शंकराचार्य बोले : कार्तिक मास में तुलसी पूजन का विशेष महत्व, दीपक जलाने पर मिलती है भगवान विष्णु की कृपा
पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक बाजपेयी के आवास पर प्रवास कर रहे शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने कहा कि स्कंद पुराण में वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है। कार्तिक माह में तुलसी पूजन नियमपूर्वक करने और उसके समक्ष दीपक जलाने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।
विस्तार
कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने शनिवार को कहा कि कार्तिक मास में तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। इस माह भगवान विष्णू का पूजन कर सारे धार्मिक कार्य प्रारंभ होते हैं। शंकराचार्य ने यह विचार पारेरहाट भवन में सनातन धर्म संस्थान के सदस्यों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक बाजपेयी के आवास पर प्रवास कर रहे शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने कहा कि स्कंद पुराण में वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है। कार्तिक माह में तुलसी पूजन नियमपूर्वक करने और उसके समक्ष दीपक जलाने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है। शंकराचार्य ने पारेरहाट भवन में मौजूद भक्तों से कहा कि जिस घर में तुलसी होती है वहां यमदूत प्रवेश नहीं करते। तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम से हुआ। इसलिए कहा जाता है कि जो तुलसी की भक्ति करता है, उसे भगवान की कृपा मिलती है।
उन्होंने एक कथा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान विष्णु ने तुलसी को वरदान दिया था मुझे शालिग्राम के नाम से तुलसी के साथ पूजा जाएगा। जो व्यक्ति बिना तुलसी मेरी पूजा करेगा, उसका भोग मैं स्वीकार नहीं करुंगा। शास्त्रों के अनुसार तुलसी के चारों स्तंभ बनाकर रखने चाहिए। पूर्व पार्षद राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि शंकराचार्य 19 नवंबर को पूर्व सांसद रत्ना सिंह के यहां जाएंगे। इस दौरान वहां वह अपने भक्तों को संबोधित भी करेंगे। उक्त कार्यक्रम में पूर्व मंंत्री अशोक बाजपेयी, विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी, वीएस मणि, रमणी शास्त्री, मधु चकहा आदि भी शिरकत करेंगे।