shri krishna janmashtami 2021 : ड्राईफ्रूट्स के दाम में भारी इजाफे से कान्हा के पकवानों पर इस बार अफगानिस्तान का संकट
दरअसल अफगानिस्तान से बड़ी मात्रा में ड्राईफ्रूट्स भारत में आता है। वहां तालिबान की वजह से कई दिनों से ड्राईफ्रूट यहां नहीं आ पा रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से पिस्ता, बादाम, अखरोट आदि शामिल है। इस वजह से प्रयागराज में लगातार ड्राईफ्रूट के दाम बढ़ रहे हैं।
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जन्माष्टमी के अवसर पर इस बार ड्राईफ्रूट का संकट गहरा गया है। अफगानिस्तान में बने हालात की वजह से पिछले कई दिनों से वहां से आने वाले तमाम तरह के ड्राईफ्रूट का आयात बंद चल रहा है। इस वजह से प्रयागराज में ड्राईफ्रूट के रेट में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। खास बात यह है कि काजू, चिरौंजी आदि ड्राईफ्रूट अफगानिस्तान से यहां नहीं आते, उनकी भी कीमतें बाजार में बढ़ती जा रही है। इस वजह से जन्माष्टमी के मौके पर शहर में पिछले वर्ष की तुलना में ड्राईफ्रूट की बिक्री कम हुई है। उधर मेवे से बनने वाली मिठाइयों के दाम भी कारोबारियों ने बढ़ा दिए हैं।
दरअसल अफगानिस्तान से बड़ी मात्रा में ड्राईफ्रूट्स भारत में आता है। वहां तालिबान की वजह से कई दिनों से ड्राईफ्रूट यहां नहीं आ पा रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से पिस्ता, बादाम, अखरोट आदि शामिल है। इस वजह से प्रयागराज में लगातार ड्राईफ्रूट के दाम बढ़ रहे हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले त्यौहारी सीजन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उधर जन्माष्टमी और उसके बाद आने वाले तमाम त्योहारों पर बाजार में सूखे मेवे की किल्लत होने लगी है। जुलाई माह में बाजार में जहां बादाम 600 रुपये से 700 रुपये किलो में मिल रहा था, अचानक उसका दाम बढ़कर 900 से 1050 रुपये किलो हो गया है।
इसी तरह अखरोट का भी दाम 650-700 से बढ़कर 1000 रुपये किलो या उससे अधिक हो गया है। मेवे के कारोबारी विकास केसरवानी ने बताया कि अफगानिस्तान से आयात प्रभावित होने के बाद ड्राईफ्रूट के रेट बढ़ गए है। जिसका असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। जन्माष्टमी पर ड्राईफ्रूट्स का अच्छा खासा कारोबार होता था लेकिन इस बार ग्राहक रेट सुनकर तमाम ग्राहक तो वापस ही लौट गए। कुछ ऐसे भी ग्राहक थे जो 500 ग्राम से एक किलो तक बादाम खरीदते थे, वह अब पाव भर तक ही बादाम खरीद रहे हैं। मेवा विक्रेता राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि ड्राईफ्रूट के रेट बढ़ने से लोगों की जेब पर भी असर पड़ा है। हाल ही में जन्माष्टमी का त्यौहार आने वाला है और फिर दिवाली भी है। इस वजह से त्यौहारी सीजन में लोगों के समक्ष परेशानी आ सकती है। गृहणी संध्या श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का प्रसाद को बनाया जाएगा लेकिन उसमें मेवे का प्रयोग कम किया जाएगा।
ड्राई फ्रूट की बढ़ रही कीमत का असर उससे बनने वाली मिठाइयों पर भी पड़ा है। रक्षा बंधन के अवसर पर मेवे से निर्मित तमाम मिठाइयों के दाम 100 से 200 रुपये किलो तक बढ़ गए। कामधेनू स्वीटस के प्रोपराइटर इंदर मध्यान बताते हैं कि मेवा की बढ़ी कीमतों की वजह से इस बार रक्षा बंधन पर कुछ मिठाइयों के दाम बढ़ाने पड़े। स्टेटमैन स्वीट्स के राशिद सगीर ने बताया कि सूखे मेवों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इस वजह से मेवे से बनने वाली मिठाइयों के दाम में थोड़ी वृद्धि करनी पड़ी है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान की तरह बादाम की आपूर्ति कैलीफोर्निया से भी होती है। लेकिन वहां इस बार फसल 40 फीसदी तक कम हुई है। इसका असर भी बादाम की आपूर्ति पर पड़ा है।