{"_id":"589cc69e4f1c1bc15537b81a","slug":"sp-congress-alaince-allahabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन सीटों पर टूटा गठबंधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन सीटों पर टूटा गठबंधन
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:46 AM IST
विज्ञापन
कांग्रेस
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद की दो विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तथा एक सीट पर भाजपा-अपना दल के बीच गठबंधन टूट गया। बृहस्पतिवार को नाम वापसी के बाद तीन सीटों पर स्थिति स्पष्ट हो गई। अब यहां गठबंधन वाली दोनों पार्टियों के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे। उधर, सोरांव में भी सपा और कांग्रेस के प्रत्याशी एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे।
गठबंधन के बाद माना जा रहा था कि शहर उत्तरी समेत कोरांव और बारा विधानसभा सीटों पर सपा प्रत्याशी नहीं खड़ा करेगी। यह सीटें कांग्रेस के हिस्से जाएंगी। सपा ने शहर उत्तरी सीट तो कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन कोरांव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृपाल कोल के नामांकन के बाद सपा के टिकट पर रामदेव निडर ने भी नामांकन कर दिया। कहा जा रहा है कि बृहस्पतिवार को निडर नाम वापसी के लिए गए लेकिन आरओ के सामने देर से उपस्थिति होने के कारण नाम वापसी नहीं हो सकी। सपा जिलाध्यक्ष कृष्ण मूर्ति सिंह यादव का कहना है कि कोरांव सीट पर अब कोई भी निर्णय प्रदेश नेतृत्व लेगा।
उधर, बारा विधानसभा सीट पर भी सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। यहां से कांग्रेस ने सुरेश कुमार वर्मा को प्रत्याशी बनाया है तो सपा से अजय मैदान में हैं। माना जा रहा था कि भाजपा प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं लेकिन बृहस्पतिवार को ऐसा नहीं हुआ। दूसरी ओर सोरांव विधानसभा सीट पर भाजपा और अपना दल (सोनेलाल) के बीच भी गठबंधन टूट गया। दोनों पार्टियों में गठबंधन पर समझौता होने के बाद अद ने यहां से जमुना प्रसाद को मैदान में उतारा लेकिन छह फरवरी को सुरेंद्र कुमार चौधरी ने भाजपा के टिकट पर नामांकन कर सबको चौंका दिया। बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद अब यहां भी दोनों प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। इसी सीट पर सपा ने भी बेहद नाटकीय ढंग से पहले मौजूदा विधायक सत्यवीर मुन्ना का टिकट काटा और सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन बाद में फिर से सत्यवीर को प्रत्याशी बना दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गठबंधन के बाद माना जा रहा था कि शहर उत्तरी समेत कोरांव और बारा विधानसभा सीटों पर सपा प्रत्याशी नहीं खड़ा करेगी। यह सीटें कांग्रेस के हिस्से जाएंगी। सपा ने शहर उत्तरी सीट तो कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन कोरांव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृपाल कोल के नामांकन के बाद सपा के टिकट पर रामदेव निडर ने भी नामांकन कर दिया। कहा जा रहा है कि बृहस्पतिवार को निडर नाम वापसी के लिए गए लेकिन आरओ के सामने देर से उपस्थिति होने के कारण नाम वापसी नहीं हो सकी। सपा जिलाध्यक्ष कृष्ण मूर्ति सिंह यादव का कहना है कि कोरांव सीट पर अब कोई भी निर्णय प्रदेश नेतृत्व लेगा।
विज्ञापन
उधर, बारा विधानसभा सीट पर भी सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। यहां से कांग्रेस ने सुरेश कुमार वर्मा को प्रत्याशी बनाया है तो सपा से अजय मैदान में हैं। माना जा रहा था कि भाजपा प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं लेकिन बृहस्पतिवार को ऐसा नहीं हुआ। दूसरी ओर सोरांव विधानसभा सीट पर भाजपा और अपना दल (सोनेलाल) के बीच भी गठबंधन टूट गया। दोनों पार्टियों में गठबंधन पर समझौता होने के बाद अद ने यहां से जमुना प्रसाद को मैदान में उतारा लेकिन छह फरवरी को सुरेंद्र कुमार चौधरी ने भाजपा के टिकट पर नामांकन कर सबको चौंका दिया। बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद अब यहां भी दोनों प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। इसी सीट पर सपा ने भी बेहद नाटकीय ढंग से पहले मौजूदा विधायक सत्यवीर मुन्ना का टिकट काटा और सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी लेकिन बाद में फिर से सत्यवीर को प्रत्याशी बना दिया।
विज्ञापन