सुहेलदेव एक्सप्रेस : ट्रैक पर था गिट्टी का ढेर, संयुक्त रिपोर्ट में सामने आई बात
सुहेलदेव एक्सप्रेस के मंगलवार की रात दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद प्रयागराज जंक्शन के दिल्ली आउटर पर रातभर ट्रैक दुरुस्त करने का काम चलता रहा। इस दौरान मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का भी रेलवे द्वारा गठन किया गया।
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प्रयागराज जंक्शन के आउटर पर सुहेलदेव एक्सप्रेस के इंजन और पावर कार के पटरी से उतरने के मामले में हो रही प्राथमिक जांच में इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही सामने आई है। चर्चा है कि जिस ट्रैक पर ट्रेन पटरी से उतरी वहां ईक्यूआरएस यानी गिट्टी बदलने का काम चल रहा था। यह कार्य इंजीनियरिंग विभाग द्वारा करवाया जा रहा था। वहां दो ट्रैक के बीच गिट्टी का ढेर लग गया था। जब ट्रेन वहां से गुजरी तो ट्रैक पर पड़े गिट्टी के ढेर से इंजन के पहिए टकरा गए और तेज आवाज के साथ इंजन और उसके पीछे पावर कार (जेनरेटर यान ) पटरी से उतर गया।
सुहेलदेव एक्सप्रेस के मंगलवार की रात दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद प्रयागराज जंक्शन के दिल्ली आउटर पर रातभर ट्रैक दुरुस्त करने का काम चलता रहा। इस दौरान मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का भी रेलवे द्वारा गठन किया गया। इसमें सीनियर डीएससी, सीनियर डीएमई सीएनडब्ल्यू, सीनियर डीईई ऑपरेशन और सीनियर डीईएन शामिल रहे। इस बीच सिगनल, ऑपरेटिंग, लोको, कैरेज एंड वैगन, आरपीएफ और इंजीनियरिंग विभाग की ओर से एक संयुक्त रिपोर्ट भी बुधवार को बनाई गई।
सूत्र बताते हैं कि उक्त रिपोर्ट में इंजीनियरिंग विभाग की ही लापरवाही सामने आई है। क्योंकि, वहां गिट्टी हटाने व उसके स्थान पर नई गिट्टी डालने का कार्य इंजीनियरिंग विभाग के पीडब्ल्यूआई द्वारा ही किया जा रहा था। चर्चा है कि संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर इंजीनियरिंग विभाग के कुछ कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
मंगलवार की रात 8:53 बजे गाजीपुर सिटी से आनंद विहार टर्मिनल जा रही सुहेलदेव एक्सप्रेस का इंजन और उसके पीछे पावर कार प्रयागराज जंक्शन के दिल्ली आउटर पर उतर गया था। राहतभरी बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। घटना की जांच के लिए रेलवे ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया।
बदला गया रेल ट्रैक और स्लीपर
सुहेलदेव एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद क्रॉसिंग संख्या 387 जहां घटना हुई थी उसके आसपास का रेल ट्रैक बुधवार को पूरी तरह से बदल दिया गया। इसके अलावा वहां तकरीबन 30 मीटर की दूरी तक नया स्लीपर भी बिछाया गया।
अभी दोषी कौन है यह कहना जल्दबाजी होगी। क्योंकि, इस मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - हिमांशु बडौनी, मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल