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शिक्षक भर्ती: दो रिश्तेदार हिरासत में, चंद्रमा की तलाश में कौशाम्बी में दबिश
Fri, 19 Jun 2020 12:24 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 19 Jun 2020 12:24 AM IST
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prayagraj news: शिक्षक भर्ती घोटाले का सरगना और मास्टर माइंड केएल पटेल।
- फोटो : prayagraj
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69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के सरगना केएल पटेल के मददगार चंद्रमा यादव समेत अन्य की तलाश बृहस्पतिवार को भी जारी रही। उसके धूमनगंज स्थित स्कूल में लगे कैमरे की फुटेज के आधार पर एसटीएफ ने उसके दो करीबियों को हिरासत में लिया है।
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जिनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ टीम चंद्रमा की तलाश में आसपास के जिलों में दबिश दे रही है। मामले का खुलासा करने वाली सोरांव पुलिस ने सरगना केएल पटेल समेत 11 लोगों को जेल भेजा था। उधर जांच मिलने के बाद से एसटीएफ मामले में नामजद दो समेत कुल छह लोगों की तलाश में जुटी है।
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इनमें नकल माफिया चंद्रमा यादव, मामले में नामजद मायापति व धर्मेद्र, प्रतापगढ़ निवासी दुर्गेश व अन्य शामिल हैं। चंद्रमा धूमनगंज में स्कूल चलाता है और वह टीईटी में धांधली की कोशिश के दौरान इसी साल जनवरी में जेल भेजा जा चुका है। शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के सरगना केएल पटेल ने अपने बयान में उसका नाम अपने नाम मददगार के तौर पर लिया था।
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जिसकी जानकारी पर एसटीएफ ने उसे भी वांछित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, चंद्रमा की तलाश में जुटी एसटीएफ ने धूमनगंज स्थित उसके स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो उसमें दो चेहरे बार-बार नजर आए। जानकारी पर पता चला कि दोनेां चंद्रमा के रिश्तेदार हैं और उसके बेहद करीबी भी हैं।
इसके बाद एसटीएफ ने दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि उनकी पिछले कुछ दिनों से फोन पर किसी ऐसे शख्स से बात हो रही है जो एक ही मोबाइल में बार-बार सिम बदल रहा है। यानी आईएमईआई तो वही है लेकिन उस पर हर बार अलग-अलग नंबरों से बात की जा रही है।
आशंका इस बात की भी है कि कहीं चंद्रमा ही एसटीएफ से बचने के लिए तो ऐसा नहीं कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसटीएफ ने दोनों रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में चंद्रमा के कौशाम्बी में रहने वाले कुछ करीबियों के बारे में जानकारी मिली है।
जिसके बाद एसटीएफ टीम ने उसकी तलाश में कौशाम्बी में भी छापेमारी शुरू कर दी है। उधर मायापति व अन्य की तलाश में भदोही, जौनपुर व आसपास के जिलों में भी दबिश दी जा रही है। एसटीएफ अफसरों का कहना है कि आरोपियों की तलाश में उनके हरसंभावित ठिकाने पर दबिश दी जा रही है।
परीक्षा एजेंसियों, विभागों से भी सांठगांठ
नकल माफिया चंद्रमा यादव के बारे में अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक उसकी पहुंच काफी ऊपर तक है। स्कूल प्रबंधक होने के साथ ही वह कई बड़े नेताओं से भी जुड़ा रहा है। बताया जा रहा है िकि उसकी भर्ती परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसियों व विभागों में भी सांठगांठ है।
यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में हर बड़ी परीक्षा का केंद्र उसके स्कूल में बना। मामले में एसटीएफ अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन उनका कहना है कि हर बिंदु को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।