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शिक्षकों को मिलेगा दस साल का असाधारण अवकाश, इविवि में वरिष्ठता निर्धारण को लेकर विवाद हुआ दूर

Mon, 01 Mar 2021 12:45 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 01 Mar 2021 12:45 AM IST
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Teachers will get 10-year Extraordinary leave, controversy over Seniority assessment in the university
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शिक्षकों को अब पांच साल की जगह दस साल के लिए असाधारण अवकाश (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी लीव) मिलेगा। यह अवकाश उन शिक्षकों को मिलता है, जो किसी दूसरे संस्थान में निदेशक, कुलपति या किसी अन्य महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किए जाते हैं। असाधारण अवकाश की अवधि दो गुना किए जाने पर इविवि की कार्य परिषद ने अपनी मुहर लगा दी है। 
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कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में 18 शिक्षकों के कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के तहत स्टेज-1 से स्टेज-2 और स्टेज-2 से स्टेज-3 में प्रमोशन के लिए लिफाफे खोले गए। खास यह कि इविवि में दो वर्ष से अधिक समय से शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण को लेकर चला आ रहा विवाद भी खत्म हो गया। लंबे समय से अटके इस विवाद का निपटारा करते हुए कार्य परिषद ने 175 शिक्षकों की डेट ऑफ एलिजिबिलिटी (अर्हता तिथि) पर भी मुहर लगा दी गई। 175 शिक्षकों की डेट ऑफ एलिजिबिलिटी के पत्र जारी किए जाने पर सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। 
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इसके अलावा कार्यपरिषद की बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति एवं प्रमोशन संबंधी नियम बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की ओर से नियमों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद कार्य परिषद ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी। इविवि में पिछले 20 वर्षों से तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन का मसला अटका हुआ था। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर ने बताया कि अब कर्मचारियों की प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।
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डॉ. सूर्य नारायण के मामले में बनी नई कमेटी

कार्य परिषद में हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. सूर्य नारायण के मामले में भी चर्चा की गई। कार्य परिषद ने नई कमेटी का गठन करते हुए मामला कमेटी को रिव्यू के लिए सौंप दिया है। वहीं, प्रो. जीसी त्रिपाठी के मुद्दे को कुलपति ने अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया है। 

डॉ. राजेश गर्ग बने एनएसएस के समन्वयक

कार्य परिषद की बैठक में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक की नियुक्ति का लिफाफा भी खोला गया। हिंदी विभाग के डॉ. राजेश गर्ग को एनएसएस का समन्वयक और डॉ. राहुल पटेल को उप समन्वयक नियुक्त किया गया है । 

ऑटा ने जताया आभार

शिक्षकों के असाधारण अवकाश की अवधि बढ़ाए जाने, 175 शिक्षकों की डेट ऑफ एलिजिबिलिटी के पत्र जारी किए जाने, 18 शिक्षकों को प्रमोशन दिए जाने संबंधी निर्णयों को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ऑटा) ने कुलपति के प्रति आभार जताया है। ऑटा अध्यक्ष का प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि इन सभी मामलों में शिक्षकों को लंबे समय से राहत मिलने का इंतजार था।
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