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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   SHUATS: Big relief to Vinod B Lal from Supreme Court, apex court cancels gangster case

SHUATS: विनोद बी लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, शीर्ष अदालत ने गैंगस्टर केस को किया रद्द

Sun, 25 May 2025 01:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 25 May 2025 01:10 PM IST
सार

सर्वोच्च न्यायालय ने शुआट्स के पूर्व निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल के खिलाफ नैनी थाने में दर्ज गैंगस्टर मुकदमे को रद्द कर दिया है। याची के अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे एवं कुमार विक्रांत घोष की दलील सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया।

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SHUATS: Big relief to Vinod B Lal from Supreme Court, apex court cancels gangster case
विनोद बी लाल। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय ने शुआट्स के पूर्व निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल के खिलाफ नैनी थाने में दर्ज गैंगस्टर मुकदमे को रद्द कर दिया है। याची के अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे एवं कुमार विक्रांत घोष की दलील सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया। कोर्ट के समक्ष दलील दी गई कि याची पर दर्ज मुकदमे, अपीलकर्ता पर किसी विशेष प्रत्यक्ष कार्य का आरोप नहीं लगाते हैं। कहा कि याची पर दर्ज एफआईआर में बल प्रयोग और हिंसा का दूर-दूर तक कोई आरोप नहीं है।

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जस्टिस जेबी पारदीवाला एवं जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने विभिन्न निर्णयों में, विशेष रूप से हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल में एफआईआर को रद्द करने और उसके बाद की कार्रवाई के निर्धारित मापदंड को आधार बनाया । बेंच ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त आधार है, लेकिन एफआईआर में लगाए गए आरोप संज्ञेय अपराध नहीं बनते हैं।
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अलबत्ता केवल गैर-संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं। यह भी आरोप साबित करने में विफल रहे कि क्या उक्त उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हिंसा, धमकी, हिंसा का प्रदर्शन, धमकी या जबरदस्ती का कोई कार्य किया गया था। सप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में जांच के अनुसरण में दायर आरोपपत्र में भी एफआईआर की विषय-वस्तु को दोहराने के अलावा कुछ प्रपत्रों और दस्तावेजों पर कथित रूप से अस्पष्ट संदर्भ दिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस मामले में गैंगस्टर रूल्स 2021 की धारा-16 व 17 के प्राविधानों का उल्लंघन किया गया है। 

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