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बैंकों को मिलें 152 करोड़ तो सुधरें हालात

Wed, 16 Nov 2016 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 16 Nov 2016 02:17 AM IST
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The banks have received 152 million Sudharen Things
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
बैंकों के पास बांटने और एटीएम में डालने के लिए पर्याप्त रकम नहीं है। इससे हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मंगलवार शाम डीएम ने बैंक अफसरों की आपात बुलाई। सभी बैंक प्रबंधकों ने बताया कि स्थिति सामान्य होने के लिए कुल 152 करोड़  रुपये की जरूरत है। डीएम संजय कुमार ने बैठक के दौरान ही डीजीएम आरबीआई से फोन पर बात की और इस समस्या से अवगत कराया। डीजीएम ने बताया कि बुधवार से ही धनराशि सभी बैंकों को मिलने लगेगी। तकरीबन दो तीनों में पर्याप्त रकम सभी बैंकों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
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डीएम ने बैंक अफसरों को निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगों और शादी वालों के लिए अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था कर धनराशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान बैंक अफसरों ने बताया कि ग्राहक अगर पुराने नोटोें से लोन अदा करना चाहते हैं तो उनसे पांच सौ-हजार के नोट स्वीकार किए जाएंगे। किसान भी पुराने नोटों से अपना ऋण चुका सकते हैं। इस पर डीएम ने लोन जमा करने वालों के लिए अलग से काउंटर खोले जाने के निर्देश दिए।
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डीएम ने बैंक प्रबंधकों से कहा कि वे कोर्ट फीस जमा करने के लिए अलग से काउंटर बनाए और इस कार्य को प्राथमिकता दें। साथही स्टाम्प वेंडरों से चेक के माध्यम से चालान जमा कराएं। बैंक प्रबंधकों ने कहा कि बुधवार से स्टाम्प वेंडर चेक से चालान जमा कर सकते हैं। यह भी कहा कि चेक से जमा चालान उसी दिन क्लीयर हो जाएगा। डीएम ने बैंक प्रबंधकों से कहा कि सभी जनरल स्टोरों एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर स्वैप मशीनों की स्थापना कर दें ताकि लोग डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर जरूरत का सामान खरीद सकें। एसपी सिटी ने सभी बैंक प्रबंधकों से कहा कि थानाध्यक्षों से संपर्क में रहे ताकि जरूरत पड़ने पर वे 10 मिनट के भीतर बैंक पहुंचे सकें।
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भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक ने बताया कि ई-लॉबी हाईकोर्ट, मेडिकल कालेज और मुठ्ठीगंज स्थित एसबीआई के एटीएम से मंगलवार को 2000 और 100 के नोट निकले हैं। दो दिन में पांच अन्य एटीएम से भी 2000 के नोट निकलने लगेंगे। बैंक ऑफ  बड़ौदा के अफसरों के मुताबिक दो दिन के अन्दर उनके कुछ एटीएम से दो हजार के नोट निकलने लगेंगे। यूनियन बैंक के प्रबंधक ने बताया कि बाबा चौराहा अशोक नगर स्थित उनके बैंके के एटीएम से दो हजार के नए नोट मिल रहे हैं। धूमनगंज और जार्जटाउन स्थित एटीएम से दो दिन बाद नए नोट मिलने लगेंगे। इलाहाबाद बैंक के सिविल लाइंस एवं अल्लापुर स्थित एटीएम से बुधवार दोपहर से 2000 के नए नोट मिलेंगे। 

पांच सौ और हजार के नोट स्वीकार न किए जाने से दवाओं की किल्लत के आसार बन गए हैं। अगर हालत नहीं सुधरे तो दो दिन बाद लोगों को दवाओं के लिए भटकना पड़ सकता है। दअरसल, ज्यादातर छोटे मेडिकल स्टोर थोक विक्रेता के साथ कैश में कारोबार करते हैं। पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद हो चुके हैं। उधारी पर कारोबार चल रहा है। अब थोक विक्रेता उधार देने से भी हाथ खड़े करने लगे हैं। हाशिमपुर रोड स्थित मेडिकल स्टोर संचालक संजय का कहना है कि जैसे-तैसे थोक विक्रेता से दवा खरीदी जा रही है लेकिन अब दिक्कत होने लगी है। अगर यही स्थिति रही तो दवा का भी संकट हो जाएगा।


 पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद सियासत तेज हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को सुभाष चौराहे पर कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला, लाल बहादुर साहू, अनिल चौधरी, राज, नौशाद ने एक पोस्टर लगाकर नोट बंदी को आम आदमी पर केंद्र सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया है। पोस्टर के जरिये कांग्रेसियों ने कई सवाल उठाए हैं। पूछा है कि क्या बैंकों की लाइन में कोई बड़ा अधिकारी, बड़ा नेता, बड़ा उद्योगपति या कोई मंत्री खड़ा पाया गया। क्या दो हजार के नोट से भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। क्या सारा काला धन उस आदमी के पास है, जो सुबह से लेकर शाम तक धक्के खाता है।
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