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रामकाज की चाह, अध्यक्ष पद की अभिलाषा नहींः वासुदेवानंद
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Suggestion to make Vasudevanand as President of Ram Mandir Trust
प्रयागराज। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट के स्वरूप पर संतों के एतराज केबाद अध्यक्ष पद पर जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद को लाने की मुहिम शुरू हो गई है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने मंगलवार को कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के वकील के परासरन की अध्यक्षता में किए जाने पर केंद्र सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने इस पद पर स्वामी वासुदेवानंद के नाम पर सहमति बनाने का सुझाव दिया है। उधर, जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद का कहना है कि यह ट्रस्ट ‘रामकाज’ के लिए गठित हुआ है। अध्यक्ष और सदस्य पद पर लड़नेे केलिए नहीं। ट्रस्ट की बैठक में भगवान राम की सेवा के कार्य के लिए जो निर्णय लिया जाएगा, उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे।
ट्रस्ट गठन के सवाल पर छह दिन केभीतर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने मंगलवार को दूसरी बार वासुदेवानंद को अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस ट्रस्ट में गृहस्थ को अध्यक्ष और संतों को सदस्य बनाकर संत समाज की गरिमा का ध्यान नहीं रखा गया है। ऐसे में 19 फरवरी को दिल्ली में प्रस्तावित ट्रस्ट की पहली बैठक में किसी संत को ही अध्यक्ष नामित कर दिया जाना चाहिए। उधर अध्यक्ष पद की रेस में होने के सवाल पर स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है। जो भी होगा वह 19 फरवरी को ट्रस्ट की होने वाली बैठक में ही तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह किसी दौड़ में शामिल नहीं हैं, लेकिन भगवान राम की सेवा के लिए जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाने की कोशिश करेंगे। उल्लेखनीय है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद और जगदगुरु माधवाचार्य को सदस्य के तौर पर नामित किया गया है।
विहिप के संत सम्मेलन में की थी महंत नृत्य गोपाल दास के नाम की वकालत
प्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अयोध्या की मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के नाम की भी वकालत कर चुके हैं। पिछले महीने माघ मेला के दौरान विहिप की ओर से बुलाए गए संत सम्मेलन में उन्होंने स्वामी वासुदेवानंद की मौजूदगी में महंत नृत्य गोपाल दास को ही ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने की बात कही थी। मंगलवार को वह अपने इस बयान से पीछे हट गए। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि ट्रस्ट के गठन से पहले उन्होंने इस पद पर नृत्य गोपाल दास का नाम लिया था।
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ट्रस्ट गठन के सवाल पर छह दिन केभीतर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने मंगलवार को दूसरी बार वासुदेवानंद को अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस ट्रस्ट में गृहस्थ को अध्यक्ष और संतों को सदस्य बनाकर संत समाज की गरिमा का ध्यान नहीं रखा गया है। ऐसे में 19 फरवरी को दिल्ली में प्रस्तावित ट्रस्ट की पहली बैठक में किसी संत को ही अध्यक्ष नामित कर दिया जाना चाहिए। उधर अध्यक्ष पद की रेस में होने के सवाल पर स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है। जो भी होगा वह 19 फरवरी को ट्रस्ट की होने वाली बैठक में ही तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह किसी दौड़ में शामिल नहीं हैं, लेकिन भगवान राम की सेवा के लिए जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाने की कोशिश करेंगे। उल्लेखनीय है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद और जगदगुरु माधवाचार्य को सदस्य के तौर पर नामित किया गया है।
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विहिप के संत सम्मेलन में की थी महंत नृत्य गोपाल दास के नाम की वकालत
प्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अयोध्या की मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के नाम की भी वकालत कर चुके हैं। पिछले महीने माघ मेला के दौरान विहिप की ओर से बुलाए गए संत सम्मेलन में उन्होंने स्वामी वासुदेवानंद की मौजूदगी में महंत नृत्य गोपाल दास को ही ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने की बात कही थी। मंगलवार को वह अपने इस बयान से पीछे हट गए। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि ट्रस्ट के गठन से पहले उन्होंने इस पद पर नृत्य गोपाल दास का नाम लिया था।
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