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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Staff Nurse Exam: Paper is easy, but there is less space to write, 89.59 percent candidates appeared

Staff Nurse Exam : पेपर आसान, पर लिखने के लिए कम पड़ गई जगह, 89.59 फीसदी अभ्यर्थी हुए शामिल

Sun, 28 Jul 2024 07:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 28 Jul 2024 07:37 PM IST
सार

इस परीक्षा के तहत स्टाफ नर्स के 2240 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें स्टाफ नर्स (पुरुष) के 171 पदों और स्टाफ नर्स (महिला) के 2069 पद शामिल हैं। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र आसान और संतुलित रहा। लखनऊ से परीक्षा देने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग केंद्र में आईं महिला अभ्यर्थी संजू, साधना और रेखा ने बताया कि प्रश्नों का जवाब देने के लिए उत्तर पुस्तिका में जितनी जगह दी गई थी, वह पर्याप्त नहीं थी।

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Staff Nurse Exam: Paper is easy, but there is less space to write, 89.59 percent candidates appeared
स्टाफ नर्स की परीक्षा देकर निकलती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्टाफ नर्स एलोपैथ (पुरुष/महिला) मुख्य परीक्षा-2023 में शामिल अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र तो आसान लगा, लेकिन उत्तर पुस्तिका में लिखने के लिए जगह कम पड़ गई। रविवार को प्रयागराज और लखनऊ के आठ केंद्रों में सुबह 9:30 से अपराह्न 12:30 तक एक सत्र में आयोजित परीक्षा के लिए 3556 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 89.5 फीसदी परीक्षार्थियाें ने उपस्थिति दर्ज कराई।

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इस परीक्षा के तहत स्टाफ नर्स के 2240 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें स्टाफ नर्स (पुरुष) के 171 पदों और स्टाफ नर्स (महिला) के 2069 पद शामिल हैं। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र आसान और संतुलित रहा। लखनऊ से परीक्षा देने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग केंद्र में आईं महिला अभ्यर्थी संजू, साधना और रेखा ने बताया कि प्रश्नों का जवाब देने के लिए उत्तर पुस्तिका में जितनी जगह दी गई थी, वह पर्याप्त नहीं थी।

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ऐसे में जवाब लिखने में थोड़ी कठिनाई हुई। छोटे-छोटे अक्षरों में जवाब लिखना पड़ा, ताकि निर्धारित शब्द सीमा में प्रश्नों के उत्तर लिखे जा सकें। मुख्य परीक्षा तीन घंटे की थी और 85 अंकों का एक प्रश्नपत्र था। प्रश्न दो खंडों में विभाजित था। खंड-अ में कुल पांच लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे गए। सभी प्रश्नों के उत्तर देने अनिवार्य थे। प्रत्येक प्रश्न पांच अंकों का था और अधिकतम शब्द सीमा 125 थी। वहीं, खंड-ब में कुल छह दीर्घ उत्तरीय प्रश्न थे।

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अभ्यर्थियों को इनमें से कोई चार प्रश्न हल करने थे। प्रत्येक प्रश्न 15 अंकों का था और अधिकतम शब्द सीमा 300 थी। दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में पूछा गया कि स्वास्थ्य मूल्यांकन के तरीकों पर चर्चा करें। शिशु की वृद्धि और विकास का वर्णन करें। एक्लेम्पसिया से पीड़ित मां के नर्सिंग प्रबंध पर चर्चा करें। मनोसामाजिक उद्दश्यों पर चर्चा करें, जो आपके रोगी को प्रभावित करते हैं।

वहीं, लघु उत्तरी सवाल पूछे गए कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार शिशु, बच्चों और गर्भवती माताओं के लिए एक टीकाकरण कार्यक्रम तैयार करें। अंत:स्त्रावी और बहि:स्त्रावी ग्रंथियों के बीच अंतर करें। संचार में आने वाली बाधाओं को बताएं। मनोग्रसित बाध्यता विकार (ओसीडी) की नैदानिक विशेषताओं का वर्णन करें। नर्सिंग कंप्यूटर के उपयोग पर चर्चा करें।

परीक्षा केंद्रों पर आयोग के कंट्रोल रूम की थी नजर

परीक्षा के लिए प्रयागराज में दो और लखनऊ में छह यानी कुछ आठ केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिये परीक्षा की लाइव स्ट्रीमिंग हो रही थी और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में बने कंट्रोल रूप से केंद्रों पर सीधी नजर रखी जा रही थी। प्रश्न पत्र डिजिटल लॉक वाले बक्सों में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। परीक्षार्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी भी ली गई।

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