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आयोग की सख्ती का दिखा असर, नहीं मिली कोई गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 10 Aug 2015 01:13 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा 2015 में आयोग की ओर से की गई सख्ती का असर परीक्षा पर दिखाई पड़ा। एसएससी मध्य क्षेत्र की ओर से उत्तर प्रदेश एवं बिहार के नौ शहरों में हुई परीक्षा में कहीं से कोई गड़बड़ी नहीं पकड़ी गई। सीजीएल की पहले चरण की परीक्षा के लिए मध्य क्षेत्र की ओर से कुल 3.5 लाख परीक्षार्थियों के लिए 362 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। इलाहाबाद में 77 केंद्रों पर 98500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
एसएससी मध्य क्षेत्र की ओर से बाहरी परीक्षार्थियों पर कड़ी निगरानी और परीक्षा के दौरान यूनिक पेपर सेट तैयार किए जाने से मोबाइल और इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल करने वाले अभ्यर्थी पहले चरण में ही बाहर हो गए। एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि यूनिक पेपर सेट तैयार करके हर प्रश्न के क्रमांक बदलने और ओएमआर से सीधे प्रश्नपत्र को जोड़ देने से नकलचियों के मंसूबे सफल नहीं हो सके। एसएससी की ओर से सीजीएल 2015 में परीक्षा कक्ष के अंदर परीक्षार्थियों के बैठने का क्रम कक्ष निरीक्षक एवं केन्द्र व्यवस्थापक को दे देने के बाद नकलची एक साथ नहीं बैठ पाए। इसके साथ ओएमआर पर बायें हाथ का अंगूठा लगाए जाने के नियम के बाद फर्जी परीक्षार्थियों को भी रोका जा सका है।
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एसएससी मध्य क्षेत्र की ओर से बाहरी परीक्षार्थियों पर कड़ी निगरानी और परीक्षा के दौरान यूनिक पेपर सेट तैयार किए जाने से मोबाइल और इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल करने वाले अभ्यर्थी पहले चरण में ही बाहर हो गए। एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि यूनिक पेपर सेट तैयार करके हर प्रश्न के क्रमांक बदलने और ओएमआर से सीधे प्रश्नपत्र को जोड़ देने से नकलचियों के मंसूबे सफल नहीं हो सके। एसएससी की ओर से सीजीएल 2015 में परीक्षा कक्ष के अंदर परीक्षार्थियों के बैठने का क्रम कक्ष निरीक्षक एवं केन्द्र व्यवस्थापक को दे देने के बाद नकलची एक साथ नहीं बैठ पाए। इसके साथ ओएमआर पर बायें हाथ का अंगूठा लगाए जाने के नियम के बाद फर्जी परीक्षार्थियों को भी रोका जा सका है।
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