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कुलपति के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:55 AM IST
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हॉस्टल विवाद को लेकर कैमरे पर आए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी
- फोटो : SELF
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लगातार विवादों से घिर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू नई मुसीबत में फंस सकते हैं। एक छात्रनेता ने उन पर देशद्रोही बयान देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए जिला न्यायालय में अर्जी दी है। मामले में कोर्ट ने कर्नलगंज थाने से रिपोर्ट तलब कर ली है। सुनवाई तीन जुलाई को होगी। यह आदेश सीजेएम रेशमा प्रवीण ने वादी के अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज को सुनकर दिया है।
छात्रनेता और प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंह ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना किए जाने की अर्जी प्रस्तुत की है। वादी छात्रनेता का आरोप है कि प्रो. हांगलू ने एक टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में कश्मीर के मुद्दे पर जो बयान दिया है, वह देशद्रोह की श्रेणी में आता है। वादी का कहना है कि तीन जून 2017 को उसने इंटरनेट पर बयान को देखा और सुना है। वादी ने कुलपति पर भारतीय सेना के बारे में भी गलत टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। वादी का आरोप है कि कुलपति का बयान न केवल राष्ट्र का अपमान है, बल्कि जनभावना को भड़काने के प्रयास के रूप में संज्ञेय अपराध है।
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छात्रनेता और प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंह ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना किए जाने की अर्जी प्रस्तुत की है। वादी छात्रनेता का आरोप है कि प्रो. हांगलू ने एक टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में कश्मीर के मुद्दे पर जो बयान दिया है, वह देशद्रोह की श्रेणी में आता है। वादी का कहना है कि तीन जून 2017 को उसने इंटरनेट पर बयान को देखा और सुना है। वादी ने कुलपति पर भारतीय सेना के बारे में भी गलत टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। वादी का आरोप है कि कुलपति का बयान न केवल राष्ट्र का अपमान है, बल्कि जनभावना को भड़काने के प्रयास के रूप में संज्ञेय अपराध है।
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