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यूपी के राजकीय महाविद्यालयों में इस साल नहीं होंगे प्रवक्ताओं के तबादले
Thu, 28 May 2020 02:11 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2020 02:11 PM IST
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प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में इस साल प्रवक्ताओं के तबादले नहीं होंगे। कोविड-१९ के मद्देनजर तबादले की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। इसी वजह से तबादले के लिए अब तक आवेदन भी नहीं लिए गए। प्रवक्ताओं के तबादले अब अगले साल ही किए जा सकेंगे। राजकीय महाविद्यालयों में हर साल तकरीबन डेढ़ सौ प्रवक्ताओं के तबादले किए जाते हैं और इसके लिए प्रवक्ताओं से आवेदन भी लिए जाते हैं।
यह प्रक्रिया मार्च-अप्रैल से शुरू हो जाती है और आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई-जून में तबादले की लिस्ट जारी कर दी जाती है। तबादले के लिए पहले ऑफलाइन आवेदन लिए जाते थे लेकिन बाद में उच्च शिक्षा निदेशाालय ने इसमें बदलाव करते हुए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी। यह व्यवस्था दो साल से चल रही है। हालांकि कुछ प्रवक्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि जब ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है तो तबादला स्थगित करने की क्या जरूरत थी।
फिलहाल समय अब बीत चुका है। इस बार तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं लिए गए और अब तय हो गया है कि प्रवक्ताओं के तबादले अब अगले सत्र में ही हो सकेंगे। कॉलेजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान सत्र की परीक्षा का आयोजन कराना है। सभी कॉलेज इसी कार्य में व्यस्त है, सो कॉलेजों में भी तबादले से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि कार्मिक विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों में इस साल तबादले की प्रक्रिय को स्थगित कर दिया है। इसी के तहत प्रववक्ताओं का तबादला भी स्थगित किया गया है। तबादले अब अगले साल किए जाएंगे।
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यह प्रक्रिया मार्च-अप्रैल से शुरू हो जाती है और आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई-जून में तबादले की लिस्ट जारी कर दी जाती है। तबादले के लिए पहले ऑफलाइन आवेदन लिए जाते थे लेकिन बाद में उच्च शिक्षा निदेशाालय ने इसमें बदलाव करते हुए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी। यह व्यवस्था दो साल से चल रही है। हालांकि कुछ प्रवक्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि जब ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है तो तबादला स्थगित करने की क्या जरूरत थी।
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फिलहाल समय अब बीत चुका है। इस बार तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं लिए गए और अब तय हो गया है कि प्रवक्ताओं के तबादले अब अगले सत्र में ही हो सकेंगे। कॉलेजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान सत्र की परीक्षा का आयोजन कराना है। सभी कॉलेज इसी कार्य में व्यस्त है, सो कॉलेजों में भी तबादले से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि कार्मिक विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों में इस साल तबादले की प्रक्रिय को स्थगित कर दिया है। इसी के तहत प्रववक्ताओं का तबादला भी स्थगित किया गया है। तबादले अब अगले साल किए जाएंगे।