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Prayagraj News: इविवि में परीक्षाओं को लेकर असमंजस
Fri, 28 Aug 2020 01:06 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:06 PM IST
सार
परीक्षा तिथि घोषित करने से पहले इविवि को सुप्रीमकोर्ट के आदेश का इंतजार
सितंबर में प्रस्तावित है परीक्षा, घरों से लौट रहे छात्रों को हॉस्टल में प्रवेश नहीं
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रयागराज। इविवि और संघटक महाविद्यालयों में अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति है। परीक्षाएं सितंबर में प्रस्तावित हैं और अब तक परीक्षा तिथि घोषित नहीं हुई है। वहीं, परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों का घरों से लौटने का सिलसिला तेज हो गया है, लेकिन इविवि प्रशासन तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण छात्रों को हॉस्टल में प्रवेश के लिए अनुमति देने को तैयार नहीं है।
इससे पूर्व इविवि में 16 अगस्त से अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित की गईं थीं, लेकिन कोविड-19 के कारण परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। इविवि प्रशासन ने अब सितंबर में परीक्षा कराने की तैयारी कर रखी है। इविवि प्रशासन ने कम समय में परीक्षा कराने के लिए तय किया है कि अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं की अवधि दो-दो घंटे की होगी और छात्रों को किन्हीं चार सवालों के जवाब देने होंगे। साथ ही परीक्षाएं यूजीसी एवं सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कराई जाएंगी। साथ ही एसाइनमेंट और वाइवा के आधार पर ही प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक निर्धारित होंगे और वाइवा भी कांफ्रेंसिंग मोड में आयोजित की जाएगी।
इविवि प्रशासन ने सबकुछ तय कर रखा है, लेकिन परीक्षा तिथि अभी घोषित नहीं की है। जबकि, यूजीसी ने सितंबर के अंत तक परीक्षाएं पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। परीक्षाओं के आयोजन से पहले छात्रों को भी कम से कम 15 दिनों पूर्व सूचना दी जाएगी, ताकि दूसरे राज्यों में रहने वाले छात्र परीक्षा में शामिल होने के लिए समय से प्रयागराज पहुंच सकें। उधर, सितंबर में परीक्षाएं प्रस्तावित होने के कारण छात्र अपने घरों से लौटने लगे हैं। लॉकडाउन के कारण जो छात्र हॉस्टल छोड़कर चले गए थे, वह अब हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति मांग रहे हैं। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह का कहना है कि परीक्षाओं के आयोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद ही तिथि निर्धारित की जाएगी।
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जान के बदले एग्जाम नहीं चलेगा
प्रयागराज। पुलिस द्वारा उठाए जाने के बावजूद इविवि छात्रसंघ भवन के सामने परीक्षाओं के विरोध में दोबारा क्रमिक अनशन बैठे छात्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि जान के बदले एग्जाम नहीं चलेगा। समाजवादी छात्रसभा के बैनर तले छात्र के क्रमिक अनशन का बृहस्पतिवार को 37वां दिन था। छात्रनेता अजय यादव सम्राट ने कहा कि जेईई और नीट का आयोजन कराकर सरकार छात्रों की जान से खिलवाड़ कर रही है। इस मौके पर छात्रनेता नवनीत यादव, राहुल पटेल, मो. मुबस्सिर, शिव बली, मो. मसूद, रोहित सावन, सरवन यादव, सुनील यादव, सुनील पटेल आदि मौजूद रहे।
हॉस्टल में प्रवेश के लिए धरना जारी
प्रयागराज। इविवि के हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने छात्रों का धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। छात्र हॉस्टल में प्रवेश के साथ परीक्षाएं स्थगित किए जाने और एक वर्ष की फीस माफ किए जाने की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इविवि प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानी तो भूख हड़ताल करेंगे। धरने में जितेश मिश्र, शरद शंकर, सत्यम कुशवाहा, अभिषेक द्विवेदी, दीपक पटेल आदि शामिल रहे। उधर, सीएमपी छात्रसंघा के पूर्व अध्यक्ष करन सिंह परिहार ने केंद्रीयशिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर मांग की है कि छात्रों को हॉस्टल में रहने की अनुमति दी जाए।
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इससे पूर्व इविवि में 16 अगस्त से अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित की गईं थीं, लेकिन कोविड-19 के कारण परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। इविवि प्रशासन ने अब सितंबर में परीक्षा कराने की तैयारी कर रखी है। इविवि प्रशासन ने कम समय में परीक्षा कराने के लिए तय किया है कि अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं की अवधि दो-दो घंटे की होगी और छात्रों को किन्हीं चार सवालों के जवाब देने होंगे। साथ ही परीक्षाएं यूजीसी एवं सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कराई जाएंगी। साथ ही एसाइनमेंट और वाइवा के आधार पर ही प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक निर्धारित होंगे और वाइवा भी कांफ्रेंसिंग मोड में आयोजित की जाएगी।
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इविवि प्रशासन ने सबकुछ तय कर रखा है, लेकिन परीक्षा तिथि अभी घोषित नहीं की है। जबकि, यूजीसी ने सितंबर के अंत तक परीक्षाएं पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। परीक्षाओं के आयोजन से पहले छात्रों को भी कम से कम 15 दिनों पूर्व सूचना दी जाएगी, ताकि दूसरे राज्यों में रहने वाले छात्र परीक्षा में शामिल होने के लिए समय से प्रयागराज पहुंच सकें। उधर, सितंबर में परीक्षाएं प्रस्तावित होने के कारण छात्र अपने घरों से लौटने लगे हैं। लॉकडाउन के कारण जो छात्र हॉस्टल छोड़कर चले गए थे, वह अब हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति मांग रहे हैं। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह का कहना है कि परीक्षाओं के आयोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद ही तिथि निर्धारित की जाएगी।
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जान के बदले एग्जाम नहीं चलेगा
प्रयागराज। पुलिस द्वारा उठाए जाने के बावजूद इविवि छात्रसंघ भवन के सामने परीक्षाओं के विरोध में दोबारा क्रमिक अनशन बैठे छात्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि जान के बदले एग्जाम नहीं चलेगा। समाजवादी छात्रसभा के बैनर तले छात्र के क्रमिक अनशन का बृहस्पतिवार को 37वां दिन था। छात्रनेता अजय यादव सम्राट ने कहा कि जेईई और नीट का आयोजन कराकर सरकार छात्रों की जान से खिलवाड़ कर रही है। इस मौके पर छात्रनेता नवनीत यादव, राहुल पटेल, मो. मुबस्सिर, शिव बली, मो. मसूद, रोहित सावन, सरवन यादव, सुनील यादव, सुनील पटेल आदि मौजूद रहे।
हॉस्टल में प्रवेश के लिए धरना जारी
प्रयागराज। इविवि के हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने छात्रों का धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। छात्र हॉस्टल में प्रवेश के साथ परीक्षाएं स्थगित किए जाने और एक वर्ष की फीस माफ किए जाने की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इविवि प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानी तो भूख हड़ताल करेंगे। धरने में जितेश मिश्र, शरद शंकर, सत्यम कुशवाहा, अभिषेक द्विवेदी, दीपक पटेल आदि शामिल रहे। उधर, सीएमपी छात्रसंघा के पूर्व अध्यक्ष करन सिंह परिहार ने केंद्रीयशिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर मांग की है कि छात्रों को हॉस्टल में रहने की अनुमति दी जाए।