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दो युवकों की हत्या में वाराणसी पुलिस की भूमिका संदिग्ध: हाईकोर्ट 

Thu, 21 Jan 2021 08:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 21 Jan 2021 08:50 PM IST
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Suspicious role of police in killing two youths: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में शुभम केसरी व रवि पांडेय नाम के दो युवकों की हत्या में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर टिप्पणी करते हुए न सिर्फ इसे संदिग्ध बताया है बल्कि कहा है कि पुलिस ने इस मामले में अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही का परिचय दिया है। कोर्ट ने पूरे मामले पर एसएसपी व एएसपी को तलब कर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई 22 जनवरी को होगी।  

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शुभम केसरी की उसके भाई शिवम केसरी के माध्यम से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी और न्यायमूर्ति डा. वाई के श्रीवास्तव की पीठ सुनवाई कर रही है।
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कोर्ट का कहना था कि पूरे मामले को देखने से स्पष्ट है कि पुलिस ने इस मामले में घोर लापरवाही बरती है इससे उसकी भूमिका संदेह के घेर में आ जाती है। पीठ ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि मृतक के भाई ने पुलिस अधिकारियों को 26 अक्तूबर 20 और 31 जनवरी 20 को अपहरण की सूचना दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो केस दर्ज किया और न ही कोई विवेचना शुरू की। गुमशुदगी की रिपोर्ट पांच जनवरी 21 को इस अदालत द्वारा मामले पर संज्ञान लेकर आदेश जारी करने के बाद दर्ज की गई। छह जनवरी को जब कोर्ट ने आदेश जारी कि तब तक जांच शुरू नहीं की गई थी। 

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Suspicious role of police in killing two youths: High Court
Allahabad High Court - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों ने जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है। नामजद आरोपियों सुनील निगम और गौरव निगम तथा जैतपुरा, पांडेयपुर और चौक थानों की पुलिस की भूमिका पर भी अधिकारियों द्वारा दाखिल हलफनामे में चुप्पी साधी गई है। 15 जनवरी को मिर्जापुर से दोनों की लाशें बरामद होने के बावजूद पुलिस ने 19 जनवरी को सुनील निगम और चार अन्य को गिरफ्तार किया। उनके पास से शुभम द्वारा इस्तेमाल की गई अपाचे बाइक बरामद की गई है मगर यह नहीं बताया गया कि बाइक इनमें से किसके पास से बरामद हुई है। कोर्ट ने 22 जनवरी को दोनों युवकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य दस्तावेजों के साथ दोनों अधिकारियों को तलब किया है। 

मामले के अनुसार शिवम केसरी ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी कि 22 दिसंबर 20 को उसका भाई शुभम केसरी अपने मित्र रवि पांडेय के साथ दोस्त सुनील गुप्ता के घर  गया था। वहां से सुनील की बाइक लेकर वापस अपने घर आ रहा था तभी चौक, जैतपुरा और पांडेयपुर थाने के पुलिसकर्मियों ने दोनों का अपहरण कर लिया और मारते पीटते हुए अपने साथ ले गए।

इसमें गौरव निगम और सुनील निगम की भी भूमिका बताई गई। डीजीपी से लेकर आला पुलिस अधिकारियों तक से शिकायत करने के बावजूद इस घटना की न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही दोनों युवकों के बारे में कोई जानकारी मिल सकी। इसके बाद शिवम ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। कोर्ट द्वारा इस पर संज्ञान लेने के बाद पुलिस पांच जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। 15 जनवरी को दोनों युवकों की अधजली लाश मिर्जापुर से बरामद हुई।
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