सर्जरी विभाग में मारपीट के बाद डॉक्टर का सिर फूटने से नाराज जूनियर रेजीडेंट शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए। हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू हो गया। इस दौरान 20 घंटे तक चिकित्सा सेवा ठप रहने से मरीज और तीमारदार बिलबिला उठे। बृहस्पतिवार की देर रात डेढ़ बजे मरीज के परिजनों और जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर के बीच मारपीट के बाद शुरू हुआ चिकित्सकों का विरोध -प्रदर्शन शुक्रवार की रात नौ बजे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद समाप्त हुआ। इस दौरान सुबह से रात तक मरीज दर्द से कराहते रहे। इलाज न मिलने से तमाम मरीजों को लेकर तीमारदार लौट गए।
मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी होने के बाद जूनियर रेजीडेंट हड़ताल समाप्त करने को राजी हुए। सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीज के परिजनों और जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर के बीच देर रात झड़प होने का मुद्दा सुबह होने तक और गरम हो गया। कार्रवाई की मांग को लेकर सभी विभागों के जूनियर डाक्टर धरने पर बैठ गए। रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले धरने पर बैठे जेआर ने कार्य बहिष्कार कर ट्रामा सेंटर पर ताला बंद कर दिया। जिससे इमरजेंसी में आने वाले मरीज दर्द से कराह उठे। मरीजों को मजबूरी में वापस जाना पड़ा।
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Prayagraj News : मारपीट के विरोध में कैंडल मार्च निकालते जूनियर डॉक्टर।
- फोटो : अमर उजाला।
शाम तक कार्रवाई न होने से नाराज सभी जेआर ने अस्पताल से मेडिकल कॉलेज तक कैंडिल मार्च निकाल कर विरोध व्यक्त किया। जेआर ने डाक्टरों के साथ मारपीट बंद करने, परिसर में गुंडागर्दी पर रोक लगाने और आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग की गई। मार्च के बाद दोषियों की गिरफ्तारी होने पर डाक्टर मान गए और हडताल समाप्त कर दी। एसआरएन के सर्जरी विभाग के वार्ड नंबर 15 में प्रतापगढ़ के एक मरीज को 26 मार्च को भर्ती किया गया था। उसकी आंतों का ऑपरेशन भी किया गया था। बीती छह अप्रैल की रात को मरीज के परिजन ने मरीज को दर्द होने पर जेआर से अभद्रता की थी।
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Prayagraj News : मारपीट के विरोध में धरना प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर।
- फोटो : अमर उजाला।
जेआर ने आचरण को लेकर ऐतराज किया तो उसके साथ मारपीट की स्थिति बन गई। कुछ ही देर में परिजन ने बाहर से कुछ लोगों को बुुला लिया जो असलहे लिए हुए थे। जूनियर रेजिडेंट का आरोप है कि मरीज के परिजनों ने पिस्टल लगाकर फायर करने की कोशिश की, मगर गोली नहीं चली। तब तक पुलिस चौकी से पहुंचेे सिपाहियों ने उन्हें पकड़ लिया। हालांकि मामले की सूचना पर जब तक चिकित्सक एकत्र हुए, तब तक पकड़े गए लोग चौकी से गायब हो चुके थे। इस पर चिकित्सक भड़क गए और विरोध मेंं धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले सभी विभागों के जूनियर रेजीडेंट ने एकजुट होकर कार्य बहिष्कार कर दिया। जिससे ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी सेवाएं ठप हो गईं।
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Prayagraj News : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान हुए मरीज।
- फोटो : अमर उजाला।
काम बंद होनेे की वजह से ट्रामा आए रोगियों को दिनभर उपचार नहीं मिला। यहां तक कि जांच के लिए पर्चे भी नहीं बने। जिससे मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दर्द से कराहते मरीज मजबूरी में दूसरे अस्पतालों के लिए चले गए। एसआरएन परिसर में दिनभर नारेबाजी होती रही। मगर कोई कार्रवाई न होने से नाराज जेआर ने एसआरएन से मेडिकल कॉलेज तक कैंडिल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। एसआरएन चौकी इंचार्ज नेे बताया कि उन्होंने एक टीम को प्रतापगढ़ भेजकर जेआर से मारपीट करने के दोषी दीपक और उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद जेआर धरना समाप्त करने को राजी हुए।
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Prayagraj News : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद एसआरएन परिसर में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला।
रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने खोला मोर्चा
मारपीट के विरोध में रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोला। जिसमें अध्यक्ष डॉ. अनवर अहमद सिद्दकी, जनरल सेकेट्री डॉ. सौम्या श्रीवास्तव, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. उदय प्रताप सिंह, को-आर्डीनेटर डॉ. जयराम, डॉ. रजत पांडेय, डॉ. सूर्यकांत शुक्ल, डॉ. देवाशीष शर्मा, डॉ. सार्थक उत्तम, वाइस प्रेसीडेंट डॉ. आशीष गुप्त, डॉ. अरविंद, डॉ. सौरभ पांडेय, ज्वाइंट सेकेट्री डॉ. यतीश जोशी, डॉ. सलमान, डॉ. श्रेया राज और डॉ. निकित, डॉ. रविप्रताप सिंह सहित अन्य जूनियर रेजीडेंट मौजूद रहे।
...बोले अध्यक्ष -न्याय मिलने तक हमने कार्य बहिष्कार कर रखा। मगर किसी वरिष्ठ, विभागाध्यक्ष या प्रशासन को सेवाएं संचालित करने से नहीं रोका गया। दोषियों को पुलिस ने पकड़ने के बाद छोड़ दिया, यह शर्मनाक बात थी। अस्पताल में अगर जेआर सुरक्षित नहीं महसूस करेंगे तो वह काम कैसे करेंगे। सुरक्षित माहौल मिलने के आश्वासन और दोषियों की गिरफ्तारी के बाद धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। - डॉ. अनवर अहमद सिद्दकी, अध्यक्ष रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन।