फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   State University issued revised guidelines under the new education policy

Prayagraj News: बीकॉम, बीबीए और बीसीए के लिए चुने जाने वाले विषय सीमित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2024 06:46 AM IST
विज्ञापन
State University issued revised guidelines under the new education policy
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति-2020 के तहत एकल विषय वाले पाठ्यक्रमों के अभ्यर्थियों के सामने माइनर-इलेक्टिव विषय के विकल्प सीमित होंगे। एक विषय वाले पाठ्यक्रमों बीकॉम, बीबीए और बीसीए में माइनर-इलेक्टिव विषय संबंधित विषय का ही होगा।
विज्ञापन


राज्य विवि ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित स्नातक तीन वर्षीय, स्नातक चार वर्षीय, परास्नातक एक वर्षीय और परास्नातक दो वर्षीय पाठ्यक्रमों के लिए नवीन पाठ्यक्रम संरचना को सत्र 2024-25 से लागू किए जाने के लिए पहले जारी दिशा-निर्देशों में आंशिक संशोधन किया है।
विज्ञापन


राज्य विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति को वर्ष 2022 में ही लागू किया था। इस आधार पर तीन वर्षीय स्नातक का पहला बैच 2024 में निकला। नई शिक्षा नीति के तहत लेकर राज्य विवि ने चार तरह के पाठ्यक्रमों को तैयार किया था। इसमें तीन व चार वर्षीय स्नातक और एक व दो वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम शामिल हैं। अब इसमें माइनर-इलेक्टिव विषय के चयन की प्रक्रिया में आंशिक संशोधन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

माइनर इलेक्टिव विषयों का चुनाव संस्थान में संचालित मुख्य विषयों में से किया जाएगा। साथ ही चयनित माइनर विषयों की कक्षाएं संकाय में संचालित उसी मुख्य विषयों के कोर्स की कक्षाओं के साथ ही होंगी।
आंतरिक और वाह्य परीक्षा भी उसी के साथ होगी। वोकेशनल पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन 100 अंकों के सापेक्ष होगा। विद्यार्थी के प्रशिक्षण कार्य का मूल्यांकन सत्रांत में 60 अंकों का होगा। 40 अंकों की सैद्धांतिक परीक्षा भी सत्रांत में होगी।
वोकेशनल पाठ्यक्रमों को उत्तीर्ण करने के लिए 100 में 33 प्रतिशत अंक पाना आवश्यक है। महाविद्यालय अधिकतम 15 वोकेशनल पाठ्यक्रमों का क्लस्टर संचालित कर सकेंगे और इससे अधिक पाठ्यक्रम चलाने के लिए विवि से अनुमति लेनी होगी।

इसके साथ ही विज्ञान संकाय में न्यूनतम पांच विषयों की मान्यता और प्रति विषय एक शिक्षक के अनुमोदन के साथ प्रवेश के लिए प्रति सेक्शन 60 सीटें (दो सेक्शन गणित ग्रुप, दो सेक्शन जीव विज्ञान ग्रुप) और अधिकतम 240 सीटें उपलब्ध होंगी। एक विषय पुंज के लिए अधिकतम 120 सीटें अनुमन्य होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed