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एसआरएन में जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार मरीजों पर पड़ रहा भारी
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जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार मरीजों पर पड़ रहा भारी
ओपीडी के बाहर मरीजों को करना पड़ रहा है लंबा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नीट पीजी काउंसलिंग की तिथि जारी करने की मांग को लेकर आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को भी जारी रहा। जूनियर डॉक्टरों के विरोध के कारण इलाज के लिए एसआरएन पहुुंचे मरीजों को ओपीडी के बाहर घंटो इंतजार करना पड़ा। जिससे उनको कई तरह की दिक्कतें उठानी पड़ीं। एसआरएन के प्रत्येक विभाग की ओपीडी के बाहर ऐसी ही स्थिति बनी रही। सीनियर कंसल्टेंट के भरोसे ही ओपीडी का कार्य संचालित हुआ। दूसरी तरफ जूनियर रेजीडेंट अस्पताल परिसर में सड़क पर बैठ कर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।
नीट पीजी काउंसलिंग की डेट जारी करने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर लगातार कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके कारण दूर दराज इलाकों से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक मुसीबत हो रही है। शंकरगढ़ से इलाज कराने आए राधेश्याम चौरसिया ने बताया कि उनको सीने में जकड़न और दर्द की शिकायत है। स्थानीय डॉक्टर ने उन्हें एसआरएन के लिए रेफेर कर दिया, लेकिन यहां ओपीडी में घंटों लाइन में खड़े होने के बाद उनका नंबर आया। दूसरी तरफ कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछली बार सरकार के आश्वासन के बाद कार्य बहिष्कार खत्म किया गया था। उसके बाद भी अभी तक मांगों को लेकर सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं किया गया। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि काउंसलिंग नहीं होेने से नए डॉक्टर की कमी हो रही है। सीनियर रेजीडेंट कोर्स पूरा होने के बाद चले जाएंगे। ऐसे में दबाव उनके ऊपर पड़ने वाला है। कोराना के नए वैरिएंट का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में अगर तीसरी लहर की स्थिति बनती है, तो उनका साल खराब हो सकता है।
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ओपीडी के बाहर मरीजों को करना पड़ रहा है लंबा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नीट पीजी काउंसलिंग की तिथि जारी करने की मांग को लेकर आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को भी जारी रहा। जूनियर डॉक्टरों के विरोध के कारण इलाज के लिए एसआरएन पहुुंचे मरीजों को ओपीडी के बाहर घंटो इंतजार करना पड़ा। जिससे उनको कई तरह की दिक्कतें उठानी पड़ीं। एसआरएन के प्रत्येक विभाग की ओपीडी के बाहर ऐसी ही स्थिति बनी रही। सीनियर कंसल्टेंट के भरोसे ही ओपीडी का कार्य संचालित हुआ। दूसरी तरफ जूनियर रेजीडेंट अस्पताल परिसर में सड़क पर बैठ कर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।
नीट पीजी काउंसलिंग की डेट जारी करने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर लगातार कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके कारण दूर दराज इलाकों से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक मुसीबत हो रही है। शंकरगढ़ से इलाज कराने आए राधेश्याम चौरसिया ने बताया कि उनको सीने में जकड़न और दर्द की शिकायत है। स्थानीय डॉक्टर ने उन्हें एसआरएन के लिए रेफेर कर दिया, लेकिन यहां ओपीडी में घंटों लाइन में खड़े होने के बाद उनका नंबर आया। दूसरी तरफ कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछली बार सरकार के आश्वासन के बाद कार्य बहिष्कार खत्म किया गया था। उसके बाद भी अभी तक मांगों को लेकर सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं किया गया। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि काउंसलिंग नहीं होेने से नए डॉक्टर की कमी हो रही है। सीनियर रेजीडेंट कोर्स पूरा होने के बाद चले जाएंगे। ऐसे में दबाव उनके ऊपर पड़ने वाला है। कोराना के नए वैरिएंट का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में अगर तीसरी लहर की स्थिति बनती है, तो उनका साल खराब हो सकता है।
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