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राज्य विश्वविद्यालय : डिबार किए गए साढ़े आठ हजार छात्रों ने दिया स्पष्टीकरण
Wed, 14 Sep 2022 12:59 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 14 Sep 2022 12:59 AM IST
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prayagraj news: Rajju Bhaiya State University Prayagraj
- फोटो : prayagraj
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा में सामूहिक नकल के मामले में एक साल के लिए डिबार किए गए 9849 परीक्षार्थियों में से साढे़ आठ हजार परीक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है। यूएफएम कमेटी 21 सितंबर को इस मामले में अंतिम निर्णय लेगी।
राज्य विश्वविद्यालय के प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में 653 संघटक कॉलेज हैं। स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा के दौरान 9849 अभ्यर्थियों को सामूहिक नकल के मामले में एक वर्ष के लिए डिबार किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन परीक्षार्थियों को अंतिम मौका देते हुए इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था।
तकरीबन साढ़े आठ हजार परीक्षार्थियों ने अपने प्रत्यावेदन विश्वविद्यालय प्रशासन सौंपे हैं। प्रत्यावेदन देने की अंतिम तिथि बीत चुकी है। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के आदेश पर नोटिफिकेशन जारी किया गया है कि यूएफएम कमेटी 21 सितंबर को इस मामले में अंतिम निर्णय लेगी। हालांकि, सामूहिक नकल में डिबार किए गए परीक्षार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद कम है।
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वहीं, स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की की कॉपियों की मूल्यांकन प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो गई है। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने और रिजल्ट जारी होने के बाद सामूहिक नकल में डिबार किए जाने वाले परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ेगी। विवि प्रशासन ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम एवं उड़का दलों की रिपोर्ट के आधार पर सामूहिक नकल के मामले में चिह्नित कॉलेजों की कॉपियों का मूल्यांकन अलग से कराया है। कुलपति ने बताया कि सितंबर माह के अंत में परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।
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राज्य विश्वविद्यालय के प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में 653 संघटक कॉलेज हैं। स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा के दौरान 9849 अभ्यर्थियों को सामूहिक नकल के मामले में एक वर्ष के लिए डिबार किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन परीक्षार्थियों को अंतिम मौका देते हुए इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था।
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तकरीबन साढ़े आठ हजार परीक्षार्थियों ने अपने प्रत्यावेदन विश्वविद्यालय प्रशासन सौंपे हैं। प्रत्यावेदन देने की अंतिम तिथि बीत चुकी है। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के आदेश पर नोटिफिकेशन जारी किया गया है कि यूएफएम कमेटी 21 सितंबर को इस मामले में अंतिम निर्णय लेगी। हालांकि, सामूहिक नकल में डिबार किए गए परीक्षार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद कम है।
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वहीं, स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की की कॉपियों की मूल्यांकन प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो गई है। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने और रिजल्ट जारी होने के बाद सामूहिक नकल में डिबार किए जाने वाले परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ेगी। विवि प्रशासन ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम एवं उड़का दलों की रिपोर्ट के आधार पर सामूहिक नकल के मामले में चिह्नित कॉलेजों की कॉपियों का मूल्यांकन अलग से कराया है। कुलपति ने बताया कि सितंबर माह के अंत में परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।