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नए सत्र बनी रहेगी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी
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shortage of teachers in secondary scholls will continue in new session
प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र के शुरू होने के पहले लगभग तीन हजार शिक्षक सेवानिवृत हो जाएंगे। इनके सेवानिवृत होने के बाद पहले से 40 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी झेल रहे माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई लिखाई बेपटरी हो जाएगी। प्रदेश के अधिकतर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मुख्य विषयों गणित, विज्ञान, अंग्रेजी में सहायक अध्यापक और भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, जीव विज्ञान में प्रवक्ता के पद खाली होने से पढ़ाई लिखाई नहीं हो रही है।
उतर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से इस समय 2013 एवं 2016 में विज्ञापित टीजीटी एवं प्रवक्ता के पदों पर अब तक भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन पदों के नहीं भरने से प्रदेश में 2017 में नई सरकार के गठन और चयन बोर्ड के पुनर्गठन के बाद से अब तक शिक्षक भर्ती का एक भी विज्ञापन जारी नहीं हो सका।
पुनर्गठित आयोग की ओर से मात्र पुरानी सरकार की ओर से विज्ञापित पदों पर ही भर्ती की जा रही है। इसी बीच चयन बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने से एक बार फिर से इसके कामकाज पर विराम लग जाएगा। ऐसे में शिक्षकों के पदों पर नई भर्ती की संभावना जल्द नहीं बन रही।
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प्रदेश सरकार की ओर से बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के पद भरने के लिए एक शिक्षा सेवा आयोग के गठन की तैयारी हो रही है। शासन की ओर से आयोग का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को दी गई थी। ड्राफ्ट तैयार हुआ कि नहीं, इस बारे में सरकार की ओर से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इस बीच कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद देश एवं प्रदेश में हर प्रकार की गतिविधि ठप होने से लगता है कि शैक्षिक सत्र 2020-21 में भी माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों के खाली 40 हजार पदों पर नियुक्ति संभव नहीं है।
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उतर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से इस समय 2013 एवं 2016 में विज्ञापित टीजीटी एवं प्रवक्ता के पदों पर अब तक भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन पदों के नहीं भरने से प्रदेश में 2017 में नई सरकार के गठन और चयन बोर्ड के पुनर्गठन के बाद से अब तक शिक्षक भर्ती का एक भी विज्ञापन जारी नहीं हो सका।
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पुनर्गठित आयोग की ओर से मात्र पुरानी सरकार की ओर से विज्ञापित पदों पर ही भर्ती की जा रही है। इसी बीच चयन बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने से एक बार फिर से इसके कामकाज पर विराम लग जाएगा। ऐसे में शिक्षकों के पदों पर नई भर्ती की संभावना जल्द नहीं बन रही।
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प्रदेश सरकार की ओर से बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के पद भरने के लिए एक शिक्षा सेवा आयोग के गठन की तैयारी हो रही है। शासन की ओर से आयोग का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को दी गई थी। ड्राफ्ट तैयार हुआ कि नहीं, इस बारे में सरकार की ओर से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इस बीच कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद देश एवं प्रदेश में हर प्रकार की गतिविधि ठप होने से लगता है कि शैक्षिक सत्र 2020-21 में भी माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों के खाली 40 हजार पदों पर नियुक्ति संभव नहीं है।