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राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाएं टलीं
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 13 Jun 2017 02:15 AM IST
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पीसीएस परीक्षा
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राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाएं दस दिन के लिए टाल दी गईं हैं। परीक्षाएं अब पहली जुलाई से कराई जाएंगी। इसी दौरान पुनर्परीक्षाएं भी कराई जाएंगी। इसके साथ ही सामूहिक नकल एवं पेपर लीक मामले की जांच के लिए कमेटियों का गठन भी कर दिया गया है। वहीं, जिन परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं छूट गई थीं, उन्हें राहत प्रदान करने हुए एक और मौका दिया जाएगा। यह निर्णय राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद की परीक्षा समिति की सोमवार को हुई बैठक में लिया गया।
राज्य विश्वविद्यालय की बीएड प्रथम वर्ष, एमएड प्रथम वर्ष, बीएससी एजी द्वितीय सेमेस्टर, बीसीए द्वितीय सेमेस्टर, बीपीएड द्वितीय सेमेस्टर, एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर, बीएलएलबी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच प्रस्तावित थीं। इसी बीच उन विषयों की पुनर्परीक्षाएं भी प्रस्तावित थीं, जिन्हें सामूहिक नकल के कारण निरस्त कर दिया गया था। विश्वविद्यालय में इन दिनों गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। अध्यापक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रत्यावेदन दिया था कि ज्यादातर शिक्षक छुट्टियों में बाहर गए हुए हैं। ऐसे में परीक्षा तिथि आगे बढ़ा दी जाए। इस प्रत्यावेदन पर कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक बुला ली, जिसमें निर्णय लिया गया कि परीक्षाओं को पहली जुलाई से कराए जाने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि जल्द ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।
इसके अलावा भी बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। सामूहिक नकल के आरोप में जिन 26 महाविद्यालयों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, उनके प्रत्यावेदन पर पुनर्विचार करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। साथ ही कुलभाष्कर आश्रम पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष के वनस्पति विज्ञान के तृतीय प्रश्नपत्र के व्हाट्सएप पर लीक होने के मामले की जांच के लिए भी एक अन्य तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई। यह निर्णय भी हुआ कि सत्र 2016-17 के परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं अगर किसी कारण से छूट गई हैं तो ऐसे परीक्षार्थियों का मौका और दिया जाएगा। इसके लिए परीक्षा तिथि जल्द ही निर्धारित कर ली जाएगी लेकिन सत्र 2017-18 से छूटी हुई प्रायोगिक विषयों की पुनर्परीक्षा नहीं कराई जाएगी।
राज्य विश्वविद्यालय की बीएड प्रथम वर्ष, एमएड प्रथम वर्ष, बीएससी एजी द्वितीय सेमेस्टर, बीसीए द्वितीय सेमेस्टर, बीपीएड द्वितीय सेमेस्टर, एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर, बीएलएलबी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच प्रस्तावित थीं। इसी बीच उन विषयों की पुनर्परीक्षाएं भी प्रस्तावित थीं, जिन्हें सामूहिक नकल के कारण निरस्त कर दिया गया था। विश्वविद्यालय में इन दिनों गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। अध्यापक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रत्यावेदन दिया था कि ज्यादातर शिक्षक छुट्टियों में बाहर गए हुए हैं। ऐसे में परीक्षा तिथि आगे बढ़ा दी जाए। इस प्रत्यावेदन पर कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक बुला ली, जिसमें निर्णय लिया गया कि परीक्षाओं को पहली जुलाई से कराए जाने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि जल्द ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।
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इसके अलावा भी बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। सामूहिक नकल के आरोप में जिन 26 महाविद्यालयों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, उनके प्रत्यावेदन पर पुनर्विचार करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। साथ ही कुलभाष्कर आश्रम पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष के वनस्पति विज्ञान के तृतीय प्रश्नपत्र के व्हाट्सएप पर लीक होने के मामले की जांच के लिए भी एक अन्य तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई। यह निर्णय भी हुआ कि सत्र 2016-17 के परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं अगर किसी कारण से छूट गई हैं तो ऐसे परीक्षार्थियों का मौका और दिया जाएगा। इसके लिए परीक्षा तिथि जल्द ही निर्धारित कर ली जाएगी लेकिन सत्र 2017-18 से छूटी हुई प्रायोगिक विषयों की पुनर्परीक्षा नहीं कराई जाएगी।
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