सतर्कता : महाकुंभ में खालिस्तानी और मोस्ट वांटेड अपराधियों का चेहरा देखते ही बजेगा सायरन
खालिस्तान मोस्ट वांटेड अपराधियों का महाकुंभ में प्रवेश रोकने के लिए पुलिस ने खासा इंतजाम किया है। चिन्हित अपराधियों के चित्रों को डिवाइस में अपलोड कर दिया गया है। इनके दिखते ही सायरन बजने लगेगा और कंट्रोल रूम को इसकी सूचना देगा।
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महाकुंभ मेले में प्रवेश करने वाले खालिस्तानी और मोस्ट वांटेड अपराधियों को लेकर मेला पुलिस ने खाका खींचा है। मेले में आने वाले खालिस्तानी और मोस्ट वांटेड अपराधियों का चेहरा देखते ही सायरन बजेगा। जिससे सक्रिय होकर पुलिस अपराधियों को धर दबोचेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम में इन सभी की फोटो को अपलोड किया जाएगा।
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की महाकुंभ को लेकर दी गई धमकी के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। ऐसे में मेला पुलिस अब खालिस्तानी और मोस्ट वांटेड एक सूची तैयार कर रही है। साथ ही यूपी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत देश के अलग-अलग शहरों के खालिस्तानी और टॉप अपराधियों की सूची मांगी गई है। अगले कुछ दिनों में यहां से सूची मिलते ही इन सभी की फोटो को फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम में अपलोड कर दिया जाएगा।
जैसे ही एआई आधारित फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम के लगे कैमरों के सामने से कोई गुजरेगा तो अपलोड की गई फोटो से अपराधियों की पहचान कर पुलिस कंट्रोल रूम में नोटिफिकेशन के साथ ही इसका सायरन बजने लगेगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मेला में सुरक्षा व्यवस्था बनी रहेगी। पुलिस अफसरों ने बताया कि देश-विदेश के विभिन्न शहरों के रहने वाले अपराधी कई बार पुलिस से बचने के लिए अपना शहर छोड़ देते हैं। दूसरे शहरों में पनाह लेने के बाद उनको लगता है कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर पाएगी। मेला सुरक्षा के लिए यूपी समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से मांगे गए सूची में से 200 से अधिक मोस्ट वांटेड अपराधियों के चेहरे को अपलोड करने की संभावना है।
अपराधियों के लिए ऐसे काम करेगा सिस्टम
फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (चेहरा पहचान प्रणाली) पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित है। इसके तहत एक विशेष सॉफ्टवेयर चिन्हित चेहरों को मिलान करता है। किसी व्यक्ति की फोटो सिस्टम में अपलोड किया जाता है तो जैसे ही वह चेहरा कैमरे के सामने आता है तो सिस्टम उसे भीड़ से भी पहचान लेगा। वहीं, एसएसपी मेला राजेश द्विवेदी ने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाया गया है। ऐसा करने से अपराधियों में खौफ तो रहेगा। साथ ही पुलिस की कई टीमें कैमरों के सामने बैठकर संदिग्धों की निगरानी भी करेगी।
वाहनों के लिए एएनपीआर कैमरे
वहीं, महाकुंभ मेले के दौरान वाहन में सवार होकर अपराधी तंबुओं की नगरी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। क्षेत्र और शहर में आने वाले वाहनों की निगरानी के लिए पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आटो मैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जा रहा है। इन कैमरों के जरिए जिले में प्रवेश करने वाले वाहनों और उसमें बैठे लोगों पर नजर रखी जाएगी।