Prayagraj : दवा कारोबारियों की बंदी का दिखा व्यापक असर, बालसन, लीडर रोड की सभी दुकानें बंद
दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर रोक सहित कई मांगों को लेकर दवा कारोबारियों की एक दिन की बंदी का प्रयागराज में व्यापक असर देखा गया। एसआरएन अस्पताल के आसपास की दुकानों को छोड़कर पूरे शहर में दवा की लगभग सभी दुकानें बंद रहीं।
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दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर रोक सहित कई मांगों को लेकर दवा कारोबारियों की एक दिन की बंदी का प्रयागराज में व्यापक असर देखा गया। एसआरएन अस्पताल के आसपास की दुकानों को छोड़कर पूरे शहर में दवा की लगभग सभी दुकानें बंद रहीं। दवाओं की मंडी माने जाने वाले बालसन चौराहा और लीडर रोड पर सभी दुकानों के शटर गिरे रहे। व्यापारियों ने प्रदर्शन और धरना देकर सरकार पर दवा कारोबारियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। कारोबारियों ने कहा कि सरकार के सारे प्रतिबंध फुटकर और थोक दवा दुकानदारों के लिए बनाए गए हैं। दवाओं की ऑनलाइन बिक्री करने वालों को पूरी तरह से छूट दे दी गई है। इससे दवा की दुकानों की स्थिति खराब होती जा रही है। सरकार का इन पर कोेई प्रतिबंध नहीं है और ऑनलाइन खरीद को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों की कमर टूट जा रही है।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) की देशव्यापी बंदी का प्रयागराज में व्यापक असर देखा गया। एसआरएन अस्पताल के पास की छोड़कर शहर की सभी थोक व फुटकर दवा की दुकानें बंद रहीं। इसके अलावा ऑनलाइन फार्मेसी व शोषणकारी मूल्य निर्धारण के खिलाफ केमिस्ट और दवा विक्रेताओं का संगठन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किया। प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राणा चावला ने कहा कि
प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राणा चावला ने कहा कि बिना भौतिक सत्यापन के दवाओं की बिक्री से एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार उपयोग हो रहा है। एआई आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिये एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं की अनियंत्रित उपलब्धता एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस जैसे बड़े खतरे को जन्म दे रही है। यह सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।