प्रयागराज : करवा चौथ पर सुहागिनों के साथ युवतियों के लिए भी खास संयोग
करवा चौथ का व्रत आमतौर पर पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए रखा जाता है लेकिन इस बार पर्व का ज्योतिषीय पक्ष युवतियों के लिए भी खास बताया जा रहा है।
विस्तार
करवा चौथ का व्रत आमतौर पर पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए रखा जाता है लेकिन इस बार पर्व का ज्योतिषीय पक्ष युवतियों के लिए भी खास बताया जा रहा है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 29 अक्तूबर को गुरु ग्रह की अनुकूल स्थिति के कारण पीली वस्तुओं का दान करना शुभ है। यह संयोग इतना अच्छा है कि जिन युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है, वे इस दिन शादी की कामना से बृहस्पतिवार के व्रत का संकल्प ले सकती हैं।
ग्रह नक्षत्रम ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय बताते हैं कि चंद्रोदय के समय वृष लग्न रहेगा और उसमें चंद्रमा उच्च राशि में रहेगा। चंद्रोदय के समय चंद्रमा की यह स्थिति व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए विशेष मंगलकारी होगी। संवाद
21 केले या बेसन के लड्डू का दान होगा लाभकारी
ज्योतिषाचार्य गुंजन वार्ष्णेय बताती हैं कि इस बार करवा चौथ बृहस्पतिवार को होने के कारण देवगुरु बृहस्पति से जुड़ी पीली वस्तुओं के दान का विशेष महत्व है। महिलाएं 21 बेसन के लड्डू या 21 केले दान कर सकती हैं। सामर्थ्य के अनुसार अन्य पीली वस्तुएं भी दान की जा सकती हैं।
युवतियां नौ या 12 बृहस्पतिवार का ले सकती हैं संकल्प
विवाह के लिए युवतियां इस दिन से बृहस्पतिवार का व्रत शुरू कर सकती हैं। ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय कहते हैं कि विवाह में बाधा आने पर बृहस्पतिवार का व्रत करने की परंपरा है। इस बार करवा चौथ पर अति शुभ संयोग होने के कारण कन्याएं अपनी श्रद्धा के अनुसार नौ या 12 बृहस्पतिवार तक व्रत रखने का संकल्प ले सकती हैं।
रात 7:57 के बाद होगा चंद्रोदय
पंचांग की गणितीय गणना के अनुसार, बृहस्पतिवार को रात 7ः57 के बाद चंद्रोदय होगा। ज्योतिषाचार्य गुंजन वार्ष्णेय के मुताबिक, अलग-अलग शहरों में करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के समय में भिन्नता संभव है। बृहस्पतिवार को रोहिणी नक्षत्र दोपहर 2ः24 तक है। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का संचरण होगा। इस बार करवा चौथ पर बृहस्पति अपनी उच्च कर्क राशि में है। चंद्रमा अपनी उच्च वृष राशि में, सूर्य, बुध, शुक्र की युति तुला राशि में, मंगल कर्क राशि में एवं शनि की मीन राशि में स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण और मंगलकारी है।
सुहागिनों के साथ कुंवारी कन्याओं के लिए भी खास संयोग
पंचांग की गणितीय गणना के अनुसार गुरुवार को रात 7ः57 के बाद चंद्रोदय होगा। ज्योतिषाचार्य गुंजन वार्ष्णेय के मुताबिक अलग-अलग शहरों में करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के समय में भिन्नता संभव है। गुरुवार को रोहिणी नक्षत्र दोपहर 2ः24 तक है, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का संचरण होगा। इस बार करवा चौथ पर बृहस्पति अपनी उच्च कर्क राशि में हैं, चंद्रमा अपनी उच्च वृष राशि में, सूर्य, बुध, शुक्र की युति तुला राशि में, मंगल कर्क राशि में एवं शनि की मीन राशि में स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण और मंगलकारी है।