शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती बोले: सनातन धर्म सब धर्मों में श्रेष्ठ, राम के चरित्र को जीवन में उतारने की जरूरत
यह भी कहा कि हमारा सनातन धर्म सभी धर्म में सर्वोपरि है और सभी में प्रेम बांटने का कार्य करता है। भगवान श्री राम ने प्रेम में ही शबरी के झूठे बेर खाए। मानव सहित संपूर्ण जगत का कल्याण किया। ऋषि-मुनियों के यज्ञ की रक्षा की। आवश्यकता पड़ी तो शक्ति प्रदर्शन भी किया। भगवान राम के इस चरित्र से प्रत्येक मानव को सीख लेनी चाहिए।
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भगवान राम और केवट की मिलनस्थली श्रृंगवेरपुर धाम में रामायण मेला आयोजन समिति की ओर से संचालित भव्य गंगा आरती में कांची कामकोटि जगतगुरु शंकराचार्य शंकर विजेंद्र सरस्वती जी महाराज ने बतौर मुख्य अतिथि मां गंगा की आरती उतारी। शंकराचार्य ने कहा कि श्रृंगवेरपुर धाम वह भूमि है, जिसने अपने अस्तित्व को हमेशा सुरक्षित रखा।अब वह समय आ गया है, जब भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के पश्चात श्रृंगवेरपुर धाम का और भी अधिक तीर्थ के रूप में विकास होगा।
यह भी कहा कि हमारा सनातन धर्म सभी धर्म में सर्वोपरि है और सभी में प्रेम बांटने का कार्य करता है। भगवान श्री राम ने प्रेम में ही शबरी के झूठे बेर खाए। मानव सहित संपूर्ण जगत का कल्याण किया। ऋषि-मुनियों के यज्ञ की रक्षा की। आवश्यकता पड़ी तो शक्ति प्रदर्शन भी किया। भगवान राम के इस चरित्र से प्रत्येक मानव को सीख लेनी चाहिए।
राष्ट्रीय रामायण मेला के महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया की राष्ट्रीय रामायण मेला प्रारंभ होने से कुछ ही समय पूर्व शंकराचार्य जी का आगमन श्रृंगवेरपुर धाम क्षेत्र वासियों के लिए अत्यंत सुखद है। शंकराचार्य श्री स्वामी जी ने स्थानीय निषाद परिवारों को अंग वस्त्रम से सम्मानित भी किया।
इस मौके पर राष्ट्रीय रामायण मेला के अध्यक्ष डॉ बालकृष्ण पांडेय, सियाराम सरोज, समाज शेखर प्राण, कृष्णचंद्र पांडेय, रामजीत उपाध्याय, पवन शुक्ला, डॉ रमापति त्रिपाठी, बसंत लाल उपाध्याय, रामचंद्र यादव फौजी, कार्तिकेय अग्रवाल, आशीष केसरवानी, तीर्थ पुरोहित आचार्य कृष्ण कुमार त्रिपाठी, संजय कुमार त्रिपाठी आदि रहे। गंगा आरती की संपूर्ण प्रबंधन व्यवस्था मेला के संयुक्त मंत्री अमित द्विवेदी ने किया।