फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Special on Gandhi Jayanti: Allahabad Museum is still cherishing the precious memories of Bapu

गांधी जयंती पर विशेष : बापू की अनमोल स्मृतियों को आज भी संजोए हुए है इलाहबाद संग्रहालय

Sun, 30 Jan 2022 04:55 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 30 Jan 2022 04:55 AM IST
सार

इलाहाबाद संग्रहालय में बापू की निशानियों और उनके पत्रों की थाती सहेज कर रखी गई है। बापू जेब घड़ी रखते थे। आखिरी सांस तक उनके पास जो घड़ी थी, वह अब संग्रहालय में है। साथ ही उनका वो प्रिय चरखा भी है, जिस पर वह सूत कातते थे।

विज्ञापन
Special on Gandhi Jayanti: Allahabad Museum is still cherishing the precious memories of Bapu
prayagraj news : इलाहाबाद संग्रहालय। - फोटो : prayagraj

विस्तार

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान के संघर्षों से लेकर उनकी अस्थि कलश विसर्जन यात्रा तक की अनमोल निशानियों को संगमनगरी संजोए हुए है। यहां उनकी जेब घड़ी भी है और जिस चरखे पर वो सूत काता करते थे, वह चरखा भी।

विज्ञापन



दांडी यात्रा के समय बापू के हाथों तैयार किया गया नमक भी आप देख सकते हैं और वह वाहन भी जिस पर बापू के अस्थि कलश को रखकर संगम तक ले जाया गया था। बापू की पुण्यतिथि पर रविवार को उनसे जुड़ी यह धरोहर निशानियां इलाहाबाद संग्रहालय में लोगों के लिए दर्शनीय बनेंगी।
विज्ञापन



इलाहाबाद संग्रहालय में बापू की निशानियों और उनके पत्रों की थाती सहेज कर रखी गई है। बापू जेब घड़ी रखते थे। आखिरी सांस तक उनके पास जो घड़ी थी, वह अब संग्रहालय में है। साथ ही उनका वो प्रिय चरखा भी है, जिस पर वह सूत कातते थे। बापू के चरखा और घड़ी के अलावा उनसे जुड़ी अन्य वस्तुओं की वजह से  संग्रहालय में अलग से गांधी बीथिका बना गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Special on Gandhi Jayanti: Allahabad Museum is still cherishing the precious memories of Bapu
Prayagraj News : इलाहाबाद संग्रहालय में रखी है महात्मा गांधी की घड़ी। - फोटो : प्रयागराज

दांडी का नमक भी है सुरक्षित

इस गांधी बीथिका में उनकी निशानियां पर्यटकों का ध्यान खींचती रही हैं। इस संग्रहालय को बापू की यह निशानियां वर्ष 1954 में सौंपी गई थीं। संग्रहालय की गांधी बीथिका और स्मृति वाहन के प्रभारी वाबन वानखेड़े बताते हैं कि प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू ने उनके चरखे और घड़ी को संग्रहालय प्रशासन को प्रदान किया था।

दांडी का नमक आज भी है सुरक्षित

वर्ष 1950 में कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रस्ताव पारित कर गांधी की इन वस्तुओं को संग्रहालय को दान करने का निर्णय लिया गया था। इतना ही नहीं,  नमक आंदोलन से जुड़ी यादें भी यहां ताजा की जा सकती हैं। दांडी यात्रा के दौरान महात्मा गांधी ने जो नमक बनाया था, उसे भी संग्रहालय प्रशासन ने नीलामी में ले कर संग्रहीत कर लिया है। दांडी का नमन छह सौ रुपये में नीलाम हुआ था। इसके अलावा संग्रहालय बापू के हाथ के लिखे कई पत्र भी सहेज कर रखे गए हैं।

Special on Gandhi Jayanti: Allahabad Museum is still cherishing the precious memories of Bapu
Prayagraj News : इलाहाबाद संग्रहालय में आज भी सुरक्षित है गांधी स्मृति वाहन। - फोटो : प्रयागराज

संग्रहालय में देखिए गांधी स्मृति वाहन 
इलाहाबाद संग्रहालय में गांधी का वो स्मृति वाहन भी है, जिस पर उनका अस्थिकलश लाया गया था। इस अस्थि कलश को फोर्ड कंपनी के वाहन पर सजा कर ले जाया गया था। तब इस वाहन पर जवाहर लाल नेहरू के अलावा सरदार वल्लभ भाई पटेल और गोविंद वल्लभ पंत सवार थे। अस्थि विसर्जन के बाद इस वाहन को गांधी स्मृति वाहन के रूप में संग्रहालय में रखवा दिया गया। बापू की याद में हर वर्ष 13 फरवरी को इस वाहन को आम जनता के दर्शनार्थ रखा जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed