसरे बेटे धीरज का कहना है करीब तीन वर्ष पहले जमुना चर्च परिसर की उत्तर की ओर खाली करीब पांच विस्वा खाली जमीन को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। कुछ लोगों की निगाह इस जमीन पर थी, लेकिन विरोध के चलते वह कब्जा नहीं कर सके। इसके बाद मुट्ठीगंज पुलिस ने 3 दिसंबर 2017 को काशी नरेश के केयर टेकर बताने वाले रुद्र नारायण पाठक की तहरीर पर 11 लोगों ऊषा हेमिल्टन, रिंकी स्वरूप, अरुण पॉल, काल्विन थायोडोर, विनोद बी लाल, एसबी लाल, डेनियल सुभान, आरके गवन, कमल मसीह, प्रफुल्ल मसीह, शशि प्रकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इन सभी पर भूमाफिया होने एवं जान से मारने के लिए धमकाने के आरोप में केस दर्ज कराया गया। 1 अप्रैल को जांच अधिकारी ने 11 लोगों की नामजदगी को गलत बताते हुए गवन और विनोद बी लाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। इससे गवन पूरी तरह हताश हो गए और आत्मघाती कदम उठा लिया।


उल्लेखनीय है कि पुलिस ने मुट्ठीगंज में जमीन हड़पने के मामले में गवन और विनोद बी लाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद से ही गवन मानसिक रूप से परेशान थे। परिजनों ने इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ शिकायत पुलिस के आला अफसरों से करने का मन बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed