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हिरासत से भाग निकला ट्रक चोरी का आरोपी, बैरंग लौटी पुलिस
Mon, 26 Jul 2021 11:01 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:01 AM IST
सार
- धूमनगंज पुलिस की लापरवाही से हुई घटना, लखनऊ में पकड़ाया था आरोपी
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arrest
- फोटो : istock
विस्तार
धूमनगंज पुलिस की लापरवाही से ट्रक चोरी का आरोपी हिरासत से भाग निकला। घटना लखनऊ में हुई जहां दो दिन पहले पहुंची थाने की एक टीम ने आरोपी को पकड़ा था। पुलिसकर्मी उसे लेकर ट्रक बरामद करने पहुंचे थे तभी आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अपने बाइकसवार साथी संग भाग निकला। जिसके बाद पुलिसकर्मी ट्रक लेकर वापस चले आए।
सुलेमसराय निवासी अरुण पांडेय ने सीतापुर निवासी उमेश कुमार सिंह के खिलाफ 19 जुलाई को धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि कुछ दिन बतौर चालक काम करने के बाद आरोपी ट्रक व उसमें लदा 50 हजार का सामान लेकर गायब हो गया। सूत्रों का कहना है कि जीपीएस से लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि ट्रक लखनऊ में रखा गया है। थाने में जानकारी देने पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने डीआईजी से गुहार लगाई।
जिनके आदेश केबाद 22 जुलाई की रात टीपी नगर चौकी इंचार्ज पवन सिंह व दो सिपाही पीड़ित की ओर से सात हजार में बुक की गई प्राइवेट गाड़ी से लखनऊ पहुंचे। इसके बाद जाल बिछाकर सुबह छह बजे आरोपी उमेश को हिरासत में ले लिया गया और फिर उसे मड़ियांव थाने ले जाया गया। थाने में पूछताछ के बाद आरोपी को लेकर पुलिस ट्रक बरामद कराने पहुंची। इसी दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर वहां पहले से मौजूद अपने बाइकसवार साथी संग भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने बहुत खोजबीन की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। जिसके बाद पुलिस टीम ट्रक लेकर वापस चली आई।
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पीड़ित ने अफसरों से की शिकायत
सूत्रों का कहना है कि यह पूरी घटना पुलिसकर्मियों की लापरवाही से हुई। पुलिसकर्मी अलर्ट होते तो आरोपी भाग न पाता। उधर पीड़ित ने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की है। जिसमें आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की गई है। खास बात यह कि पुलिस अफसर ऐसे किसी भी मामले की जानकारी से इंकार करते रहे। सीओ सिविल लाइंस सुधीर कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अवकाश पर हैं। यह भी कहा कि फिलहाल ऐसे किसी मामले की जानकारी उन्हें नहीं मिली है।
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सुलेमसराय निवासी अरुण पांडेय ने सीतापुर निवासी उमेश कुमार सिंह के खिलाफ 19 जुलाई को धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि कुछ दिन बतौर चालक काम करने के बाद आरोपी ट्रक व उसमें लदा 50 हजार का सामान लेकर गायब हो गया। सूत्रों का कहना है कि जीपीएस से लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि ट्रक लखनऊ में रखा गया है। थाने में जानकारी देने पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने डीआईजी से गुहार लगाई।
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जिनके आदेश केबाद 22 जुलाई की रात टीपी नगर चौकी इंचार्ज पवन सिंह व दो सिपाही पीड़ित की ओर से सात हजार में बुक की गई प्राइवेट गाड़ी से लखनऊ पहुंचे। इसके बाद जाल बिछाकर सुबह छह बजे आरोपी उमेश को हिरासत में ले लिया गया और फिर उसे मड़ियांव थाने ले जाया गया। थाने में पूछताछ के बाद आरोपी को लेकर पुलिस ट्रक बरामद कराने पहुंची। इसी दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर वहां पहले से मौजूद अपने बाइकसवार साथी संग भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने बहुत खोजबीन की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। जिसके बाद पुलिस टीम ट्रक लेकर वापस चली आई।
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पीड़ित ने अफसरों से की शिकायत
सूत्रों का कहना है कि यह पूरी घटना पुलिसकर्मियों की लापरवाही से हुई। पुलिसकर्मी अलर्ट होते तो आरोपी भाग न पाता। उधर पीड़ित ने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की है। जिसमें आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की गई है। खास बात यह कि पुलिस अफसर ऐसे किसी भी मामले की जानकारी से इंकार करते रहे। सीओ सिविल लाइंस सुधीर कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अवकाश पर हैं। यह भी कहा कि फिलहाल ऐसे किसी मामले की जानकारी उन्हें नहीं मिली है।